
रायपुर। छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल ने मानसून-2026 के दौरान औद्योगिक इकाइयों द्वारा किए जा रहे वृक्षारोपण कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए उद्योगों को हरित आवरण बढ़ाने और पर्यावरणीय दायित्वों के प्रभावी निर्वहन के लिए आवश्यक निर्देश जारी किए हैं।
राजधानी रायपुर के न्यू सर्किट हाउस स्थित न्यू कन्वेंशन हॉल में आयोजित समीक्षा बैठक में सदस्य सचिव राजू अगसिमनी ने उद्योगों की वृक्षारोपण कार्ययोजना, पौधों के संरक्षण, रखरखाव तथा निगरानी व्यवस्था की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि वृक्षारोपण केवल लक्ष्य पूरा करने तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि लगाए गए पौधों के संरक्षण और उनकी जीवित रहने की दर सुनिश्चित करना भी आवश्यक है।

बैठक में उद्योगों को प्रत्येक हेक्टेयर में न्यूनतम 2,500 पौधे लगाने, त्रि-स्तरीय (थ्री-लेयर) पौधारोपण अपनाने तथा अपने परिसर के कम से कम 33 प्रतिशत क्षेत्र में ग्रीन बेल्ट विकसित करने के निर्देश दिए गए। बरगद, पीपल, नीम, आम सहित स्थानीय एवं पर्यावरण के अनुकूल प्रजातियों के अधिकाधिक पौधे लगाने पर भी विशेष जोर दिया गया।
पर्यावरणीय निगरानी को सुदृढ़ बनाने के लिए सभी औद्योगिक इकाइयों को ऑनलाइन सतत उत्सर्जन निगरानी प्रणाली 24 घंटे संचालित रखने तथा प्रत्येक तीन माह में उसका नियमित कैलिब्रेशन कराने के निर्देश दिए गए।
बैठक में जानकारी दी गई कि विभागीय मंत्री ओ.पी. चौधरी शीघ्र ही राज्य के उद्योगपतियों के साथ बैठक कर वृक्षारोपण एवं पर्यावरण संरक्षण से जुड़े कार्यों की समीक्षा करेंगे। बैठक में प्रमुख औद्योगिक इकाइयों के प्रतिनिधि, पर्यावरण संरक्षण मंडल के क्षेत्रीय अधिकारी एवं वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।


