

भरवेली स्थित वाहिनी मुख्यालय में अधिकारियों, जवानों और परिवारजनों ने लगाए पौधे
मूकनायक समाचार | सत्यशील गोंडाने (बालाघाट)
भरवेली । विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की 123वीं वाहिनी मुख्यालय, भरवेली में व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण अभियान चलाया गया। पर्यावरण संरक्षण एवं हरित आवरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित इस अभियान में अधिकारियों, जवानों तथा उनके परिवारजनों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए बड़ी संख्या में पौधे लगाए।

कमाण्डेंट हज़ारी लाल ने किया अभियान का शुभारंभ
कार्यक्रम का शुभारंभ वाहिनी के कमाण्डेंट हज़ारी लाल द्वारा कैंप परिसर में पौधारोपण कर किया गया। इसके पश्चात वाहिनी परिसर के विभिन्न खंडों, संतरी पोस्टों, बैरकों एवं आवासीय क्षेत्रों में योजनाबद्ध तरीके से फलदार, छायादार एवं पर्यावरण-अनुकूल पौधों का रोपण किया गया। अभियान भारत सरकार की पर्यावरण संरक्षण संबंधी प्राथमिकताओं एवं सीआरपीएफ महानिदेशालय के दिशा-निर्देशों के अनुरूप आयोजित किया गया।
पर्यावरण संरक्षण को बताया सामूहिक जिम्मेदारी
इस अवसर पर उपस्थित अधिकारियों, जवानों एवं उनके परिवारजनों को संबोधित करते हुए कमाण्डेंट हज़ारी लाल ने कहा कि प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण एवं पर्यावरण का संवर्धन प्रत्येक नागरिक, लोकसेवक और अनुशासित सैनिक का सामाजिक एवं नैतिक दायित्व है। उन्होंने कहा कि केवल पौधारोपण करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल कर उन्हें पूर्ण विकसित वृक्ष बनाना भी सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।

जवानों और परिवारजनों ने लिया पर्यावरण संरक्षण का संकल्प
कार्यक्रम में जनभागीदारी को बढ़ावा देने के उद्देश्य से अधिकारियों एवं जवानों के परिवारों को भी शामिल किया गया। सभी प्रतिभागियों ने पर्यावरण संरक्षण, हरियाली बढ़ाने तथा प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के लिए निरंतर कार्य करने का संकल्प लिया। इस दौरान पर्यावरण संरक्षण एवं जलवायु संतुलन बनाए रखने के प्रति जागरूकता का संदेश भी दिया गया।
आंतरिक सुरक्षा के साथ पर्यावरण संरक्षण के प्रति भी प्रतिबद्ध सीआरपीएफ
वृक्षारोपण अभियान के माध्यम से सीआरपीएफ की 123वीं वाहिनी ने यह संदेश दिया कि आंतरिक सुरक्षा की जिम्मेदारियों के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण और पारिस्थितिकी संतुलन बनाए रखने में भी उसकी महत्वपूर्ण भूमिका है। अधिकारियों ने अधिक से अधिक वृक्ष लगाने तथा आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ, सुरक्षित और हरित वातावरण उपलब्ध कराने की आवश्यकता पर बल दिया।
कार्यक्रम का समापन पर्यावरण संरक्षण एवं हरित भारत के निर्माण के सामूहिक संकल्प के साथ हुआ।

