Thursday, June 11, 2026
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मानव विकास संस्थान के जागरूकता अभियान के तहत कैडर मीटिंग सम्पन्न

मूकनायक /डॉ जी पी मानव

उन्नाव/उत्तर प्रदेश

मानव विकास संस्थान के जागरूकता अभियान के तहत कैडर मीटिंग दिनांक 17 मई 2026 रविवार कमलेश कुमार मानव विकास संस्थान के ओजस्वी एवं कर्मठ कार्यकर्ता के आवास पर ग्राम- खन्नापुरवा, ग्राम पंचायत दुधौड़ा, पोस्ट- बन्थर, ब्लॉक- सिकन्दरपुर कर्ण,जनपद-उन्नाव (उ.प्र.) में सम्पन्न हुई। कार्यक्रम में पूज्य भंते बोधियस विहाराध्यक्ष, डॉ. भीमराव अम्बेडकर बुद्ध विहार बदलीखेड़ा-जरगांव और पूज्य भंते बोधिरत्न -बुद्ध विहार राजेपुर, उन्नाव उपस्थित थे।परम्परागत बुद्ध-वंदनोपरान्त कैडर मीटिंग में प्रशिक्षक के रूप में पधारे मानव विकास संस्थान के प्रमुख डॉ. जी. पी. मानव सेवा निवृत्त उप प्राचार्य(केन्द्रीय विद्यालय संगठन, भारत सरकार, नई- दिल्ली)और संरक्षक राकेश विद्यार्थी , लेखक -कवि दोनों विद्वानों ने सरल, सरस भाषा शैली में उपस्थित जनसमुदाय को समझाया। कई लोगों ने , कई प्रकार के प्रश्न पूछे। जिनका सही/सटीक जबाब दोनों विद्वानों ने दिया‌। कैडर मुख्यतः समाज, संगठन, संविधान और संस्कारों पर था‌‌। समाज का मतलब समझाया कि समाज एक दूसरे के प्रति स्नेह और सहयोग की भावना के साथ मिलकर रहने वाले लोगों का एक संगठित समुदाय है, किन्तु भारत में संविधान लागू होने (1950ई.) के पूर्व समाज एक नहीं था। बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर ने संविधान के द्वारा सम्पूर्ण भारत के लोगों को भारतीय (Indian) बनाया। किसी भी जाति,धर्म और सम्प्रदाय की बात करने वाले लोग भारतीय हैं और अंत तक भारतीय रहेंगे। संस्कृति और सभ्यता को भी समझाया। भारत में कई लाख संगठन बने हुए हैं जिनमें प्रमुख रूप से सामाजिक, धार्मिक और राजनीतिक हैं। उन्हीं में से मानव विकास संस्थान एक सामाजिक संगठन है। वैसे तो कई लोग जातीय संगठन चलाते हैं जो कि भारतीय समाज को खंडित कर रहे हैं और असंवैधानिक है‌। मानव विकास संस्थान के विषय में संक्षिप्त जानकारी दी गई।प्रश्न—1)भारतीय संविधान कैसे बना और किसने बनाया?भारत का संविधान, संविधान सभा के माध्यम से बना था। जिसे दिसम्बर 1946 में स्थापित किया गया था। इसके निर्माण में 2 वर्ष 11 माह और 18 दिन लगे थे‌ इसके मुख्य शिल्पकार और मसौदा समिति के अध्यक्ष डॉ. भीमराव अम्बेडकर थे। जिन्हें भारतीय संविधान का जनक निर्माता माना जाता है। 2)भारत का संविधान कब बना और कब लागू हुआ?भारत का संविधान 26 नवंबर 1949 को बनकर तैयार (अंगीकृत) हुआ था और इसे 26 जनवरी 1950 को देश में लागू किया गया था।3)नागरिकों के कर्तव्य और अधिकार कौन कौन से हैं?भारत में नागरिकों के मौलिक अधिकार 6 हैं, जो भाग- 3 अनुच्छेद 12 से 35 तक वर्णित हैं।(1)समानता का अधिकार।- (2) स्वतंत्रता का अधिकार। (3) शोषण के विरुद्ध अधिकार। (4)धर्म की स्वतंत्रता का अधिकार। (5) सांस्कृतिक और शिक्षा सम्बंधी अधिकार। (6) संवैधानिक उपचारों का अधिकार।