मूकनायक समाचार । सूरत
सूरत: रिंग रोड स्थित डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर भवन, मान दरवाजा में 14 सितंबर से आयोजित 10 दिवसीय बौद्धाचार्य श्रामणेर शिविर का 22 सितंबर को धार्मिक एवं सामाजिक कार्यक्रमों के साथ समापन हुआ। शिविर के दौरान श्रामणेरों ने 10 दिनों तक चीवर धारण कर भन्ते के रूप में रहकर बौद्ध धम्म का अध्ययन एवं प्रशिक्षण प्राप्त किया।
समापन अवसर पर बुद्धिस्ट सोसायटी ऑफ इंडिया एवं समता सैनिक दल के प्रेसिडेंट डॉ. भीमराव यशवंतराव आंबेडकर ने उपस्थित होकर अपने संबोधन में शिविर के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि श्रामणेर शिविर के माध्यम से धम्म का ज्ञान प्राप्त करने और बौद्ध विहारों में धार्मिक गतिविधियों को आगे बढ़ाने का अवसर मिलता है। उन्होंने बुद्धिस्ट सोसायटी ऑफ इंडिया के ऐतिहासिक योगदान का भी उल्लेख किया।
इस सफल आयोजन के पीछे शेषराव खरात जी की महत्वपूर्ण भूमिका और अथक मेहनत रही। दस दिनों तक शिविर के आयोजन, व्यवस्थाओं एवं कार्यक्रमों को सुचारु रूप से संचालित करने में उनके योगदान की उपस्थित लोगों ने सराहना की।
वहीं डॉ. भीमराव यशवंतराव आंबेडकर जी की उपस्थिति और मार्गदर्शन ने भी शिविर के समापन कार्यक्रम को विशेष गरिमा प्रदान की। उनके मार्गदर्शन तथा शेषराव खरात जी की मेहनत से आयोजित यह 10 दिवसीय श्रामणेर शिविर धम्म, अनुशासन और सामाजिक जागृति का प्रेरणादायी आयोजन रहा।

