राष्ट्रीय, प्रांतीय एवं स्थानीय मुद्दों को लेकर कोटा कलेक्ट्री पर गरजा बहुजन समाज
मूकनायक/राष्ट्रीय प्रभारी ओमप्रकाश वर्मा
कोटा /राजस्थान
कोटा, 14 जुलाई 2026 मंगलवार को आज़ाद समाज पार्टी (कांशीराम) के जिलाध्यक्ष एवं संयुक्त नेतृत्व में कोटा जिला मुख्यालय पर एक विशाल एवं ऐतिहासिक जिला स्तरीय धरना प्रदर्शन का आयोजन किया गया। आंदोलन में कोटा संभाग, विभिन्न विधानसभाओं, तहसीलों, ब्लॉकों और ग्राम पंचायतों से आए हजारों क्रांतिकारी कार्यकर्ताओं ने भाग लेकर सामाजिक न्याय और नागरिक अधिकारों के लिए हुंकार भरी।
मुख्य बिंदु एवं विधिक मांगें:
आंदोलन के दौरान जिला कलेक्टर के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री को एक सुव्यवस्थित विधिक ज्ञापन सौंपा गया, जिसमें निम्नलिखित प्रमुख मांगों पर त्वरित कार्रवाई की मांग की गई।
स्थानीय मुद्दे:
अदालत चौराहा स्थित बाबा साहब डॉ. बी.आर. अम्बेडकर की प्रतिमा स्थल पर अविलंब हाई-मास्ट लाइट, सीसीटीवी कैमरे एवं नियमित सफाई व्यवस्था सुनिश्चित हो। इसके साथ ही, 29 कच्ची बस्तियों में आवासीय पट्टों के वितरण पर लगी रोक तुरंत हटाई जाए और शोषित बस्तियों में सड़क, बिजली एवं पेयजल की स्थाई लाइनें बिछाई जाएं।
दमन पर रोक:
बिना किसी ठोस एवं विधिक वैकल्पिक पुनर्वास योजना के निर्धन परिवारों के आशियाने उजाड़ने पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाने की मांग की गई। साथ ही, ग्रामीण व अर्ध-शहरी क्षेत्रों में वंचित वर्गों के रास्ते रोकने, जमीनों पर अवैध कब्जे करने और मारपीट की घटनाओं के दोषियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग उठाई गई।
राज्य एवं राष्ट्रीय प्रकरण:
श्रीगंगानगर में 13 वर्षीय नाबालिग से सामूहिक दुष्कर्म के दोषियों को फास्ट-ट्रैक कोर्ट के माध्यम से फांसी की सजा देने, राज्य में तृतीय श्रेणी शिक्षकों के स्थानांतरण से असंवैधानिक रोक हटाने तथा भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक के विरुद्ध दिल्ली में भूख हड़ताल पर बैठे युवाओं की न्यायोचित मांगों को तुरंत स्वीकार करने की पुरजोर मांग की गई। इसके अतिरिक्त, मेरठ (UP) में शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर बर्बर लाठीचार्ज व दुर्व्यवहार करने वाले दोषी SSP पर तत्काल सख्त दंडात्मक कार्रवाई की मांग की गई।
जमीनी एकजुटता और आभार:
इस महाआंदोलन को सफल बनाने में जिले के प्रत्येक कोने से आए कार्यकर्ताओं का अथक प्रयास रहा। इस ऐतिहासिक सहभागिता के लिए सभी जिम्मेदार टीमों और कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि शोषित वर्ग अब अपने अधिकारों के लिए पूरी तरह जागृत हो चुका है।
आंदोलन में प्रमुख रूप से उपस्थित क्षेत्र:
सिमलिया, मंडावरा, सुल्तानपुर, दीगोद, बपावर, कुंदनपुर, दरा, मंडाना, कसार, कनवास, सांगोद, केशोरायपाटन, डीसीएम, प्रेम नगर, गोविंद नगर, क्रेशर बस्ती, बरड़ा बस्ती, केशवपुरा सहित ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों के सभी पदाधिकारी एवं क्रांतिकारी साथी अपनी पूरी ताकत के साथ डटे रहे।
सामूहिक बैठक एवं भविष्य की रणनीति:
धरना प्रदर्शन और ज्ञापन सौंपने की प्रशासनिक विधिक प्रक्रिया के पश्चात, संगठन द्वारा एक विशाल सामूहिक बैठक (समीक्षा सभा) का आयोजन किया गया। बैठक में संभाग, जिला, विधानसभा, तहसील, ब्लॉक और पंचायत स्तर के तमाम पदाधिकारियों ने हिस्सा लिया। सभी उपस्थित साथियों ने एक साथ सहभोज (सामूहिक भोजन) किया, जिसके बाद आगामी रणनीतिक सांगठनिक विस्तार पर चर्चा करते हुए मीटिंग का विधिवत समापन किया गया।
संगठन ने प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि स्थानीय स्तर के मुद्दों पर आगामी दिनों में उचित कार्रवाई शुरू नहीं हुई, तो आंदोलन के अगले चरण के तहत कलेक्ट्री परिसर में लोकतांत्रिक सत्याग्रह प्रारंभ किया जाएगा।

