
मूकनायक समाचार | सत्यशील गोंडाने | रामपायली/बालाघाट
रामपायली का सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र इन दिनों चिकित्सकों की कमी और सीमित स्वास्थ्य सुविधाओं के कारण क्षेत्रवासियों की चिंता का विषय बना हुआ है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि अस्पताल में पर्याप्त डॉक्टरों के अभाव में अधिकांश गंभीर एवं आपातकालीन मरीजों को प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल बालाघाट रेफर किया जा रहा है।
क्षेत्रवासियों के अनुसार अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सकों के कई पद लंबे समय से रिक्त हैं, जिससे दुर्घटना, हृदय रोग, प्रसूति संबंधी जटिल मामलों तथा अन्य गंभीर बीमारियों के मरीजों का समुचित उपचार नहीं हो पा रहा है। ऐसे मामलों में मरीजों को तत्काल बालाघाट भेजना पड़ता है, जिससे उनके परिजनों को आर्थिक, मानसिक और शारीरिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
ग्रामीणों का कहना है कि कई बार रेफरल के दौरान उपचार में देरी होने से मरीजों की स्थिति और गंभीर हो जाती है। उनका आरोप है कि अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टरों, प्रशिक्षित स्टाफ और आवश्यक चिकित्सा उपकरणों की कमी लंबे समय से बनी हुई है, लेकिन समस्या के समाधान के लिए प्रभावी कदम नहीं उठाए जा रहे हैं।
क्षेत्र के नागरिकों ने जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग से मांग की है कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में विशेषज्ञ चिकित्सकों की शीघ्र नियुक्ति की जाए, आवश्यक चिकित्सा उपकरण उपलब्ध कराए जाएं तथा आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ किया जाए, ताकि मरीजों को इलाज के लिए बार-बार जिला अस्पताल रेफर न करना पड़े।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया तो सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति आमजन का विश्वास और कमजोर हो सकता है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से शीघ्र हस्तक्षेप कर अस्पताल की व्यवस्थाओं में सुधार करने की मांग की है।

