घर का बीज, जंगल पहुँचाओ’ महाअभियान को मिला समर्थन।
मूकनायक न्यूज/सिरोही/राजस्थान।
सिरोही ।आबूरोड रेलवे स्टेशन के समीप ग्रीन आर्मी मैन एवं पर्यावरण प्रेमी ओमप्रकाश कुमावत का पर्यावरण प्रेमियों द्वारा गर्मजोशी से स्वागत किया गया। इस अवसर पर उन्होंने “घर का बीज, जंगल पहुँचाओ” महाअभियान के तहत आमजन से घरों में निकलने वाले देशी फलों एवं छायादार वृक्षों के बीजों को फेंकने के बजाय उन्हें सुरक्षित रखकर सीड बॉल बनाने तथा वर्षाकाल में जंगलों, पहाड़ियों और बंजर भूमि तक पहुँचाने का आह्वान किया। कार्यक्रम में विहिप प्रखण्ड अध्यक्ष भलाराम देवासी आबुरोड, गोरक्षा प्रमुख रामाराम चौधरी एवं गोसेवक प्रवीण सिंह परमार की उपस्थिति में ओमप्रकाश कुमावत ने सीड बॉल निर्माण की प्रक्रिया और उसके महत्व की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सीड बॉल पर्यावरण संरक्षण का एक सरल, प्रभावी और कम लागत वाला नवाचार है। इसमें देशी बीजों को मिट्टी, गोबर की खाद और रेत के मिश्रण से तैयार किया जाता है, जिससे बीज सुरक्षित रहते हैं। वर्षा होने पर सीड बॉल धीरे-धीरे गलती है और बीज को अंकुरित होने के लिए आवश्यक नमी, पोषण एवं संरक्षण प्राप्त होता है, जिससे पौधों के विकसित होने की संभावना बढ़ जाती है।इस अवसर पर विश्व हिन्दू परिषद प्रखण्ड अध्यक्ष भलाराम देवासी ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकार का नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का नैतिक दायित्व है। उन्होंने “घर का बीज, जंगल पहुँचाओ” महाअभियान की सराहना करते हुए अधिक से अधिक लोगों से सीड बॉल बनाकर प्रकृति संरक्षण के इस जनआंदोलन से जुड़ने का आह्वान किया।ओमप्रकाश कुमावत ने कहा कि आज लाखों उपयोगी बीज कचरे में चले जाते हैं। यदि प्रत्येक परिवार इन बीजों को एकत्रित कर सीड बॉल तैयार करे और वर्षाकाल में उन्हें जंगलों तक पहुँचाए, तो बिना किसी बड़े खर्च के हरियाली बढ़ाई जा सकती है। यह अभियान केवल पौधारोपण तक सीमित नहीं है, बल्कि जैव विविधता संरक्षण,ज जलवायु संतुलन और आने वाली पीढ़ियों के लिए हरित भविष्य तैयार करने का जनआंदोलन है।इस अवसर पर गोसेवक प्रवीण सिंह परमार, आबूरोड ने पर्यावरण संरक्षण के लिए 201 सीड बॉल तैयार करने का संकल्प लिया। उपस्थित सभी लोगों ने अभियान की सराहना करते हुए अधिकाधिक लोगों को इससे जोड़ने तथा वर्षाकाल में सीड बॉल के माध्यम से जंगलों को हरा-भरा बनाने का संकल्प व्यक्त किया। कार्यक्रम के अंत में पर्यावरण संरक्षण को जन-जन का अभियान बनाने और “घर का बीज, जंगल पहुँचाओ” संदेश को प्रत्येक घर तक पहुँचाने का आह्वान किया गया।

