
कलेक्टर के निर्देश पर पांच दिन तक चला विशेष अभियान, 10 वाहन जब्त; अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण के खिलाफ आगे भी जारी रहेगी सख्त कार्रवाई
सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में अवैध खनिज कारोबार पर जिला प्रशासन ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए खनिज माफियाओं के खिलाफ कड़ा प्रहार किया है। कलेक्टर के निर्देश पर खनिज विभाग की टीम ने पिछले पांच दिनों तक जिले के विभिन्न क्षेत्रों में व्यापक निरीक्षण और छापामार अभियान चलाया। इस दौरान अवैध उत्खनन, परिवहन तथा भंडारण से जुड़े कई मामलों का खुलासा हुआ, जिसके बाद 8 स्वीकृत क्रेशर एवं भंडारण परिसरों के साथ 1 स्वीकृत माइंस को सील कर दिया गया। वहीं अवैध परिवहन में संलिप्त 10 वाहनों को भी जब्त किया गया।
जिला प्रशासन की इस कार्रवाई से अवैध खनिज कारोबार से जुड़े लोगों में हड़कंप मच गया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि प्राकृतिक संसाधनों के अवैध दोहन और पर्यावरणीय नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ भविष्य में भी इसी तरह कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।
8 क्रेशर एवं भंडारण परिसर किए गए सील
खनिज विभाग द्वारा सारंगढ़, सरिया और बरमकेला तहसीलों में संचालित विभिन्न स्वीकृत क्रेशर एवं भंडारण स्थलों का निरीक्षण किया गया। जांच के दौरान कई इकाइयों में छत्तीसगढ़ खनिज (खनन, परिवहन एवं भंडारण) नियम, 2009 के प्रावधानों का गंभीर उल्लंघन पाया गया।
इसके बाद नियमानुसार निम्नलिखित 8 इकाइयों को जब्त कर सील कर दिया गया—
- मेसर्स सिंघल क्रशर उद्योग (प्रो. गोपाल प्रसाद अग्रवाल)
- मेसर्स गणपति ग्रामोद्योग (प्रो. रमेश छपारिया)
- मेसर्स जय मां शारदा मिनरल्स (प्रो. हिमांशु अग्रवाल)
- मेसर्स मंगल क्रशर उद्योग (प्रो. दीपक अग्रवाल)
- मेसर्स श्री सालासर इंटरप्राइजेस (प्रो. प्राची बेरीवाल)
- मेसर्स हरिओम मिनरल्स (प्रो. शत्रुघन लाल अग्रवाल)
- मेसर्स मां अम्बे स्टोन क्रेशर (प्रो. निरजा अग्रवाल)
- मेसर्स श्री श्याम मिनरल्स (प्रो. पूनम देवी अग्रवाल)
प्रशासन का कहना है कि इन सभी इकाइयों में नियमों के अनुरूप संचालन नहीं किया जा रहा था, जिसके चलते कार्रवाई आवश्यक हो गई।

पर्यावरणीय नियमों के उल्लंघन पर माइंस भी हुई सील
कार्रवाई केवल क्रेशर परिसरों तक सीमित नहीं रही। गुड़ेली स्थित मेसर्स बाबा मिनरल्स की स्वीकृत खदान के निरीक्षण में भी गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। जांच में पाया गया कि खदान संचालन के दौरान छत्तीसगढ़ गौण खनिज नियम, 2015 तथा पर्यावरण स्वीकृति (Environmental Clearance) की निर्धारित शर्तों का उल्लंघन किया जा रहा था।
इन अनियमितताओं को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने उक्त माइंस को तत्काल प्रभाव से जब्त कर सील कर दिया। संबंधित प्रकरण में नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई भी प्रारंभ कर दी गई है।
अवैध परिवहन पर भी प्रशासन का शिकंजा
मंगलवार को सरिया तहसील क्षेत्र में खनिज विभाग ने विशेष वाहन जांच अभियान चलाया। इस दौरान बिना वैध दस्तावेजों के गौण खनिज डोलोमाइट का परिवहन करते हुए दो हाइवा वाहन (CG-13-AX-0311 एवं CG-13-BK-5842) पकड़े गए।
इसके अलावा साधारण रेत का अवैध परिवहन करते हुए 8 ट्रैक्टर भी जब्त किए गए। सभी 10 वाहनों के विरुद्ध छत्तीसगढ़ गौण खनिज नियम, 2015 तथा खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957 की धारा 21 के तहत कार्रवाई करते हुए उन्हें सरिया थाना की अभिरक्षा में सौंप दिया गया।
प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा प्रशासन की प्राथमिकता
जिला प्रशासन का कहना है कि अवैध खनन न केवल शासन को आर्थिक नुकसान पहुंचाता है, बल्कि पर्यावरण और प्राकृतिक संसाधनों को भी गंभीर क्षति पहुंचाता है। इसी उद्देश्य से जिले में लगातार निगरानी रखी जा रही है तथा शिकायत मिलने पर तत्काल कार्रवाई की जा रही है।
कलेक्टर के निर्देशानुसार अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण के विरुद्ध विशेष अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। प्रशासन ने स्पष्ट संदेश दिया है कि खनिज माफियाओं और नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध भविष्य में भी बिना किसी रियायत के कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

