समाजसेवी हरीश गुर्जर की पहल पर आयोजित शिविर में रक्तदाताओं को ट्रैवल बैग भेंट, कारगिल के वीर शहीदों को दी गई श्रद्धांजलि
मूकनायक समाचार। सूरत
कारगिल विजय दिवस और समाजसेवी कल्पना गुर्जर के जन्मदिवस के अवसर पर रविवार को अश्विनी कुमार पटेल नगर हॉल में विशाल रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक चले इस सेवा अभियान में बड़ी संख्या में युवाओं, महिलाओं और समाज के लोगों ने उत्साहपूर्वक रक्तदान किया। शिविर में सैकड़ों यूनिट रक्त संग्रहित किया गया।
शिविर के मुख्य आयोजक समाजसेवी हरीशभाई गुर्जर ने बताया कि आयोजन का उद्देश्य केवल रक्त एकत्रित करना नहीं, बल्कि समाज में सेवा, सामाजिक एकता, शिक्षा, खेलकूद और नशामुक्ति के प्रति जनजागरण का संदेश देना भी है। उन्होंने कहा कि कारगिल के अमर वीरों को श्रद्धांजलि स्वरूप आयोजित इस रक्तदान अभियान को जंतर-मंतर पर अनशन के दौरान घायल हुए छात्रों के प्रति भी समर्पित किया गया। इसी भावना से बड़ी संख्या में युवाओं और समाजसेवियो ने रक्तदान कर मानव सेवा में अपनी हिस्सेदारी निभाई।
हरीशभाई गुर्जर ने कहा कि रक्तदान सबसे बड़ा महादान है। समय पर उपलब्ध कराया गया रक्त किसी जरूरतमंद के लिए जीवनदान साबित हो सकता है। उन्होंने सभी रक्तदाताओं, सहयोगी संस्थाओं और समाजसेवियों का आभार व्यक्त किया ।
रक्तदाताओं का उत्साह बढ़ाने के लिए प्रत्येक रक्तदाता को आकर्षक ट्रैवल बैग भेंट कर सम्मानित किया गया। इससे विशेष रूप से युवाओं में काफी उत्साह देखने को मिला। कार्यक्रम के दौरान समाजसेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले कई समाजसेवियों का भी सम्मान किया गया। उल्लेखनीय है कि आयोजक हरीशभाई गुर्जर स्वयं अब तक 60 बार रक्तदान कर मानव सेवा की प्रेरक मिसाल प्रस्तुत कर चुके हैं।
शिविर में दीप्तीबेन, तुषारभाई चौधरी, डॉ. झेड. पी. खेनी, दिनेशभाई सावलिया, दिनेशभाई चावला, द्वारकादास रुडाणी, सुरेशभाई सुहागिया सहित सर्व समाज के अनेक भाई-बहन उपस्थित रहे और आयोजन की सफलता में अपनी सहभागिता निभाई।
इस सेवा अभियान को सफल बनाने में देव डुंगरी मित्र मंडल, श्री उंभेल देवनारायण मंदिर, श्री देवनारायण मंदिर अमरोली, गुर्जर समाज नवापुर (नंदूरबार), श्री देवभूमि मित्र मंडल तथा श्री देवनारायण मित्र मंडल वांदरवेला (वासदा) सहित अनेक सामाजिक एवं सेवाभावी संगठनों और कार्यकर्ताओं का सहयोग रहा।
कारगिल विजय दिवस पर आयोजित यह रक्तदान शिविर मानव सेवा, सामाजिक समर्पण और राष्ट्रीय भावना का सशक्त उदाहरण बनकर सामने आया। कार्यक्रम ने समाज को यह संदेश दिया कि देशभक्ति केवल सीमाओं पर ही नहीं, बल्कि जरूरतमंदों की सेवा के माध्यम से भी निभाई जा सकती है।

