
मूकनायक समाचार / सत्यशील गोंडाने
बालाघाट
जिले में गोवंश तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत थाना लालबर्रा पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 48 नग गोवंश को तस्करों के चंगुल से मुक्त कराया है। पुलिस ने मौके से 6 पिकअप वाहन भी जब्त किए हैं, जिनकी अनुमानित कीमत लगभग 20 लाख रुपए बताई जा रही है। इस कार्रवाई से क्षेत्र में गोवंश तस्करों में हड़कंप मच गया है।
पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में जिलेभर में अवैध गतिविधियों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में थाना लालबर्रा पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि ग्राम आमाटोला रोड स्थित अंबेडकर चौक के पीछे कुछ लोग गोवंश को क्रूरतापूर्वक वाहनों में भरकर परिवहन की तैयारी कर रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने तत्काल मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की और कार्रवाई को अंजाम दिया।
बताया गया कि 9-10 मई 2026 की रात थाना लालबर्रा पुलिस रात्रि गश्त पर थी। इसी दौरान सूचना मिलने पर पुलिस टीम आमाटोला रोड पहुंची, जहां कुछ लोग बैलों एवं अन्य गोवंश को पिकअप वाहनों में ठूंस-ठूंस कर भर रहे थे। पुलिस को देखते ही मौके पर अफरा-तफरी मच गई, लेकिन पुलिस ने सतर्कता दिखाते हुए आरोपियों को पकड़ लिया।
मौके से कुल 48 नग गोवंश को सुरक्षित बरामद कर गोशाला भेजा गया। वहीं परिवहन में प्रयुक्त 6 पिकअप वाहनों को जब्त कर थाने लाया गया। पुलिस के अनुसार जब्त वाहनों की कुल कीमत करीब 20 लाख रुपए आंकी गई है। वाहनों की राजसात की कार्रवाई भी प्रारंभ कर दी गई है।
थाना लालबर्रा में अपराध क्रमांक 182/26 दर्ज कर आरोपियों के खिलाफ मध्यप्रदेश गोवंश वध प्रतिषेध अधिनियम 2004, मध्यप्रदेश कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम एवं पशुओं के प्रति क्रूरता निवारण अधिनियम 1960 की विभिन्न धाराओं के तहत मामला पंजीबद्ध किया गया है।
गिरफ्तार आरोपियों में देवेंद्र खरे निवासी नक्शी, अतुल नागवंशी निवासी बोदा, दिलीप कुशे निवासी रजेगांव, सिद्धार्थ वैद्य निवासी रजेगांव, अश्विन भोयर निवासी बोदा तथा विदेशी खरे निवासी नक्शी, थाना किरनापुर शामिल हैं।
पुलिस द्वारा जब्त किए गए वाहनों में क्रमांक MH 20 EG 0182, MP 41 GA 6019, MP 50 G 1473, CG 04 NH 4339, MH 35 AJ 5522 एवं MH 20 DE 6448 शामिल हैं।
पुलिस के अनुसार आरोपी लंबे समय से क्षेत्र में सक्रिय थे और रात के अंधेरे में गोवंश का अवैध परिवहन कर रहे थे। ग्रामीणों द्वारा भी इस संबंध में शिकायतें मिल रही थीं। पुलिस की कार्रवाई को स्थानीय लोगों ने सराहनीय बताते हुए कहा कि इससे अवैध पशु तस्करी पर रोक लगेगी।
इस कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक सुनील चतुर्वेदी के नेतृत्व में सउनि चेतन उइके, आरक्षक गंगासिंह बिसेन, सुशील एवं मनिष की विशेष भूमिका रही। पुलिस अधिकारियों ने टीम की तत्परता एवं साहस की सराहना की है।
पुलिस का कहना है कि मामले की गहन जांच जारी है और आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। संभावना जताई जा रही है कि पूछताछ में गोवंश तस्करी से जुड़े बड़े नेटवर्क का खुलासा हो सकता है। जिले में अवैध गतिविधियों के खिलाफ पुलिस का अभियान लगातार जारी रहेगा।

