Tuesday, September 29, 2026
Homeदेशबाहरी परिस्थितियां, धन और संपत्ति भले ही हमसे छिन जाएं, लेकिन हमारा...

बाहरी परिस्थितियां, धन और संपत्ति भले ही हमसे छिन जाएं, लेकिन हमारा ज्ञान, अनुभव और आंतरिक क्षमता हमेशा रहते हैं हमारे साथ

मूकनायक/राष्ट्रीय प्रभारी ओमप्रकाश वर्मा
✍️✍️
जीवन में विपरीत परिस्थितियां (हालात) किसी भी व्यक्ति के धैर्य और साहस की सबसे बड़ी कसौटी होती हैं। कई बार मनुष्य को लगता है कि उसने सब कुछ खो दिया है, लेकिन ज्ञान एक ऐसी संपत्ति है जो कभी समाप्त नहीं होता । इसे कोई चोर चुरा नहीं सकता और ना ही कोई छीन सकता है। शिक्षा और ज्ञान केवल किताबों तक सीमित नहीं होते, बल्कि वे जीवन के अनुभवों, ठोकरों और संघर्षों की भट्टी में पककर तैयार होते हैं। जब कोई व्यक्ति मुश्किल दौर से गुजरता है, तो वही ज्ञान और विवेक उसे सही और गलत के बीच का अंतर समझाते हैं और आगे बढ़ने का मार्ग दिखाते हैं।
डॉ. बी.आर. आंबेडकर ने अपने जीवन में भयंकर सामाजिक भेदभाव और विकट हालातों का सामना किया, लेकिन उनके ज्ञान की शक्ति को कोई कम नहीं कर सका। इसी ज्ञान के बल पर उन्होंने भारत का संविधान लिखा । इतिहास इस बात का साक्षी है कि जिन लोगों ने अपने जीवन में सबसे कठिन हालात देखे, उन्होंने ही सबसे महान कार्य किए क्योंकि संकट के समय उनकी मानसिक शक्ति (ज्ञान) ने उनका साथ नहीं छोड़ा। अतः हमें हालात से डरने के बजाय अपने ज्ञान और बुद्धि का विस्तार करते रहना चाहिए क्योंकि वही हमारा सबसे बड़ा सुरक्षा कवच है।
बिरदी चंद गोठवाल
प्रदेश प्रभारी मूकनायक, हरियाणा

- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments