
70 हजार से अधिक लोगों ने ली तंबाकू छोड़ने की काउंसलिंग, COTPA उल्लंघन पर 10.97 लाख रुपये का जुर्माना
रायपुर, 31 जुलाई। छत्तीसगढ़ में तंबाकू नियंत्रण को लेकर चलाया जा रहा अभियान अब केवल जागरूकता तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि काउंसलिंग, उपचार, कानून के सख्त पालन और शिक्षण संस्थानों को तंबाकू मुक्त बनाने जैसे बहुआयामी प्रयासों के कारण राज्य ने इस दिशा में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। वर्ष 2025-26 के दौरान 70,440 लोगों ने तंबाकू छोड़ने के लिए काउंसलिंग प्राप्त की, जबकि 6,563 लोगों को काउंसलिंग के साथ फार्माकोथेरेपी की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई।
युवाओं को तंबाकू की लत से बचाने के उद्देश्य से संचालित ‘टोबैको फ्री एजुकेशनल इंस्टीट्यूशन (ToFEI)’ अभियान के तहत वर्षभर में 4,577 नए शिक्षण संस्थानों को तंबाकू मुक्त घोषित किया गया। इसके साथ ही राज्य में तंबाकू मुक्त शिक्षण संस्थानों की संख्या बढ़कर 14,948 हो गई है। इनमें शासकीय एवं निजी विद्यालयों के साथ महाविद्यालय और अन्य शैक्षणिक संस्थान भी शामिल हैं।
कानून के उल्लंघन पर सख्ती, 10.97 लाख रुपये का जुर्माना
तंबाकू नियंत्रण अभियान के तहत सिगरेट एवं अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम (COTPA) के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष जोर दिया गया। सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान निषेध नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध 7,783 चालान कर 10 लाख 97 हजार 670 रुपये का जुर्माना वसूला गया। इसके अलावा 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों को तंबाकू उत्पाद बेचने अथवा उनसे खरीदने के मामलों में 1,088 चालान किए गए। वहीं शिक्षण संस्थानों के 100 गज के दायरे में तंबाकू उत्पादों की बिक्री के विरुद्ध 1,187 चालान की कार्रवाई भी की गई।
कई विभागों के समन्वय से चला अभियान
तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम को प्रभावी बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग के साथ पुलिस, खाद्य एवं औषधि प्रशासन, कृषि, स्कूल शिक्षा, उच्च शिक्षा तथा तकनीकी शिक्षा विभागों का भी सहयोग लिया गया। विभिन्न विभागों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए। राज्य स्तरीय कानून प्रवर्तन प्रशिक्षण में 84 प्रतिभागियों तथा तंबाकू मुक्त शिक्षण संस्थान अभियान से संबंधित प्रशिक्षण में 90 प्रतिभागियों ने भाग लिया। जिला स्तर पर आयोजित 123 प्रशिक्षण कार्यक्रमों में 15,113 अधिकारियों एवं कर्मचारियों को प्रशिक्षित किया गया।
मौखिक स्वास्थ्य कार्यक्रम से भी जोड़ा गया तंबाकू नियंत्रण अभियान
तंबाकू सेवन से होने वाले मौखिक रोगों को ध्यान में रखते हुए राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम को राष्ट्रीय मौखिक स्वास्थ्य कार्यक्रम से भी जोड़ा गया है। इसके तहत 34 दंत चिकित्सकों को तंबाकू मुक्ति केंद्रों में सेवाएं देने के लिए प्रशिक्षित किया गया। वर्ष 2025-26 के दौरान मौखिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत 8 लाख 79 हजार 253 ओपीडी सेवाएं तथा 3 लाख 60 हजार 263 दंत चिकित्सा प्रक्रियाएं संपन्न की गईं। कार्यक्रम के तहत ओपीडी सेवाओं में 92 प्रतिशत उपलब्धि दर्ज की गई, जबकि दंत उपचार का लक्ष्य 100 प्रतिशत से अधिक हासिल किया गया।
समेकित प्रयासों से जनस्वास्थ्य को मिल रही मजबूती
राज्य सरकार ने जागरूकता, तंबाकू मुक्ति काउंसलिंग, उपचार, शिक्षण संस्थानों को तंबाकू मुक्त बनाने तथा COTPA के प्रभावी क्रियान्वयन को एकीकृत कर तंबाकू नियंत्रण की मजबूत कार्यप्रणाली विकसित की है। इन समन्वित प्रयासों के परिणामस्वरूप छत्तीसगढ़ तंबाकू नियंत्रण और जनस्वास्थ्य संरक्षण के क्षेत्र में प्रभावी मॉडल के रूप में उभर रहा है।

