Friday, July 17, 2026
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कारखाना अधिनियम के उल्लंघन पर चार औद्योगिक प्रतिष्ठानों पर 8 लाख रुपये का अर्थदंड

श्रम न्यायालय रायगढ़ की सख्त कार्रवाई, श्रमिकों की सुरक्षा से समझौता करने वाले उद्योगों पर कसा शिकंजा

रायपुर, 14 जुलाई। कारखाना अधिनियम, 1948 के प्रावधानों का उल्लंघन करने वाले चार औद्योगिक प्रतिष्ठानों पर श्रम न्यायालय रायगढ़ ने कड़ी कार्रवाई करते हुए कुल 8 लाख रुपये का अर्थदंड लगाया है। यह कार्रवाई श्रमिकों की सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं श्रम कानूनों के प्रभावी पालन को सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

रायगढ़ कलेक्टर के निर्देश पर जिले में संचालित विभिन्न औद्योगिक इकाइयों और कारखानों का नियमित निरीक्षण किया जा रहा है। निरीक्षण के दौरान कारखाना अधिनियम के विभिन्न प्रावधानों के उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित उद्योग प्रबंधन के विरुद्ध आपराधिक प्रकरण दर्ज कर श्रम न्यायालय रायगढ़ में प्रस्तुत किए गए थे। सुनवाई के बाद न्यायालय ने संबंधित उद्योगों को दोषी मानते हुए माह जून 2026 में यह निर्णय सुनाया।

उप संचालक औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा राहुल पटेल ने बताया कि मेसर्स एन.आर. इस्पात एंड पावर प्राइवेट लिमिटेड के विरुद्ध दर्ज प्रकरण में न्यायालय ने 1 लाख रुपये का अर्थदंड लगाया। यह प्रकरण 27 अप्रैल 2026 को न्यायालय में प्रस्तुत किया गया था।

इसी प्रकार मेसर्स जिंदल पावर लिमिटेड के विरुद्ध 8 जुलाई 2025 को दर्ज मामले में 3 लाख रुपये का अर्थदंड लगाया गया। वहीं मेसर्स मित्तल स्टोन क्रशर के खिलाफ 12 जून 2024 को दर्ज प्रकरण में न्यायालय ने 1 लाख 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया।

इसके अतिरिक्त मेसर्स अंजनी स्टील लिमिटेड के विरुद्ध दो अलग-अलग मामलों में न्यायालय ने क्रमशः 2 लाख रुपये तथा 50 हजार रुपये का अर्थदंड अधिरोपित किया। ये दोनों प्रकरण 30 जुलाई 2025 एवं 20 फरवरी 2026 को श्रम न्यायालय में प्रस्तुत किए गए थे।

औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि औद्योगिक इकाइयों में कार्यरत श्रमिकों को सुरक्षित एवं मानक अनुरूप कार्य वातावरण उपलब्ध कराना उद्योग प्रबंधन की कानूनी और नैतिक जिम्मेदारी है। कारखाना अधिनियम के तहत निर्धारित सुरक्षा मानकों, श्रमिक सुविधाओं और कार्य परिस्थितियों की अनदेखी किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी।

विभाग के अनुसार जिले के सभी औद्योगिक प्रतिष्ठानों में समय-समय पर निरीक्षण अभियान चलाकर सुरक्षा उपायों, स्वास्थ्य सुविधाओं तथा श्रम कानूनों के पालन की समीक्षा की जाती है। जहां भी नियमों का उल्लंघन पाया जाएगा, वहां नियमानुसार कठोर कार्रवाई जारी रहेगी। विभाग का उद्देश्य केवल दंडात्मक कार्रवाई करना नहीं, बल्कि औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा संस्कृति को मजबूत करना और श्रमिकों के हितों की प्रभावी सुरक्षा सुनिश्चित करना भी है।

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