*मौलिक कर्तव्य 11 हैं जो भाग -4 अनुच्छेद 51 क में प्रदान किए गये (1) संविधान का पालन करें और उसके आदर्श संस्थाओं राष्ट्रध्वज तथा राष्ट्रगान का सम्मान करें।(2)स्वतंत्रता संग्राम के प्रेरित करने वाले उच्च आदर्शों को संजोए रखें और उनका पालन करें। (3)भारत की संप्रभुता एकता और अखंडता की रक्षा करें।(4)देश की रक्षा करें और बुलाए जाने पर राष्ट्रीय सेवा कार्य करें।(5)भारत के सभी लोगों में समानता और भाईचारे की भावना का निर्माण करें एवं महिलाओं का सम्मान करें।(6)हमारी मिली- जुली (संस्कृति) परंपरा की समृद्धि विरासत को महत्व दें और उसका संरक्षण करें।(7)प्राकृतिक पर्यावरण (वन, झील, नदी और वन्य जीवों) की रक्षा करें तथा प्राणी मात्र पर दया करें। (8)वैज्ञानिक दृष्टिकोण, मानवतावाद और ज्ञानार्जन की भावना का विकास करें‌।(9)सार्वजनिक संपत्ति को सुरक्षित रखें और हिंसा से दूर रहें। (10)व्यक्तिगत और सामूहिक गतिविधियों के सभी क्षेत्रों में उत्कृष्टता का प्रयास करें। (11)माता-पिता या संरक्षक 6 से 14 वर्ष के बच्चों को शिक्षा के अवसर प्रदान करें। जहां तक संस्कारों की बात है इस विषय पर डॉ. जी. पी. मानव ने विशेष चर्चा किया और समझाया कि अंधविश्वास पाखंड तथा सामाजिक कुरीतियों को दूर कीजिए। तभी भारतीय समाज एवं भारतदेश विकसित होगा।द्वितीय सत्र में पूछे गए प्रश्नों के संतोष जनक उत्तर मिले‌। (1)तथागत भगवान् गौतम बुद्ध के दर्शन के अनुसार दु:ख- सुख क्यों होता है?तथागत भगवान् गौतम गौतम बुद्ध के अनुसार सुख और दु:ख दोनों मन की अवस्थाएं हैं,जो हमारे विचारों, कर्मों और दृष्टिकोण पर निर्भर करती हैं।(2)किन कारणों से दु:ख – सुख होता?सुख और दु:ख के तीन मुख्य कारण हैं — (1) स्वयं मनुष्य। (2) समाज‌। (3) कुदरत के नियम। (3)दु:ख का निवारण या समाधान क्या है?कारण को समझें और स्वीकार करें। दूसरों की मदद करें और भावनाओं को व्यक्त करें। ‌ (4) संस्कृति और सभ्यता क्या है संस्कृति मनुष्य के आंतरिक गुणों ,विचारों, संस्कारों और जीवन जीने की तरीके को दर्शाती है। जबकि सभ्यता हमारी भौतिक प्रगति, तकनीकी विकास और रहन-सहन का रूप है।(5) इनका कैसे निर्माण होता है? संस्कृति और सभ्यता दोनों का निर्माण सदियों की मानवीय चेतना, सामाजिक विकास और आपसी अनुभवों के आदान-प्रदान से होता है। (6)हमारी संस्कृति कौन सी है? हमारी संस्कृति भारतीय संस्कृति है। जिसे सनातन संस्कृति भी कहा जाता है। हमारी संस्कृति की मुख्य पहचान निम्नलिखित विशिष्ट ताओं से होती है। (1)अतिथि देवो भव।(2) वसुधैव कुटुंबकम्। (3) आध्यात्मिकता और सहिष्णुता। (4)पारिवारिक मूल्य। (5)विविधता/अनेकता में एकता।(7) उसको अमल में लाकर के क्या अपने समाज और देश का विकास कर सकते हैं? हां, संस्कृति को आधार बनाकर समाज और देश का विकास कर सकते हैं। जिसके लिए प्रमुख बिंदुओं पर ध्यान देना होगा। (1) पर्यटन और आर्थिक विकास। (2)पारंपरिक उद्योग और शिल्प। (3) सामाजिक समरसता और एकता। (4)मूल्य आधारित विकास।