Friday, July 17, 2026
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जशपुर में विज्ञान शिक्षा को मिला नवाचार का नया आयाम

प्रयोग आधारित शिक्षण को बढ़ावा देने विज्ञान शिक्षकों का विशेष प्रशिक्षण, वैज्ञानिक डॉ. प्रचेता मलिक ने दिए व्यावहारिक गुर

रायपुर, 11 जुलाई। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप विद्यालयों में प्रयोग आधारित, गतिविधि आधारित एवं दक्षता आधारित शिक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जशपुर जिले में विज्ञान शिक्षकों के लिए विशेष प्रायोगिक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाने की दिशा में जिला प्रशासन एवं इनोवेशन एंड साइंस प्रमोशन फाउंडेशन के सहयोग से स्वामी आत्मानंद हिंदी माध्यम विद्यालय, जशपुर में आयोजित इस प्रशिक्षण में कक्षा 9वीं एवं 10वीं के विज्ञान शिक्षकों ने भाग लिया।

प्रशिक्षण में पुणे से आए इनोवेशन एंड साइंस प्रमोशन फाउंडेशन के संस्थापक एवं वैज्ञानिक डॉ. प्रचेता मलिक तथा उनकी चार सदस्यीय टीम ने विज्ञान के विभिन्न सिद्धांतों पर आधारित प्रयोगों का व्यावहारिक प्रदर्शन करते हुए शिक्षकों को गतिविधि आधारित शिक्षण की आधुनिक तकनीकों से अवगत कराया। प्रशिक्षण का उद्देश्य विज्ञान विषय को अधिक रोचक, व्यावहारिक और विद्यार्थी-केंद्रित बनाना है, ताकि विद्यार्थी प्रयोगों के माध्यम से वैज्ञानिक अवधारणाओं को बेहतर ढंग से समझ सकें।

प्रशिक्षण के दौरान शिक्षकों को डीआईवाई (Do It Yourself) गतिविधियों के माध्यम से पैराशूट, बैटरी, माइक्रोस्कोप, रेस्पिरोमीटर तथा स्ट्रॉ प्रोपेलर जैसे वैज्ञानिक मॉडल तैयार करना सिखाया गया। इसके अलावा एसिड-बेस न्यूट्रलाइजेशन रिएक्शन, कागज से ज्यामितीय आकृतियों का निर्माण तथा भौतिकी, रसायन विज्ञान और जीवविज्ञान से जुड़े अनेक प्रयोगों का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया गया।

कार्यक्रम में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अंतर्गत एक्सपीरिएंशियल लर्निंग, एक्टिविटी बेस्ड लर्निंग और कंपिटेंसी बेस्ड लर्निंग की अवधारणाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। शिक्षकों को बताया गया कि प्रयोग आधारित शिक्षण से विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, तार्किक सोच और नवाचार की भावना विकसित की जा सकती है। साथ ही उन्हें डिजिटल माध्यम से अतिरिक्त प्रयोगों का विस्तृत मैन्युअल भी उपलब्ध कराया जाएगा, जिसमें इलेक्ट्रोप्लेटिंग, मैग्नेटिक पेन स्टैंड, क्रोमैटोग्राफी, सेंट्रीफ्यूज, स्टार्च डाइजेशन, सॉइल इरोजन मॉडल तथा मैग्नेटिक फील्ड लाइंस सहित अनेक वैज्ञानिक प्रयोग शामिल हैं।

प्रशिक्षण कार्यक्रम में एबीईओ टुमनू गोसाई, यशस्वी जशपुर से अवनीश पांडेय, संजय दास, सहयोगी मास्टर ट्रेनर प्रभात मिश्रा, दीपक ग्वाला, मनीषा भगत सहित जिले के सभी शासकीय हाई एवं हायर सेकेंडरी विद्यालयों के विज्ञान शिक्षक उपस्थित रहे।

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