
मूकनायक समाचार | सत्यशील गोंडाने | बालाघाट
रामपायली। ऑनलाइन दवाइयों की बिक्री के विरोध में बुधवार को बालाघाट जिले सहित रामपायली क्षेत्र में केमिस्ट एवं दवा व्यापारियों द्वारा किया गया बंद व्यापक रूप से सफल रहा। जिला मुख्यालय से लेकर तहसील और ग्रामीण क्षेत्रों तक अधिकांश मेडिकल स्टोर बंद रहे, जिससे बाजारों में सन्नाटा पसरा नजर आया। दवा व्यापारियों ने ऑनलाइन दवा कंपनियों के खिलाफ विरोध दर्ज कराते हुए सरकार से कड़े नियम लागू करने की मांग की।
सुबह से ही बालाघाट शहर, रामपायली एवं आसपास के क्षेत्रों में मेडिकल दुकानों के शटर बंद दिखाई दिए। केमिस्ट संगठनों के पदाधिकारी और सदस्य बंद को सफल बनाने के लिए सक्रिय रहे। व्यापारियों का कहना है कि ऑनलाइन दवा बिक्री से छोटे व्यापारियों का व्यवसाय प्रभावित हो रहा है तथा इससे मरीजों की सुरक्षा पर भी खतरा बढ़ रहा है।
रामपायली क्षेत्र में भी बंद का स्पष्ट असर देखने को मिला। मुख्य बाजार सहित विभिन्न इलाकों में अधिकांश मेडिकल स्टोर बंद रहे। व्यापारियों ने आरोप लगाया कि कई ऑनलाइन प्लेटफॉर्म नियमों की अनदेखी कर भारी छूट के साथ दवाइयों की बिक्री कर रहे हैं, जिससे स्थानीय दवा व्यवसायियों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
दवा व्यापारियों ने कहा कि मेडिकल व्यवसाय केवल व्यापार नहीं बल्कि स्वास्थ्य सेवा से जुड़ा दायित्व है। प्रशिक्षित फार्मासिस्ट की सलाह और निगरानी में ही दवाइयों का वितरण होना चाहिए। उनका कहना है कि ऑनलाइन माध्यम में मरीज और दवा विक्रेता के बीच प्रत्यक्ष संपर्क नहीं होने से गलत दवा मिलने का खतरा बना रहता है।
बंद के दौरान कई स्थानों पर केमिस्ट संघ के सदस्यों ने रैली निकालकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और ऑनलाइन दवा बिक्री पर नियंत्रण की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि स्थानीय दवा व्यवसायियों के हितों की रक्षा के लिए सरकार को जल्द ठोस कदम उठाने चाहिए।
हालांकि आवश्यक स्वास्थ्य सेवाओं को ध्यान में रखते हुए कुछ अस्पतालों से जुड़ी मेडिकल सुविधाएं चालू रखी गईं, ताकि गंभीर मरीजों को परेशानी न हो। इसके बावजूद सामान्य लोगों को दवाइयां खरीदने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। ग्रामीण क्षेत्रों से आए कई मरीजों को बिना दवा लिए वापस लौटना पड़ा।
बंद को लेकर प्रशासन और पुलिस विभाग भी पूरे दिन सतर्क नजर आया। प्रमुख बाजारों एवं संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस बल तैनात किया गया था। अधिकारियों के अनुसार बंद पूरी तरह शांतिपूर्ण रहा और कहीं से किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली।
दवा व्यापारियों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उनका कहना है कि यह लड़ाई केवल व्यापार बचाने की नहीं बल्कि जनता की सुरक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था को सुरक्षित रखने की भी है।
बालाघाट से लेकर रामपायली तक हुए इस बंद ने यह स्पष्ट कर दिया कि ऑनलाइन दवा बिक्री के मुद्दे को लेकर केमिस्टों में भारी नाराजगी है। व्यापारियों की एकजुटता के चलते पूरे जिले में बंद का व्यापक असर देखने को मिला।