(8) तथागत भगवान् गौतम बुद्ध का संक्षिप्त जीवन परिचय एवं बौद्ध धर्म का इतिहास क्या है? तथागत भगवान् गौतम बुद्ध का जन्म 563 ईसा पूर्व लुंबिनी वर्तमान नेपाल में हुआ था‌। उनकी माता रानी महामाया देवी और उनके पिता राजा सुद्धोधन थे। वे सत्य की खोज में 29 वर्ष की आयु में गृह त्याग किया और 35 वर्ष की आयु में बोधिवृक्ष के नीचे ज्ञान प्राप्त हुआ। 483 ईसा पूर्व कुशीनगर में उन्हें महापरिनिर्वाण प्राप्त हुआ अर्थात् देह त्याग किया।बौद्ध धर्म का इतिहास (1) प्रारम्भिक बौद्ध धर्म । (2) मौर्य कालीन बौद्ध धर्म। (322–182 ईशा पूर्व) (3) ग्रीक- बौद्ध धर्म(4) कुषाण साम्राज्य और गांधार बौद्ध धर्म (5) मध्य एशिया में बौद्ध धर्म (6) गुप्त और पाल युग में बौद्ध धर्म (7) पूर्वी एशियाई बौद्ध धर्म (8) आधुनिक काल में बौद्ध धर्म-19 वीं शताब्दी से बौद्ध धर्म के आधुनिक पुनरुत्थानों महाबोधि सोसायटी, विपश्यना आन्दोलन और बाबा साहेब डॉ भीम राव अम्बेडकर के नेतृत्व में दलित बौद्ध आन्दोलन शामिल हैं। 2011 की जनगणना के अनुसार भारत में 8•4 मिलियन बौद्ध हैं। जो भारत की कुल जनसंख्या का 0•70% है। (9) कबीर और रविदास को बुद्ध का अनुयायी क्यों माना जाता है? कबीर और रविदास ने बुद्ध की करुणा, अहिंसा और समता के संदेश को अपनी सखियों और पदों में इस तरह ढ़ाला कि वे बुद्ध के आधुनिक और व्यावहारिक अनुवाद प्रतीत होते हैं। इसी कारण कई विचारकों और समाज सुधारकों जैसे डॉ.भीम राव अम्बेडकर ने इन संतों को बुद्ध का अनुयाई(विस्तारक) माना है।(10) महात्मा ज्योतिबा फूले, पेरियार रामास्वामी नायकर, संत गाडगे बाबा,ललई सिंह यादव और छत्रपति शाहू जी महाराज आदि के कार्य क्या बौद्ध दर्शन के अनुसार मिलते-जुलते हैं? इन सभी महापुरुषों का उद्देश्य सामाजिक न्याय, शिक्षा का प्रसार, पाखंड व अंधविश्वास का विरोध और समतामूलक (बराबरी वाले) समाज की स्थापना करना था।(11) बाबा साहेब डॉ . भीम राव अम्बेडकर द्वारा रचित भारत का संविधान क्या तथागत भगवान् गौतम बुद्ध के दर्शन पर आधारित है हां, भारत का संविधान बुद्ध के दर्शन पर आधारित है।(12) दुनिया के सभी धर्मों में क्या बौद्ध धर्म सर्वश्रेष्ठ धर्म है हां, स्विट्जरलैंड के जिनेवा शहर में (अंतर्राष्ट्रीय धर्म और आध्यात्मिकता उन्नति गठबंधन) द्वारा 2009 में 200 से अधिक विभिन्न धर्मों के प्रतिनिधियों ने मतदान कर बौद्ध धर्म को ‘द बेस्ट रिलिजन इन द वर्ल्ड घोषित किया था‌‌। बौद्ध धर्म को अहिंसा, शांति और वैज्ञानिक दृष्टिकोण के कारण सर्वश्रेष्ठ धर्म माना गया।उक्त कार्यक्रम में मा.अरविन्द कुमार(मास्टर) की मिशन की लगनशीलता को देखते हुए मानव विकास संस्थान उन्नाव तहसील के अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई और साथ ही मा.कमलेश कुमार की मिशनरी भावना को देखते हुए मानव विकास संस्थान, उन्नाव के सिकन्दरपुर कर्ण ब्लॉक के महामंत्री पद की जिम्मेदारी सौंपी गई।कार्यक्रम की सफलता में मा. अरविन्द कुमार (मास्टर) एवं उनकी टीम विशेष योगदान रहा।

