Tuesday, September 29, 2026
HomeUncategorizedअंतरराष्ट्रीय आत्महत्या रोकथाम दिवस पर कार्यशाला का आयोजन सराहनीय पहल “आत्महत्या के...

अंतरराष्ट्रीय आत्महत्या रोकथाम दिवस पर कार्यशाला का आयोजन सराहनीय पहल “आत्महत्या के प्रति सोच बदलें, चुप्पी तोड़ें, संवाद करें”प्रधानाचार्य कमलेश नाहर

मूकनायक/श्रवण कुमार
बालोतरा/ राजस्थान

आसाड़ा, 10 सितम्बर 2026। अंतरराष्ट्रीय आत्महत्या रोकथाम दिवस पर राइज फाउंडेशन की ओर से महात्मा गांधी राजकीय अंग्रेजी उच्च माध्यमिक विद्यालय आसाड़ा एवं राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय आसाड़ा के 200 से अधिक छात्र-छात्राओं के साथ जागरूकता कार्यशालाओं का आयोजन किया गया।
राइज फाउंडेशन के परियोजना प्रबंधक थानाराम जोया ने कार्यक्रम में सभी का स्वागत करते हुए बताया कि प्रत्येक वर्ष 10 सितम्बर को विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस मनाया जाता है। इसकी शुरुआत वर्ष 2003 में इंटरनेशनल एसोसिएशन फॉर सुसाइड प्रिवेंशन (IASP) द्वारा विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के सहयोग से की गई थी। इस दिवस का उद्देश्य आत्महत्या को लेकर समाज में व्याप्त चुप्पी, गलत धारणाओं और कलंक को कम करना तथा यह संदेश प्रसारित करना है कि “आत्महत्या को रोका जा सकता है।”
उन्होंने बताया कि वर्ष 2024–2026 की वैश्विक थीम “आत्महत्या के प्रति सोच बदलें” तथा आह्वान “चुप्पी तोड़ें और संवाद करें” है। उन्होंने कहा कि आत्महत्या को केवल किसी व्यक्ति की व्यक्तिगत समस्या के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। इसके पीछे मानसिक तनाव के साथ पारिवारिक, सामाजिक, आर्थिक, लैंगिक एवं परिस्थितिजन्य कारणों का जटिल मेल हो सकता है। इसलिए इसकी रोकथाम में परिवार, समुदाय, विद्यालय, स्वास्थ्य व्यवस्था और शासन सहित सभी की महत्वपूर्ण भूमिका है।
राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, आसाड़ा के प्रधानाचार्य कमलेश नाहर ने राइज फाउंडेशन द्वारा आयोजित कार्यशाला को सराहनीय पहल बताते हुए विद्यार्थियों से कहा कि यदि आसपास कोई व्यक्ति तनाव, अकेलेपन, निराशा या गंभीर भावनात्मक परेशानी से गुजर रहा हो तो उसकी स्थिति को समझने और उससे संवेदनशीलता के साथ संवाद करने का प्रयास करें। उन्होंने विद्यार्थियों को स्वयंसेवक की भावना से जरूरतमंद व्यक्ति की सहायता करने के लिए प्रेरित किया।
कार्यशाला के दौरान विद्यार्थियों को बताया गया कि परेशानी में चल रहे व्यक्ति की बात बिना आलोचना किए ध्यानपूर्वक सुनना, उसे अकेला न छोड़ना तथा आवश्यकता होने पर परिवार के जिम्मेदार सदस्य, शिक्षक, स्वास्थ्यकर्मी या विशेषज्ञ से सहायता दिलाना महत्वपूर्ण है। जरूरत पड़ने पर टेली-मानस (Tele-MANAS) मोबाइल एप डाउनलोड करने और हेल्पलाइन नं. 14416 के माध्यम से भी मानसिक स्वास्थ्य सहायता प्राप्त की जा सकती है।
राइज फाउंडेशन की प्रेरक रुख्सार बानो ने खेल गतिविधि के माध्यम से विद्यार्थियों से संवाद किया। उन्होंने कहा कि अपनी परेशानियों और भावनाओं को दबाने के बजाय उन्हें साझा करें। विद्यार्थियों को हाथ की पांच उंगलियों पर अपने पांच सबसे भरोसेमंद व्यक्तियों—माता-पिता, शिक्षक, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, आशा सहयोगिनी या अन्य विश्वसनीय व्यक्ति—की पहचान करने के लिए प्रेरित किया और कहा जब भी कोई परेशानी हो इन्ही 5 मेसे किसी को अपने मन की बात साझा करनी है। अंत में उन्होंने सभी का आभार जताया।
महात्मा गांधी राजकीय अंग्रेजी उच्च माध्यमिक विद्यालय में रणजीत सिंह, ममता कुमारी, सुनीता, रामचंद्र एवं शालिनी तथा राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, आसाड़ा में प्रधानाचार्य कमलेश नाहर, उपप्रधानाचार्य देवराम पटेल, महेंद्र कुमार द्विवेदी, पुनमाराम, अनिता एवं ममता सहित विद्यालय के अन्य शिक्षक उपस्थित रहे।

- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments