
छत्तीसगढ़ कंडरा आदिवासी समाज के सामाजिक भवन का लोकार्पण, उत्कृष्ट प्रतिभाओं का हुआ सम्मान; शिक्षा, संगठन और संस्कार को बताया समाज की सबसे बड़ी ताकत
रायपुर, 30 जून 2026।
वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप ने कहा है कि आदिवासी समाज का सशक्त नेतृत्व, शिक्षा और सामाजिक एकजुटता नए एवं विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण की मजबूत आधारशिला है। उन्होंने कहा कि आज आदिवासी समाज के युवा शिक्षा, प्रशासन, तकनीक, व्यवसाय, खेल और जनप्रतिनिधित्व सहित विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल कर रहे हैं, जो समाज के उज्ज्वल भविष्य का संकेत है।

मंत्री रायपुर के महादेव घाट में आयोजित छत्तीसगढ़ कंडरा आदिवासी समाज के सामाजिक भवन के लोकार्पण, सम्मान समारोह एवं वार्षिक अधिवेशन में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने नवनिर्मित सामाजिक भवन का लोकार्पण किया तथा शिक्षा, खेल, सामाजिक सेवा और अन्य क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले समाज के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों एवं प्रतिभाओं को सम्मानित किया।

अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि किसी भी समाज की वास्तविक शक्ति उसकी शिक्षा, संगठन और संस्कार में निहित होती है। यदि समाज शिक्षित और संगठित होगा तो विकास की नई संभावनाएं स्वतः खुलेंगी। उन्होंने कहा कि दूरस्थ क्षेत्रों के आदिवासी युवा आज डॉक्टर, इंजीनियर, शिक्षक, प्रशासनिक अधिकारी, उद्यमी और जनप्रतिनिधि बनकर समाज का नाम रोशन कर रहे हैं तथा आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणा बन रहे हैं।
केदार कश्यप ने कहा कि नव निर्मित सामाजिक भवन केवल एक भवन नहीं, बल्कि समाज की एकता, संवाद, संस्कृति और नई पीढ़ी के मार्गदर्शन का केंद्र बनेगा। यहां विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी, सांस्कृतिक गतिविधियों, सामाजिक आयोजनों और समाज के विकास से जुड़े कार्यक्रमों के लिए बेहतर वातावरण उपलब्ध होगा।

उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार आदिवासी समाज के सर्वांगीण विकास के लिए अनेक योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन कर रही हैं। नई शिक्षा नीति, छात्रवृत्ति, आवासीय विद्यालय, कौशल विकास, वनाधिकार, स्वरोजगार, लघु वनोपज के बेहतर समर्थन मूल्य तथा महिला स्व-सहायता समूहों के सशक्तिकरण जैसी योजनाएं आदिवासी समाज को आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
मंत्री ने समाज के वरिष्ठजनों से अपनी समृद्ध परंपराओं, संस्कृति और सामाजिक मूल्यों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का आह्वान किया। साथ ही युवाओं से उच्च शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं, डिजिटल तकनीक और स्वरोजगार के क्षेत्र में आगे बढ़कर समाज और प्रदेश के विकास में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की।
कार्यक्रम के अंत में उन्होंने सामाजिक भवन के निर्माण के लिए छत्तीसगढ़ कंडरा आदिवासी समाज को बधाई देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि संगठित समाज, शिक्षित युवा और सशक्त नेतृत्व के बल पर समाज विकास और प्रगति की नई ऊंचाइयों को प्राप्त करेगा।
इस अवसर पर विकास मरकाम, नंदकुमार साय, वीरेंद्र कुंजाम, अनसूया मरकाम, तुलसी मरकाम, होरीलाल छेदैया, शांतनु मरकाम, कमल नारायण मरकाम सहित कंडरा आदिवासी समाज के बड़ी संख्या में पदाधिकारी, सदस्य एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

