पंचशील बुद्ध विहार में नवनियुक्त एल्डरमैन व पार्षद का भव्य सम्मान, समाज ने एकजुट होकर दिया विकास का संदेश
बिलासपुर।
टिकरापारा स्थित पंचशील बुद्ध विहार में रविवार को आयुष्मति मीरा ताई गावडे की पहल एवं सुझाव पर छत्तीसगढ़ शासन द्वारा नवनियुक्त एल्डरमैन शेखर पाल, लालटू घोष, योगेश बोले तथा वार्ड पार्षद कृष्णा रजक के सम्मान में गरिमामय एवं सामाजिक सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में उपासकों एवं क्षेत्र के प्रबुद्ध नागरिकों ने भाग लेकर सामाजिक एकता, समता और सहयोग का संदेश दिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ त्रिशरण एवं पंचशील ग्रहण करने के साथ सामूहिक बुद्ध वंदना से हुआ। इसके पश्चात नवनियुक्त जनप्रतिनिधियों का गुलाब पुष्प, शाल एवं श्रीफल भेंट कर आत्मीय सम्मान किया गया। सम्मान समारोह में आयुष्मान लोकेश पुजा ऊके, आयुष्मति ललिता ताई वाहने, आयुष्मति वंदना भांगे तथा आयुष्मान मुकेश गोंडाने ने अतिथियों का अभिनंदन किया।
अपने संबोधन में सम्मानित अतिथियों ने पंचशील बुद्ध विहार के जीर्णोद्धार एवं मरम्मत कार्य को प्राथमिकता बताते हुए कहा कि विहार के विकास के लिए आवश्यक राशि के आबंटन की प्रक्रिया प्रगति पर है तथा कार्य शीघ्र प्रारंभ कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि पंचशील बुद्ध विहार केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि सामाजिक जागरूकता, नैतिक मूल्यों, शिक्षा, समता और सामुदायिक एकता का महत्वपूर्ण केंद्र है, जिसके विकास में हरसंभव सहयोग दिया जाएगा।
सम्मान समारोह के दौरान आयुष्मति मीरा ताई गावडे, अनामिका पाटिल, दिलीप खोबरागड़े एवं अन्य उपासकों ने सभी सम्मानित अतिथियों को डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर के विचारों पर आधारित पुस्तक “डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर : भाषण और लेख (फूले निःशुल्क पाठशाला)” स्मृति-चिह्न स्वरूप भेंट की। यह भेंट ज्ञान, समता, बंधुत्व एवं सामाजिक चेतना के मूल्यों के प्रति समाज की सामूहिक प्रतिबद्धता का प्रतीक रही।
इस अवसर पर आयुष्मान योगेश मानटकर ने पूर्व में कहा था कि पंचशील बुद्ध विहार शहर की पहचान है। यहां आयोजित कार्यक्रम धम्म, समाज और सामाजिक चेतना को नई दिशा देने वाले होते हैं। विहार की लोकप्रियता और सामाजिक भूमिका को आगे बढ़ाने के लिए सभी उपासकों की सक्रिय सहभागिता आवश्यक है। उन्होंने समाज के प्रत्येक व्यक्ति से ऐसे आयोजनों में बढ़-चढ़कर भाग लेने का आह्वान करते हुए कहा कि यह किसी प्रतिष्ठा का विषय नहीं, बल्कि समाज की पहचान और एकता को मजबूत करने का माध्यम है।
योगेश मानटकर की इस अपील का सकारात्मक प्रभाव देखने को मिला और पंचशील बुद्ध विहार के समस्त उपासकों के साथ टिकरापारा के अनेक प्रबुद्ध नागरिकों ने उत्साहपूर्वक अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई। समाज के विभिन्न वर्गों की सहभागिता ने कार्यक्रम को आत्मीयता, अनुशासन, सामाजिक समरसता और भाईचारे का अनुपम स्वरूप प्रदान किया।
कार्यक्रम का प्रभावी एवं सफल संचालन आयुष्मान कमलेश लाव्हत्रे ने किया। अंत में आयुष्मान मुकेश गोंडाने ने सभी अतिथियों, उपासकों एवं उपस्थित नागरिकों के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम को सफल बनाने में प्रदीप वासनिक, दिलीप खोबरागड़े, मनीश पाटिल, वाहने, भरत पाटिल,दिलीप मैश्राम, चेतना तम्हाने, सुयभान वाल्के , लक्ष्मी वैध, संतोष खोबरागड़े ,मनोज बौद्ध, विनोद ऊके सहित क्षेत्र की अनेक महिलाओं एवं समाज के गणमान्य नागरिकों की सक्रिय सहभागिता रही।
यह सम्मान समारोह जनप्रतिनिधियों और समाज के बीच विश्वास, सहयोग, सामाजिक उत्तरदायित्व तथा समतामूलक समाज के निर्माण की दिशा में एक प्रेरणादायी और सार्थक पहल के रूप में यादगार बन गया।






