Tuesday, September 29, 2026
Homeदेशप्रेम हमें खुशियाँ देता है, जबकि घृणा हमें दुख देने के साथ...

प्रेम हमें खुशियाँ देता है, जबकि घृणा हमें दुख देने के साथ साथ फैलाता है नफरत

मूकनायक/देश
राष्ट्रीय प्रभारी ओमप्रकाश वर्मा
✍🏻✍🏻
घृणा और अच्छाई दो विपरीत भावनाएँ हैं, लेकिन वे एक दूसरे से जुड़ी हुई हैं। घृणा एक नकारात्मक भावना है जो अच्छाई को नष्ट कर सकती है। अच्छाई एक सकारात्मक भावना है जो घृणा को कम कर सकती है। एक व्यक्ति किसी गंदी चीज को देखकर घृणा महसूस कर सकता है, यह एक सहज प्रतिक्रिया है और एक व्यक्ति किसी ऐसे व्यक्ति से घृणा कर सकता है जो उसे चोट पहुंचाता है, यह एक नकारात्मक भावना है, जबकि एक व्यक्ति किसी ऐसे व्यक्ति की मदद करता है, जो मुसीबत में है, यह एक अच्छाई का ही उदाहरण है।
हम दूसरों को सम्मान तो देते हैं, लेकिन उसमें सच्ची भावना बहुत कम होती है। सच्ची भावना के बिना हमारे द्वारा दिया हुआ सम्मान व्यर्थ हो जाता है। सच्ची भावना ही सच्चे प्रेम को जन्म देती है। जिस हृदय में दूसरों के प्रति सच्चा प्रेम होगा, वहाँ घृणा कभी नहीं पनप सकती। इसलिए घृणा को खत्म करना है तो अपने हृदय में प्रेम पैदा कीजिए क्योंकि प्रेम हमें खुशियाँ देता है, जबकि घृणा हमें दुख देने के साथ साथ नफरत फैलाता है। इसलिए एक स्वस्थ और खुशहाल जीवन जीने के लिए, घृणा को कम करना और अच्छाई को बढ़ाना ही महत्वपूर्ण है ।
बिरदीचंद गोठवाल, नारनौल
प्रदेश प्रभारी मूकनायक, हरियाणा

- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments