नागपुर, प्रतिनिधि : महाराष्ट्र पशु एवं मत्स्य विज्ञान विश्वविद्यालय (माफसू), नागपुर के कुलगुरु कार्यालय में कार्यरत प्रवीण मोरेश्वर बागड़े को निजी सहायक पद पर पदोन्नत किया गया है। विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा जारी पदोन्नती आदेश के अनुसार उनकी नियुक्ति की गई है तथा वे आज संचालनालय, विस्तार शिक्षा, माफसू, नागपुर में अपने नए पद का कार्यभार ग्रहण करेंगे।
प्रवीण बागड़े को प्रशासनिक क्षेत्र में 25 वर्षों से अधिक का अनुभव है। महाराष्ट्र शासन में अनेक मंत्रियों एवं राज्य मंत्रियों के निजी सहायक तथा विशेष कार्य अधिकारी (OSD) के रूप में उन्होंने उल्लेखनीय सेवाएं दी हैं। इसके अलावा राष्ट्रपती, उपराष्ट्रपती, प्रधानमंत्री तथा राज्यपाल के नागपुर दौरे के दौरान भी उन्होंने प्रतिनियुक्ति पर महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों का सफलतापूर्वक निर्वहन किया है।
माफसू में उन्होंने विभिन्न प्रशासनिक दायित्वों का निष्ठा, अनुशासन और दक्षता के साथ निर्वहन किया है। उनकी कार्यकुशलता, उत्कृष्ट समन्वय क्षमता एवं गुणवत्तापूर्ण सेवाओं के कारण उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। उनके उत्कृष्ट कार्य की सराहना करते हुए विश्वविद्यालय द्वारा उन्हें पूर्व में ‘उत्कृष्ट कर्मचारी पुरस्कार’ तथा ‘उत्कृष्ट अधिकारी पुरस्कार’ से भी सम्मानित किया जा चुका है।
प्रशासनिक कार्यों के साथ-साथ प्रवीण बागड़े साहित्य, पत्रकारिता एवं सामाजिक क्षेत्र में भी सक्रिय हैं। विभिन्न समाचार पत्रों में उनके 488 से अधिक लेख प्रकाशित हो चुके हैं। लोकमत टाइम्स के ‘सिटी टॉक्स’ स्तंभ में उनके 105 से अधिक मुलाखते प्रकाशित हुए हैं, वहीं दैनिक नवे शहर (मुंबई) के ‘वाचक संवाद’ स्तंभ में उनके अनेक साक्षात्कार प्रकाशित हुए हैं। उनके लेखन में सामाजिक समता, मानवता तथा डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर के विचारों की स्पष्ट छाप दिखाई देती है।
उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए उन्हें डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर राष्ट्रीय पुरस्कार, राष्ट्रीय लोकमित्र पुरस्कार, गांधी-आंबेडकर पुरस्कार, भारतीय एकता पुरस्कार, उत्कृष्ट कर्मचारी पुरस्कार, उत्कृष्ट अधिकारी पुरस्कार, प्रबुद्ध साहित्य रत्न पुरस्कार तथा राजर्षि शाहू महाराज समाजभूषण पुरस्कार सहित अनेक प्रतिष्ठित सम्मानों से अलंकृत किया जा चुका है। उनकी इस पदोन्नति पर माफसू के अधिकारियों, कर्मचारियों, साहित्यकारों, पत्रकारों, सामाजिक कार्यकर्ताओं तथा मित्रों ने उन्हें हार्दिक बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल प्रशासनिक, साहित्यिक एवं सामाजिक जीवन के लिए शुभकामनाएं दी हैं।

