Tuesday, September 29, 2026
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प्रकृति और झरनों की अनुपम छटा का साक्षी है जशपुर का प्रसिद्ध रानीदाह जलप्रपात हरियाली, प्राकृतिक सौंदर्य और लोककथाओं के कारण पर्यटकों का पसंदीदा बन रहा पर्यटन स्थल

जशपुरनगर, 28 जून। छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले की हरी-भरी वादियों और घने साल के जंगलों के बीच स्थित रानीदाह जलप्रपात प्राकृतिक सौंदर्य का अनूठा उदाहरण है। जशपुर नगर से लगभग 15 किलोमीटर दूर स्थित यह रमणीय पर्यटन स्थल अपनी मनमोहक प्राकृतिक छटा, शांत वातावरण और ऐतिहासिक लोककथाओं के कारण स्थानीय लोगों के साथ-साथ प्रदेश और अन्य राज्यों से आने वाले पर्यटकों को भी आकर्षित कर रहा है।

रानीदाह जलप्रपात तक पहुंचने का सफर भी अपने आप में यादगार अनुभव है। सुंदर सड़कों से गुजरते हुए चारों ओर फैली हरियाली, घने वन, पहाड़ियां और प्राकृतिक वातावरण पर्यटकों को मंत्रमुग्ध कर देते हैं। जलप्रपात के समीप पहुंचते ही ऊंची चट्टानों से गिरती दूधिया जलधाराएं, पक्षियों का मधुर कलरव और प्राकृतिक शांति मिलकर ऐसा मनोरम दृश्य प्रस्तुत करते हैं, जो लंबे समय तक स्मृतियों में बना रहता है।

बरसात के मौसम में रानीदाह जलप्रपात अपने पूरे वैभव में दिखाई देता है। इस दौरान ऊंची चट्टानों से कई धाराओं में गिरता जल एक आकर्षक दृश्य का निर्माण करता है, जिसे देखने बड़ी संख्या में पर्यटक यहां पहुंचते हैं। वहीं गर्मी के मौसम में जल प्रवाह अपेक्षाकृत कम होने के बावजूद यहां की हरियाली, स्वच्छ वातावरण और प्राकृतिक सौंदर्य लोगों को सुकून का एहसास कराता है।

रानीदाह केवल प्राकृतिक सुंदरता के लिए ही नहीं, बल्कि अपनी ऐतिहासिक लोककथा के कारण भी विशेष पहचान रखता है। स्थानीय जनश्रुतियों के अनुसार, बहुत समय पहले ओडिशा की राजकुमारी रानी शिरोमणि इन पहाड़ियों तक पहुंची थीं। जब उनके पिता और पांच भाई उनका पीछा करते हुए यहां पहुंचे, तब उन्होंने अपमान और जबरन विवाह से बचने के लिए इसी गहरी खाई में छलांग लगाकर अपने प्राण त्याग दिए। तभी से इस जलप्रपात को “रानीदाह” के नाम से जाना जाने लगा, जिसका अर्थ है “रानी का जलप्रपात”। झरने के समीप स्थित कुछ चट्टानों को आज भी “पांच भैया” के नाम से जाना जाता है, जिन्हें रानी के भाइयों का प्रतीक माना जाता है। यह लोककथा आज भी स्थानीय लोगों के बीच पीढ़ी-दर-पीढ़ी सुनाई जाती है और इस स्थल को ऐतिहासिक एवं भावनात्मक पहचान प्रदान करती है।

प्राकृतिक सौंदर्य, शांत वातावरण और ऐतिहासिक महत्व के कारण रानीदाह जलप्रपात पिकनिक, प्रकृति भ्रमण और फोटोग्राफी के लिए भी एक आदर्श स्थल बन चुका है। सप्ताहांत और अवकाश के दिनों में यहां बड़ी संख्या में पर्यटक अपने परिवार और मित्रों के साथ पहुंचकर प्राकृतिक वातावरण का आनंद लेते हैं।

जिला प्रशासन भी क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। यदि आप प्रकृति की गोद में कुछ सुकून भरे पल बिताना चाहते हैं और झरनों की मनमोहक छटा का आनंद लेना चाहते हैं, तो जशपुर का रानीदाह जलप्रपात निश्चित ही आपके लिए एक यादगार पर्यटन स्थल साबित हो सकता है।

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