मानव विकास सत्तस्थान के जागरूकता अभियान के तहत कैडर मीटिंग *दिनांक 17 मई 2026 दिन- रविवार, समय, 12 बजे से 04 बजे तक मा.कमलेश कुमार जी मानव विकास संस्थान के ओजस्वी एवं कर्मठ कार्यकर्ता के आवास पर ग्राम- खन्नापुरवा, ग्राम पंचायत दुधौड़ा, पोस्ट- बन्थर, ब्लॉक- सिकन्दरपुर कर्ण,जनपद-उन्नाव (उ.प्र.) में सम्पन्न हुई।

उक्त कार्यक्रम में पूज्य भंते बोधियस जी विहाराध्यक्ष, डॉ. भीमराव अम्बेडकर बुद्ध विहार बदलीखेड़ा-जरगांव और पूज्य भंते बोधिरत्न जी -बुद्धविहार राजेपुर, उन्नाव उपस्थित थे।

परम्परागत बुद्ध-वंदनोपरान्त
कैडर मीटिंग में प्रशिक्षक के रूप में पधारे मानव विकास संस्थान के प्रमुख डॉ. जी. पी. मानव जी सेवा निवृत्त उप प्राचार्य(केन्द्रीय विद्यालय संगठन, भारत सरकार, नई- दिल्ली)और संरक्षक मा. राकेश विद्यार्थी जी, लेखक -कवि दोनों विद्वानों ने सरल, सरस भाषा शैली में उपस्थित जनसमुदाय को समझाया।
कई लोगों ने , कई प्रकार के प्रश्न पूछे। जिनका सही/सटीक जबाब दोनों विद्वानों ने दिया‌।
यह कैडर मुख्यतः समाज, संगठन, संविधान और संस्कारों पर था‌‌। समाज का मतलब समझाया कि समाज एक दूसरे के प्रति स्नेह और सहयोग की भावना के साथ मिलकर रहने वाले लोगों का एक संगठित समुदाय है, किन्तु भारत में संविधान लागू होने (1950ई.) के पूर्व समाज एक नहीं था। बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर ने संविधान के द्वारा सम्पूर्ण भारत के लोगों को भारतीय (Indian) बनाया। किसी भी जाति,धर्म और सम्प्रदाय की बात करने वाले लोग भारतीय हैं और अंत तक भारतीय रहेंगे। संस्कृति और सभ्यता को भी समझाया।

भारत में कई लाख संगठन बने हुए हैं जिनमें प्रमुख रूप से सामाजिक, धार्मिक और राजनीतिक हैं। उन्हीं में से मानव विकास संस्थान एक सामाजिक संगठन है। वैसे तो कई लोग जातीय संगठन चलाते हैं जो कि भारतीय समाज को खंडित कर रहे हैं और असंवैधानिक है‌ं। मानव विकास संस्थान के विषय में संक्षिप्त जानकारी दी गई।
प्रश्न—
1)भारतीय संविधान कैसे
बना और किसने बनाया?

भारत का संविधान, संविधान सभा के माध्यम से बना था। जिसे दिसम्बर 1946 में स्थापित किया गया था। इसके निर्माण में 2 वर्ष 11 माह और 18 दिन लगे थे‌ इसके मुख्य शिल्पकार और मसौदा समिति के अध्यक्ष डॉ. भीमराव अम्बेडकर थे। जिन्हें भारतीय संविधान का जनक/ निर्माता माना जाता है।

2)भारत का संविधान कब बना और कब लागू हुआ?

भारत का संविधान 26 नवंबर 1949 को बनकर तैयार (अंगीकृत) हुआ था और इसे 26 जनवरी 1950 को देश में लागू किया गया था।

3)नागरिकों के कर्तव्य और अधिकार कौन कौन से हैं?

भारत में नागरिकों के मौलिक अधिकार 6 हैं, जो भाग- 3 अनुच्छेद 12 से 35 तक वर्णित हैं।

(1)समानता का अधिकार।- (2) स्वतंत्रता का अधिकार। (3) शोषण के विरुद्ध अधिकार। (4)धर्म की स्वतंत्रता का अधिकार।
(5) सांस्कृतिक और शिक्षा सम्बंधी अधिकार।
(6) संवैधानिक उपचारों का अधिकार।

