
शिक्षा व्यवस्था का लिया जायजा, छात्रों से पूछे सवाल; गुणवत्ता सुधार और पारदर्शी संचालन पर दिया जोर
भवरेली। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में दर्ज शिकायत के निराकरण के लिए बम्हनीडीह विकासखंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) बसंत चतुर्वेदी ने शासकीय हाई स्कूल भवरेली का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने विद्यालय की शैक्षणिक एवं प्रशासनिक व्यवस्थाओं का बारीकी से अवलोकन किया तथा विद्यार्थियों की शैक्षणिक गुणवत्ता का भी आकलन किया। इस दौरान बीआरसी हिरेंद्र बेहार और संकुल समन्वयक उमेश तेम्बुलकर भी उपस्थित रहे।
निरीक्षण के दौरान बीईओ बसंत चतुर्वेदी ने केवल अभिलेखों और प्रशासनिक व्यवस्थाओं की समीक्षा तक स्वयं को सीमित नहीं रखा, बल्कि कक्षा 10वीं के विद्यार्थियों के बीच पहुंचकर गणित की कक्षा भी ली। उन्होंने विद्यार्थियों से विभिन्न गणितीय प्रश्न पूछे, उनकी समझ और विषय पर पकड़ का परीक्षण किया तथा सरल और व्यवहारिक तरीके से गणित की अवधारणाएं समझाईं। इससे विद्यार्थियों में उत्साह का माहौल देखने को मिला।
बीईओ ने शिक्षकों से कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना शिक्षा विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने जिला शिक्षा अधिकारी अशोक सिन्हा के निर्देशों का उल्लेख करते हुए विद्यालय में नियमित अध्यापन, विद्यार्थियों की सतत शैक्षणिक प्रगति, समयबद्ध मूल्यांकन तथा सीखने के स्तर में सुधार के लिए गंभीरता से कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक विद्यार्थी की सीखने की क्षमता बढ़ाने के लिए नवाचार आधारित शिक्षण पद्धति अपनाई जानी चाहिए।
निरीक्षण के दौरान विद्यालय की शैक्षणिक गतिविधियों, उपस्थिति, अभिलेखों तथा विभिन्न शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन की भी समीक्षा की गई। प्राचार्य राजकुमार झलरिया ने विद्यालय में संचालित शासकीय योजनाओं का पारदर्शी एवं प्रभावी संचालन सुनिश्चित करने का भरोसा दिलाया।
बीईओ ने विद्यालय परिवार से अपेक्षा व्यक्त की कि सभी शिक्षक टीम भावना के साथ कार्य करते हुए विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास और बेहतर परीक्षा परिणामों के लिए निरंतर प्रयास करें। उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा ही विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव है और इसके लिए नियमित निरीक्षण एवं सतत शैक्षणिक सुधार आवश्यक हैं।

