Tuesday, September 29, 2026
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पीपलरावां स्वास्थ्य केंद्र का मामला फिर गरमाया, व्यवस्थाओं और बजट को लेकर उठे सवाल

BMO के कथित जवाब से बढ़ी चर्चा, मरीजों को सामग्री उपलब्ध नहीं होने के आरोपों की जांच की मांग

मूकनायक विष्णु शिंदे पीपलरावा से मध्य प्रदेश से

पीपलरावां। स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र में मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं और आवश्यक सामग्री की उपलब्धता को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं। स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्थाओं को लेकर जिम्मेदार अधिकारी से चर्चा के दौरान “मेरे हाथ में कुछ नहीं है” जैसे कथित जवाब की बात सामने आने के बाद अब स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली और जिम्मेदारी को लेकर चर्चा तेज हो गई है।

एक साल से सामग्री नहीं मिलने का दावा

पेपर कटिंग में सामने आए मामले के अनुसार स्वास्थ्य केंद्र में मरीजों के उपयोग में आने वाली कुछ आवश्यक सामग्री लंबे समय से उपलब्ध नहीं होने की बात कही गई है। यदि ऐसा है तो यह जांच का विषय है कि स्वास्थ्य केंद्र के लिए शासन से कितना बजट प्राप्त हुआ, किस मद में राशि खर्च की गई तथा मरीजों के लिए आवश्यक सामग्री की खरीदी और वितरण की क्या व्यवस्था रही।

ग्रामीणों और मरीजों की मांग है कि संबंधित रिकॉर्ड की जांच कर स्थिति स्पष्ट की जाए, ताकि वास्तविकता सामने आ सके।

BMO की भूमिका पर भी उठे सवाल

स्वास्थ्य केंद्र ब्लॉक स्तर की स्वास्थ्य व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। ऐसे में व्यवस्थाओं को लेकर सवाल उठने पर संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय होना जरूरी है। ग्रामीणों का कहना है कि विभाग को स्पष्ट करना चाहिए कि स्वास्थ्य केंद्र की सामग्री, बजट, खरीदी और वितरण की निगरानी किस स्तर से की जाती है।

इन बिंदुओं पर जांच की आवश्यकता है—

  • स्वास्थ्य केंद्र के लिए कितना बजट प्राप्त हुआ?
  • राशि किस मद में खर्च की गई?
  • किन-किन सामग्रियों की खरीदी की गई?
  • सामग्री की उपलब्धता और वितरण का रिकॉर्ड क्या है?
  • मरीजों की शिकायतों पर क्या कार्रवाई की गई?

उगाही के आरोपों की भी हो निष्पक्ष जांच

पेपर कटिंग में स्वास्थ्य केंद्र से जुड़े कुछ लोगों पर उगाही के आरोपों का भी उल्लेख किया गया है। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में विभाग द्वारा निष्पक्ष जांच कर वास्तविक स्थिति सामने लाना जरूरी है। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो नियमानुसार कार्रवाई हो और यदि आरोप निराधार पाए जाते हैं तो संबंधित लोगों को भी तथ्यात्मक रूप से स्पष्टता मिलनी चाहिए।

अब रिकॉर्ड की जांच पर टिकी नजर

मामला अब केवल आरोप-प्रत्यारोप तक सीमित न रहकर स्वास्थ्य केंद्र के रिकॉर्ड की जांच से स्पष्ट हो सकता है। बजट आवंटन, खरीदी, बिल, भुगतान, स्टॉक रजिस्टर और सामग्री वितरण से जुड़े दस्तावेजों की जांच होने पर स्थिति साफ हो सकती है।

ग्रामीणों का कहना है कि पीपलरावां स्वास्थ्य केंद्र पर आसपास के कई गांवों के मरीज निर्भर हैं। ऐसे में मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं में किसी भी प्रकार की कमी या लापरवाही का सीधा असर आम लोगों पर पड़ता है।

अब देखना यह है कि स्वास्थ्य विभाग मामले की जांच कर जिम्मेदारी तय करता है या मामला केवल आरोपों और जवाबों तक ही सीमित रह जाता है।

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