मौलिक कर्तव्य 11हैं जो भाग -4अनुच्छेद 51क में प्रदान किए गये हैं।
(1) संविधान का पालन करें और उसके आदर्श संस्थाओं राष्ट्रध्वज तथा राष्ट्रगान का सम्मान करें।
(2)स्वतंत्रता संग्राम के प्रेरित करने वाले उच्च आदर्शों को संजोए रखें और उनका पालन करें।
(3)भारत की संप्रभुता एकता और अखंडता की रक्षा करें।
(4)देश की रक्षा करें और बुलाए जाने पर राष्ट्रीय सेवा कार्य करें।
(5)भारत के सभी लोगों में समानता और भाईचारे की भावना का निर्माण करें एवं महिलाओं का सम्मान करें।
(6)हमारी मिली- जुली (संस्कृति) परंपरा की समृद्धि विरासत को महत्व दें और उसका संरक्षण करें।
(7)प्राकृतिक पर्यावरण (वन, झील, नदी और वन्य जीवों) की रक्षा करें तथा प्राणी मात्र पर दया करें।
(8)वैज्ञानिक दृष्टिकोण, मानवतावाद और ज्ञानार्जन की भावना का विकास करें‌।
(9)सार्वजनिक संपत्ति को सुरक्षित रखें और हिंसा से दूर रहें।
(10)व्यक्तिगत और सामूहिक गतिविधियों के सभी क्षेत्रों में उत्कृष्टता का प्रयास करें।
(11)माता-पिता या संरक्षक 6 से 14 वर्ष के बच्चों को शिक्षा के अवसर प्रदान करें।

जहां तक संस्कारों की बात है इस विषय पर डॉ. जी. पी. मानव ने विशेष चर्चा किया और समझाया कि अंधविश्वास पाखंड तथा सामाजिक कुरीतियों को दूर कीजिए। तभी भारतीय समाज एवं भारतदेश विकसित होगा।

द्वितीय सत्र में पूछे गए प्रश्नों के संतोष जनक उत्तर मिले‌।
प्रश्न— (1)तथागत भगवान् गौतम बुद्ध के दर्शन के अनुसार दु:ख- सुख क्यों होता है?

तथागत भगवान् गौतम गौतम बुद्ध के अनुसार सुख और दु:ख दोनों मन की अवस्थाएं हैं,जो हमारे विचारों, कर्मों और दृष्टिकोण पर निर्भर करती हैं।

(2)किन कारणों से दु:ख – सुख होता?
सुख और दु:ख के तीन मुख्य कारण हैं —
(1) स्वयं मनुष्य। (2) समाज‌। (3) कुदरत के नियम।

(3)दु:ख का निवारण या समाधान क्या है?

कारण को समझें और स्वीकार करें। दूसरों की मदद करें और भावनाओं को व्यक्त करें। ‌

(4) संस्कृति और सभ्यता क्या है?
संस्कृति मनुष्य के आंतरिक गुणों ,विचारों, संस्कारों और जीवन जीने की तरीके को दर्शाती है। जबकि सभ्यता हमारी भौतिक प्रगति, तकनीकी विकास और रहन-सहन का रूप है।

(5) इनका कैसे निर्माण होता है?
संस्कृति और सभ्यता दोनों का निर्माण सदियों की मानवीय चेतना, सामाजिक विकास और आपसी अनुभवों के आदान-प्रदान से होता है।

(6)हमारी संस्कृति कौन सी है?
हमारी संस्कृति भारतीय संस्कृति है। जिसे सनातन संस्कृति भी कहा जाता है। हमारी संस्कृति की मुख्य पहचान निम्नलिखित विशिष्ट ताओं से होती है—— (1)अतिथि देवो भव।
(2) वसुधैव कुटुंबकम्।
(3) आध्यात्मिकता और सहिष्णुता। (4)पारिवारिक मूल्य। (5)विविधता/अनेकता में एकता।

(7) उसको अमल में लाकर के क्या अपने समाज और देश का विकास कर सकते हैं?
हां, संस्कृति को आधार बनाकर समाज और देश का विकास कर सकते हैं। जिसके लिए प्रमुख बिंदुओं पर ध्यान देना होगा—— (1) पर्यटन और आर्थिक विकास। (2)पारंपरिक उद्योग और शिल्प। (3) सामाजिक समरसता और एकता। (4)मूल्य आधारित विकास।

(8) तथागत भगवान् गौतम बुद्ध का संक्षिप्त जीवन परिचय एवं बौद्ध धर्म का इतिहास क्या है?

तथागत भगवान् गौतम बुद्ध का जन्म 563 ईसा पूर्व लुंबिनी वर्तमान नेपाल में हुआ था‌। उनकी माता रानी महामाया देवी और उनके पिता राजा सुद्धोधन थे। वे सत्य की खोज में 29 वर्ष की आयु में गृह त्याग किया और 35 वर्ष की आयु में बोधिवृक्ष के नीचे ज्ञान प्राप्त हुआ। 483 ईसा पूर्व कुशीनगर में उन्हें महापरिनिर्वाण प्राप्त हुआ अर्थात् देह त्याग किया।

बौद्ध धर्म का इतिहास—-
(1) प्रारम्भिक बौद्ध धर्म । (2) मौर्य कालीन बौद्ध धर्म। (322–182 ईशा पूर्व)
(3) ग्रीक- बौद्ध धर्म
(4) कुषाण साम्राज्य और गांधार बौद्ध धर्म
(5) मध्य एशिया में बौद्ध धर्म
(6) गुप्त और पाल युग में बौद्ध धर्म
(7) पूर्वी एशियाई बौद्ध धर्म

(8) आधुनिक काल में बौद्ध धर्म-
19 वीं शताब्दी से बौद्ध धर्म के आधुनिक पुनरुत्थानों महाबोधि सोसायटी, विपश्यना आन्दोलन और बाबा साहेब डॉ भीम राव अम्बेडकर के नेतृत्व में दलित बौद्ध आन्दोलन शामिल हैं। 2011 की जनगणना के अनुसार भारत में 8•4 मिलियन बौद्ध हैं। जो भारत की कुल जनसंख्या का 0•70% है।

(9) कबीर और रविदास को बुद्ध का अनुयायी क्यों माना जाता है?

कबीर और रविदास ने बुद्ध की करुणा, अहिंसा और समता के संदेश को अपनी सखियों और पदों में इस तरह ढ़ाला कि वे बुद्ध के आधुनिक और व्यावहारिक अनुवाद प्रतीत होते हैं। इसी कारण कई विचारकों और समाज सुधारकों जैसे डॉ.भीम राव अम्बेडकर ने इन संतों को बुद्ध का अनुयाई(विस्तारक) माना है।

(10) महात्मा ज्योतिबा फूले, पेरियार रामास्वामी नायकर, संत गाडगे बाबा,ललई सिंह यादव और छत्रपति शाहू जी महाराज आदि के कार्य क्या बौद्ध दर्शन के अनुसार मिलते-जुलते हैं?

इन सभी महापुरुषों का उद्देश्य सामाजिक न्याय, शिक्षा का प्रसार, पाखंड व अंधविश्वास का विरोध और समतामूलक (बराबरी वाले) समाज की स्थापना करना था।
(11) बाबा साहेब डॉ . भीम राव अम्बेडकर द्वारा रचित भारत का संविधान क्या तथागत भगवान् गौतम बुद्ध के दर्शन पर आधारित है?

हां, भारत का संविधान बुद्ध के दर्शन पर आधारित है।

(12) दुनिया के सभी धर्मों में क्या बौद्ध धर्म सर्वश्रेष्ठ धर्म है?
हां, स्विट्जरलैंड के जिनेवा शहर में (अंतर्राष्ट्रीय धर्म और आध्यात्मिकता उन्नति गठबंधन) द्वारा 2009 में 200 से अधिक विभिन्न धर्मों के प्रतिनिधियों ने मतदान कर बौद्ध धर्म को ‘द बेस्ट रिलिजन इन द वर्ल्ड घोषित किया था‌‌। बौद्ध धर्म को अहिंसा, शांति और वैज्ञानिक दृष्टिकोण के कारण सर्वश्रेष्ठ धर्म माना गया।

उक्त कार्यक्रम में मा.अरविन्द कुमार(मास्टर) की मिशन की लगनशीलता को देखते हुए मानव विकास संस्थान उन्नाव तहसील के अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई और साथ ही मा.कमलेश कुमार की मिशनरी भावना को देखते हुए मानव विकास संस्थान, उन्नाव के सिकन्दरपुर कर्ण ब्लॉक के महामंत्री पद की जिम्मेदारी सौंपी गई।
कार्यक्रम की सफलता में मा. अरविन्द कुमार (मास्टर) एवं उनकी टीम विशेष योगदान रहा।
समाज से जुड़ो, समाज को जोड़ो, जातिवाद- पाखंड से नाता तोड़ो।।
डॉ. जी. पी. मानव

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