Friday, July 17, 2026
HomeUncategorizedग्रामीण अंचल की बेटी प्रज्ञा गेडाम ने रचा इतिहास, एमपी-पीएससी में माइनिंग...

ग्रामीण अंचल की बेटी प्रज्ञा गेडाम ने रचा इतिहास, एमपी-पीएससी में माइनिंग इंस्पेक्टर पद पर हुआ चयन

सरकारी स्कूलों से पढ़ाई कर हासिल की बड़ी सफलता, पूरे क्षेत्र में खुशी; समाज करेगा भव्य सम्मान

बालाघाट/कटंगी। कटंगी विकासखंड के ग्राम समतपुरी की होनहार बेटी प्रज्ञा गेडाम ने मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग (एमपी-पीएससी) की परीक्षा में सफलता प्राप्त करते हुए माइनिंग इंस्पेक्टर के प्रतिष्ठित पद पर चयनित होकर ग्रामीण अंचल का नाम प्रदेशभर में गौरवान्वित किया है। उनकी इस उपलब्धि से पूरे बालाघाट जिले, क्षेत्र और समाज में हर्ष का वातावरण है। सामाजिक, शैक्षणिक एवं कर्मचारी संगठनों ने इसे ग्रामीण प्रतिभाओं के लिए प्रेरणादायक उपलब्धि बताते हुए प्रज्ञा को बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।

आल इंडिया समता सैनिक दल के प्रांतीय क्षेत्रीय सचिव, बालाघाट जिला बौद्ध संघ के वरिष्ठ सदस्य तथा मध्यप्रदेश शिक्षक संघ के संभागीय सदस्य एस. आर. उके ने जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि प्रतिभा कभी भी बड़े शहरों या आधुनिक संसाधनों की मोहताज नहीं होती। यदि लक्ष्य स्पष्ट हो, आत्मविश्वास अटूट हो और कठिन परिश्रम के साथ निरंतर प्रयास किया जाए तो ग्रामीण अंचल की बेटियां भी सफलता के नए इतिहास लिख सकती हैं। उन्होंने कहा कि प्रज्ञा गेडाम की सफलता समाज की बेटियों के लिए प्रेरणा का सशक्त उदाहरण है।

प्रज्ञा गेडाम के पिता नंदकिशोर गेडाम शिक्षा विभाग में कार्यरत हैं और वर्तमान में शासकीय विद्यालय लिंगा (जिला बालाघाट) में शिक्षक के रूप में सेवाएं दे रहे हैं। उनकी माता धर्मकला गेडाम गृहिणी हैं। परिवार में शिक्षा, अनुशासन और संस्कारों का वातावरण रहा, जिसने प्रज्ञा को बचपन से ही मेहनत, लगन और लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने की प्रेरणा दी। यही संस्कार उनकी सफलता की मजबूत नींव बने।

प्रज्ञा ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा ग्राम समतपुरी के शासकीय विद्यालय से आठवीं कक्षा तक पूरी की। इसके बाद उन्होंने उत्कृष्ट विद्यालय कटंगी से नौवीं एवं दसवीं की शिक्षा प्राप्त की तथा शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कटंगी से गणित विषय के साथ 11वीं एवं 12वीं की पढ़ाई पूरी की। उच्च शिक्षा के लिए उन्होंने शासकीय जटाशंकर महाविद्यालय, बालाघाट से बी.एससी. एवं एम.एससी. की डिग्रियां प्राप्त कीं। सीमित संसाधनों और ग्रामीण परिवेश में रहकर उन्होंने लगातार अध्ययन, आत्मविश्वास और कठिन परिश्रम के बल पर यह उल्लेखनीय सफलता अर्जित की।

एस. आर. उके ने कहा कि प्रज्ञा गेडाम ने यह सिद्ध कर दिया है कि सफलता केवल सुविधाओं पर निर्भर नहीं करती, बल्कि दृढ़ इच्छाशक्ति, अनुशासित जीवन और निरंतर प्रयास ही व्यक्ति को उसके लक्ष्य तक पहुंचाते हैं। उनकी उपलब्धि उन छात्राओं के लिए विशेष प्रेरणा है, जो ग्रामीण क्षेत्रों में रहकर भी बड़े सपने देखती हैं और उन्हें साकार करने का साहस रखती हैं।

प्रज्ञा गेडाम की सफलता पर क्षेत्र के विभिन्न सामाजिक, शैक्षणिक एवं कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारियों तथा गणमान्य नागरिकों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। बधाई देने वालों में आर. डी. देशभ्रतार, एस. आर. उके, संजय खोबरागड़े, हंसराज मेश्राम, सचिन मेश्राम, प्रशांत मेश्राम, स्वराज बारमाटे, वंदना रमेश रंगारे, एच. आर. रानाडे, विकास खाण्डेकर, एन. आर. डोंगरे, एच. के. नेवारे, मेघराज नगपुरे, प्रहलाद पटले एवं पंकज चिले सहित अनेक सामाजिक कार्यकर्ता और प्रबुद्धजन शामिल हैं।

संगठन के पदाधिकारियों ने निर्णय लिया है कि समाज का नाम रोशन करने वाली इस प्रतिभाशाली बेटी का शीघ्र ही भव्य नागरिक सम्मान समारोह आयोजित कर सम्मान किया जाएगा। इस अवसर पर विद्यार्थियों, विशेषकर छात्राओं को प्रज्ञा गेडाम के संघर्ष, अनुशासन और सफलता की कहानी से प्रेरित करने का भी प्रयास किया जाएगा, ताकि ग्रामीण अंचल की अन्य प्रतिभाएं भी उच्च प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता प्राप्त कर अपने क्षेत्र और समाज का नाम रोशन कर सकें।

- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments