बुद्ध के चार आर्य सत्य और आष्टांगिक मार्ग अपना कर मनुष्य अपने दुःखों से छुटकारा पा सकता है।
मूकनायक
छत्तीसगढ़
कसारीडीह दुर्ग
डॉ बाबा साहब भीमराव अम्बेडकर सामुदायिक भवन में भारतीय बौद्ध महासभा एवं महिला सशक्तिकरण संघ के संयुक्त तत्वावधान में डॉ बाबा साहब भीमराव अम्बेडकर की 135वीं जयंती एवं वैशाखी पूर्णिमा त्रिगुण पावन पर्व बुद्ध जयंती बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। कार्यक्रम के मुंख्य अतिथि एवं विशिष्ठ अतिथियों के द्वारा शाक्य मुनि तथागत सम्यक सम्बुद्ध एवं भारत रत्न डॉ बाबा साहब भीमराव अम्बेडकर जी के छायाचित्र पर पुष्प एवं माल्यार्पण कर दीप प्रज्वलित किया गया। तत् पश्चात त्रिशरण पंचशील एवं बुद्ध वंदना का सामुहिक पाठ किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि आयुष्मान दिलीप वासनिकर (IAS) पूर्व कमिशनर (छ.ग.) जॉच आयुक्ति रायपुर को पुष्पगुच्छ देकर सम्मान किया गया इसी क्रम में उपस्थित अतिथियों में क्रमशः एस. आर. कानडे राष्ट्रीय ट्रस्टी भारतीय बौद्ध महासभा, आयु. भोजराज गौरखेडे प्रदेश अध्यक्ष, आयु, संजय शेन्द्रे प्रदेश उपाध्यक्ष, आयु. बी. आर. गायकवाड प्रदेश महासचिव, आयु प्रज्ञा बौद्ध राष्ट्रीय उपाध्यक्ष महिला सशक्तिकरण संघ भारत, आयु. मीना नारनवरे प्रदेश उपाध्यक्ष, आयु, इन्दु ढोक जिला उपाध्यक्ष, आयु. वर्षा बागडे अध्यक्ष बुद्ध विहार सेक्टर 6, आयु. मनीष कोठारी वार्ड पार्षद, आयु. अजीत वैद्य वार्ड पार्षद, आयु. शैलेन्द्र भगत अध्यक्ष हुडको, आयु. बी.एल. मेश्राम अध्यक्ष, आयु. आशा जुलमे अध्यक्ष महिला समिति सुभाष नगर, आयु. ज्ञानेश्वर बागडे अध्यक्ष शंकर नगर बुद्ध विहार, आयु. योगेन्द्र चौरे अध्यक्ष अम्बेडकर नगर, आयु. प्रीति थुल अध्यक्ष महामाया बुद्ध विहार, आयु. बी.आर. कठाने अध्यक्ष बुद्ध कुटी, आयु. राजेश मेश्राम अध्यक्ष समता नगर बुद्ध विहार, आयु, संतोष नंदा अध्यक्ष समता सैनिक दल राजीव नगर का पुष्पगुछ, पंचशील दुपट्टा एवं बैच लगाकर सभी का ससम्मान स्वागत किया गया।
स्वागत समारोह के पश्चात् आयु. एस.आर. कानडे के द्वारा स्वागत भाषण दिया गया, इसी क्रम में माननीय स्कूल शिक्षा मंत्री छ.ग. शासन श्री गजेन्द्र यादव जी के नाम डॉ. अम्बेडकर सामुदायीक भवन जो 40 वर्ष पुराना है जिसकी स्थिति जिर्ण हो गई है उसके जिर्णोद्वारा हेतु उस वार्ड के पार्षद आयु. मनीष कोठारी एवं आयु. अजीत वैद्य को ज्ञापन सौपा गया। विचारों की अभिव्यक्ति में सर्वप्रथम आयु. प्रज्ञा बौद्ध राष्ट्रीय उपाध्यक्ष महिला सशक्तिकरण संघ भारत ने बताया कि आजादी. के इतने लम्बे समय बाद भी हम पाते हैं कि देश में एक दूसरे के नजदीक आने की जगह एक दूसरे से दूर होते जा रहे है। संचार माध्यमों के साधनों में क्रान्तिकारी विकास से हमारे बीच स्थानीय दूरिया तो घटी लेकिन धर्म, जाति, भाषा तथा श्रेत्रीय स्वाथों के कारण सामाजिक दूरिया कम होने के बजाय बढ़ती जा रही है। आखिर ऐसा क्यों हुआ? भारतीय समाज से जुड़े ऐसे और भी कई सवाल है जिनका उत्तर जानने के लिए यदि किसी विचारक को पढ़ने की आज सबसे अधिक जरूरत है तो वे हैं डॉ. बाबा साहब भीमराव आम्बेडकर।
इसका अर्थ अन्य विचारकों के महत्व को कम आंकना कतई नहीं है लेकिन निरंतर बढ़ती सामाजिक व आर्थिक विषमता भेद-भाव व गरीब-अमीर के बीच बढ़ती खाई के कारण जिस चौराहे पर हम खड़े है वहाँ से आगे जो दिशा दिखाई दे रही है वह डॉ. बाबा साहब अम्बेडकर के दर्शन की ओर जाती है, आज बुद्ध पूर्णिमा है आज के दिन को त्रिगुण पावन पर्व भी कहा जाता है। क्योकि वैशाखी पूर्णिमा के दिन ही साल के वृक्ष के नीचे सिद्धार्थ गौतम का जन्म हुआ और वैशाखी पूर्णिमा के दिन ही पीपल वृक्ष के नीचे उरवेला आज का बोधगया में उन्हे बुद्धत्व की प्राप्ति हुई और वैशाखी पूर्णिमा के दिन ही उन्हे साल वृक्षों के नीचे कुशीनारा में महानिर्वाण की प्राप्ति हुई। तथागत बुद्ध में मनुष्यों के दुःखों को दुर करने के लिए चार आर्य सत्य और अष्टांगिक मार्ग बताया जिन्हे अपना कर मनुष्य अपने दुःखों को दुर कर सकता है। इसी क्रम में आयु. इन्दु ढोक एवं प्रदेश अध्यक्ष आयु. भोजराज गौरखेडे ने भी अपने विचार व्यक्ति करते हुए कहा कि हमें आने महापुरूषों के विचारों को अपने जीवन में उतारना चाहिए।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि आयु. दिलीप वासनिकर ने कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को अम्बेडकर जयंती एवं बुद्ध जयंती की मंगल कामनाए प्रेषित करते हुए बताया कि तथागत बुद्ध की शिक्ष पुरे संसार में फैली हुई है। उन्होंने विश्व को शांति का संदेश दिया, आज हमको युद्ध की नहीं बुद्ध की शिक्षा की आवश्यकता है। समारोह को आयु. संजय शेन्द्रे ने भी संबोधित करते हुए कहा कि, हम सब को डॉ. बाबा साहब अम्बेडकर एवं उनके द्वारा अपने अनुयायीयों को दिये गये बौद्ध धम्म का आचरण करना चाहिए।
वार्ड पार्षद मनीष कोठारी ने कहा कि अम्बेडकर भवन की स्थिति जिर्ण-शिर्ण हो गई है, उसके जिर्णोद्वार के लिए आपके संस्था के द्वारा जो मांग पत्र दिया गया है उसे मैं माननीय गजेन्द्र यादव स्कूल शिक्षा मंत्री, विधायक दुर्ग शहर को निराकरण करने के लिए अग्रिम
कार्यवाही हेतु प्रेषित करूंगा। इसी क्रम पार्षद अजीत वैद्य ने कहा कि, भवन की स्थिति को सुधारने के लिए हम सब मिलकर प्रयास करेंगे, आनेवाले दिनों में इस भवन कि स्थिति सुधरी हुई दिखेगी। कार्यक्रम का संचालन आयु. प्रितिमा गेडाम एवं आयु, संजू श्यामकुंवर द्वारा किया गया। अंत में वैशाखी पूर्णिमा के शुभ अवसर पर भोजन दान एवं खीर मिठान का वितरण किया गया और अतिथियों को प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर आयु, मयाराम तुरकाने, एन. के. नारनवरे, जीवन सुर्यवंशी, जे.के. रंगारे, अतुल धरडे, दिलीप रामटेके, आशीष चौहान, प्रवीण वासनिक, राजन पाटिल, किशोर जामुलकर, अजय शेन्डे, संतोष नंदा, विनोद बंछोड, परमानंद सानेकर, टी.एल. मेश्राम, रितेश बोरकर, रामाराव ढोक, गौतम कानेकर, ए.जी. रामटेके, एल.आर. बंजारी, बी.डी. डोंगरे, बी. एल. गोडबोले, रंजना वालवांद्रे, पुष्पलता भोईर, प्रतिभा बन्सोड, शोभा मेश्राम, बिन्दु वैद्य, शशी महेश्वरी, जना मराठे, वैशाली धरडे, सुनिता शुखदेवे, रत्नमाला भौतिक, ज्योति गेडाम, उषा कापसे, लालन मेश्राम, कल्पना बन्सोड, सपना, मीना, आशिता, मंगला, युवराज गजभीये, निर्मला गजभीये, प्रार्थना धरडे, प्रभा तुरकाने, मुकुल बंछोड, अजय शेन्डे, पुनम शेन्डे, प्रतिमा जामुलकर, आयुष शेन्डे, कविता रंगारे, वंदना मीलिंद, अलका मेश्राम, जे.के. रंगारे, अतुल धरडे, पवन कुमार उईके, सरिता उईके, निशांत गोडबोले, उषा मेश्राम, सुनंदा गजभीये, ममता चौरे, श्रुति, निलिमा, गौतम कानेकर, मंजू रंगारी, पदमा पटिल, धनश्याम सांगडे, समता सैनिक दल के सभी कार्यकर्ता भी उपस्थित रहे, इस कार्यक्रम को सफल बनाने में सुरेश अम्बादे एवं जनबंधु का भी विशेष योगदान रहा।
एस. आर. कानडे
राष्ट्रीय ट्रस्टी भारतीय बौद्ध महासभा,




