Friday, July 17, 2026
Homeमहाराष्ट्रनशामुक्ति नीति-2011 के प्रभावी क्रियान्वयन की आवश्यकता.

नशामुक्ति नीति-2011 के प्रभावी क्रियान्वयन की आवश्यकता.

हिंगोली: नशामुक्ति के प्रचार-प्रसार के लिए कार्यरत महाराष्ट्र की लगभग 100 संस्थाओं एवं संगठनों के राज्यस्तरीय मंच “व्यसनमुक्त महाराष्ट्र समन्वय मंच” की दो दिवसीय कार्यशाला जळगांव (खानदेश) स्थित प्रसिद्ध चेतना नशामुक्ति केंद्र में आयोजित की गई।कार्यशाला के प्रथम सत्र में सामाजिक कार्यकर्ता एवं महाराष्ट्र शासन द्वारा “राष्ट्रपिता महात्मा गांधी राज्यस्तरीय पुरस्कार” से सम्मानित विशाल अग्रवाल ने प्रथम पुष्प अर्पित करते हुए मार्गदर्शन किया।मंच पर राज्य संयोजक एवं वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता अविनाश पाटील (धुले), वरिष्ठ वैज्ञानिक सुधीर फाकटकर (पुणे) तथा चेतना नशामुक्ति केंद्र के संचालक एवं कार्यशाला संयोजक, मनोवैज्ञानिक डॉ. नितीन विसपुते सहित अनेक गणमान्य उपस्थित थे।अपने संबोधन में विशाल अग्रवाल ने कहा कि महाराष्ट्र सरकार की नशामुक्ति नीति-2011 का प्रभावी और त्वरित क्रियान्वयन किया जाना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि शराब, तंबाकू, गुटखा, ड्रग्स एवं अन्य नशों से होने वाले सामाजिक और आर्थिक दुष्परिणामों से जनता को बचाने के लिए सरकार को ठोस कदम उठाने चाहिए।

उन्होंने यह भी कहा कि स्वस्थ और नशामुक्त भारत के निर्माण के लिए नई पीढ़ी को विद्यालय एवं महाविद्यालय स्तर से ही नशामुक्ति के प्रति जागरूक किया जाना चाहिए। शिक्षा के पाठ्यक्रम में नशे के दुष्परिणाम तथा नशामुक्त जीवन के लाभों को शामिल करने की आवश्यकता है।

कार्यशाला में राज्यभर से नशामुक्ति क्षेत्र में कार्यरत संस्थाओं, संगठनों एवं कार्यकर्ताओं ने बड़ी संख्या में भाग लिया। विभिन्न सत्रों में प्रतीक्षा दापूरकर (वर्धा), डॉ. अंजली पाटील, डॉ. वंदना वाघचौरे, सुप्रसिद्ध लेखिका इला मेश्राम (चंद्रपुर), भाऊसाहेब पठाडे, विजय भंडे (छत्रपति संभाजीनगर), गौरव आळणे (नागपुर), सुरेखा फाकटकर (पुणे), संदीप कटकुरवार (गडचिरोली) सहित अनेक वक्ताओं ने अपने विचार व्यक्त किए।

कार्यशाला का उद्देश्य नशामुक्ति के क्षेत्र में कार्यरत सभी संस्थाओं एवं कार्यकर्ताओं के बीच समन्वय स्थापित करना, अनुभवों का आदान-प्रदान करना तथा भविष्य की कार्ययोजना तय करना रहा।

कार्यक्रम के प्रारंभ में डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर, सावित्रीबाई फुले, महात्मा ज्योतिबा फुले, राजर्षि शाहू महाराज, छत्रपति शिवाजी महाराज तथा राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमाओं पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी गई।

- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments