
डॉ. बी.एम. शरणागत को मिला प्रतिष्ठित ‘आईएमए लीडरशिप अवॉर्ड-2026’, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने किया सम्मानित

बालाघाट/नई दिल्ली, 19 जुलाई। मध्यप्रदेश के बालाघाट जिले के लिए गर्व और सम्मान का अवसर उस समय आया, जब जिले के वरिष्ठ एवं प्रतिष्ठित चिकित्सक डॉ. बी.एम. शरणागत को चिकित्सा सेवा, सामाजिक दायित्वों के निर्वहन और प्रभावशाली नेतृत्व के लिए इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) के प्रतिष्ठित ‘आईएमए लीडरशिप अवॉर्ड-2026’ से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हें 18 जुलाई 2026 को नई दिल्ली में आयोजित भव्य डॉक्टर्स डे समारोह में भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के कर-कमलों से प्रदान किया गया। इस अवसर पर देशभर से आए वरिष्ठ चिकित्सक, स्वास्थ्य विशेषज्ञ, चिकित्सा संस्थानों के प्रतिनिधि और विभिन्न राज्यों के आईएमए पदाधिकारी उपस्थित रहे।

यह सम्मान केवल एक चिकित्सक की उपलब्धि नहीं, बल्कि पूरे बालाघाट जिले के लिए गौरव का विषय बन गया है। राष्ट्रीय स्तर पर मिले इस सम्मान ने जिले का नाम पूरे देश में गौरवान्वित किया है। समारोह में डॉ. शरणागत के चिकित्सा क्षेत्र में लंबे समय से किए जा रहे उत्कृष्ट कार्यों, सामाजिक प्रतिबद्धता और स्वास्थ्य सेवाओं में उल्लेखनीय योगदान की सराहना की गई।
चिकित्सा सेवा और मानवीय संवेदनाओं का मिला राष्ट्रीय सम्मान

डॉ. बी.एम. शरणागत को यह प्रतिष्ठित सम्मान स्वास्थ्य सेवाओं में उनके दशकों लंबे योगदान, मरीजों के प्रति संवेदनशील एवं मानवीय व्यवहार, ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों तक चिकित्सा सुविधाएं पहुंचाने के प्रयास तथा चिकित्सा क्षेत्र में प्रभावशाली नेतृत्व के लिए प्रदान किया गया। उन्होंने अपने चिकित्सकीय जीवन में हजारों मरीजों का उपचार कर उन्हें नया जीवन देने के साथ-साथ समाज में स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने, निवारक स्वास्थ्य सेवाओं को प्रोत्साहित करने और जनहित के विभिन्न अभियानों में सक्रिय भूमिका निभाई है।

चिकित्सा जगत में उनकी पहचान एक ऐसे चिकित्सक के रूप में रही है, जिन्होंने सेवा को हमेशा व्यवसाय से ऊपर रखा। यही कारण है कि मरीजों और समाज के बीच उन्होंने विश्वास, सम्मान और अपनत्व की एक अलग पहचान बनाई है।

‘यह सम्मान पूरे बालाघाट की जनता का है’
सम्मान प्राप्त करने के बाद डॉ. बी.एम. शरणागत ने अपनी खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि यह पुरस्कार केवल उनका व्यक्तिगत सम्मान नहीं है, बल्कि उनके सभी मरीजों, सहयोगी चिकित्सकों, स्वास्थ्यकर्मियों और बालाघाट की जनता के विश्वास एवं स्नेह का सम्मान है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि उन्हें भविष्य में और अधिक समर्पण, निष्ठा और मानवीय भावना के साथ स्वास्थ्य सेवाएं देने के लिए प्रेरित करेगी।
उन्होंने कहा कि चिकित्सक का वास्तविक पुरस्कार मरीज के चेहरे पर लौटने वाली मुस्कान और उसके स्वस्थ जीवन की कामना है। राष्ट्रीय स्तर पर मिला यह सम्मान उनके लिए जिम्मेदारियों को और बढ़ाने वाला है।

बालाघाट में खुशी की लहर, हर वर्ग ने दी शुभकामनाएं
जैसे ही सम्मान की जानकारी बालाघाट पहुंची, जिलेभर में खुशी की लहर दौड़ गई। चिकित्सकों, सामाजिक संगठनों, जनप्रतिनिधियों, शिक्षाविदों, विभिन्न संस्थाओं और नागरिकों ने डॉ. शरणागत को शुभकामनाएं देते हुए इसे जिले के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि बताया। सोशल मीडिया पर भी उन्हें बधाई देने वालों का सिलसिला लगातार जारी रहा।
जिले के प्रबुद्ध नागरिकों का कहना है कि छोटे शहर से निकलकर राष्ट्रीय स्तर पर इतनी बड़ी उपलब्धि हासिल करना युवाओं और चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए प्रेरणादायक उदाहरण है। यह सम्मान यह भी दर्शाता है कि समर्पण और उत्कृष्ट कार्य किसी भी व्यक्ति को राष्ट्रीय पहचान दिला सकते हैं।
युवा चिकित्सकों के लिए बने प्रेरणास्रोत
डॉ. बी.एम. शरणागत वर्षों से चिकित्सा क्षेत्र में अपनी ईमानदार कार्यशैली, सरल व्यक्तित्व और मरीजों के प्रति मानवीय दृष्टिकोण के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने कठिन परिस्थितियों में भी सेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी और ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य जागरूकता अभियान चलाकर लोगों को बेहतर स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने का कार्य किया।
उनके नेतृत्व में अनेक सामाजिक एवं स्वास्थ्य संबंधी पहलें सफलतापूर्वक संचालित हुईं, जिनका लाभ हजारों लोगों को मिला। चिकित्सा सेवा के साथ सामाजिक उत्तरदायित्व निभाने की उनकी सोच ने उन्हें चिकित्सा जगत में विशिष्ट पहचान दिलाई है।
बालाघाट के लिए गौरव का क्षण
आईएमए लीडरशिप अवॉर्ड-2026 से सम्मानित होना केवल डॉ. बी.एम. शरणागत की व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि पूरे बालाघाट जिले के लिए गर्व और प्रेरणा का विषय है। यह सम्मान इस बात का प्रमाण है कि समर्पित सेवा, उत्कृष्ट नेतृत्व और समाज के प्रति संवेदनशील कार्यों को राष्ट्रीय स्तर पर सदैव सम्मान मिलता है। डॉ. शरणागत की यह उपलब्धि आने वाली पीढ़ियों के चिकित्सकों के लिए प्रेरणास्रोत बनेगी तथा बालाघाट का नाम देशभर में सम्मान के साथ लिया जाएगा।

