डो. देसाई ने तबीबों की कई प्रतिष्ठित संस्थानों में अध्यक्ष के तौर पर कार्य किया था
मूकनायक समाचार । सूरत
by Jayanti Solanki
सूरत के तबीबी क्षेत्र के अग्रणी व स्तंभ समान डो. राजेन्द्र देसाई का निधन हो गया। 1965 से तबीबी सेवा के साथ जुडे डो. देसाई ने सूरत के पानी की भींत क्षेत्र में पहली निजी अस्पताल शुरू की थी। डायाबिटिस मेलिट्स, मानसिक रोगों के निदान व उपचार में उनकी कुशलता थी।
डो.देसाई ने कई प्रतिष्ठित संस्थानों में अध्यक्ष के तौर पर कार्य किया था। जिसमें इन्डियन मैडिकल एसोसियेशन (सूरत), एसोसियेशन ओफ फिजिशियन्स ओफ सूरत और सूरत मेडिकल कन्सल्टन्ट्स एसोसियेशन समाविष्ट है। समग्र तबीबी जगत में काफी आदरणीय व लोकप्रिय रहने वाले राजेन्द्र देसाई सूरत में व्यसनमुक्ति के प्रणेता थे। 1995 में आल्कोहोलिक एसोसियेशन के सूरत चैप्टर की स्थापना कर 1000 से अधिक लोगों को शराब के व्यसन से मुक्ति दिलाई। डो. राजेन्द्र देसाई संगीत विशारद भी थे। वह ओशो रजनीश और कृष्णमूर्ति के विचारों से प्रभावित थे और उन्हें फोलो करते थे। वह उनके ग्रुप में उर्फ गुरु के नाम से पहचाने जाते थे। वह निरंतर वांचन के शोखीन थे। डो. राजेन्द्र देसाई की 5000 पुस्तकों की खुद की लाईब्रेरी थी। उनके निधन से तबीबी जगत ने प्रेरणादायी और वरिष्ठ चिकित्सक गंवा दिया है।

