
रायपुर, 26 जून 2026। अंतरराष्ट्रीय नशा निषेध दिवस के अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, सूरजपुर द्वारा नशे के दुष्प्रभावों के प्रति समाज को जागरूक करने और युवाओं को स्वस्थ एवं जिम्मेदार जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से तीन दिवसीय विशेष जनजागरूकता अभियान आयोजित किया गया। अभियान के तहत विद्यालयों, विद्यार्थियों, युवाओं एवं नशा मुक्ति केंद्रों से जुड़े लोगों को कानूनी साक्षरता, नशा मुक्ति और पुनर्वास संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी दी गई।


अभियान के अंतर्गत साधु राम विद्या मंदिर सूरजपुर, डी.ए.वी. पब्लिक स्कूल विश्रामपुर तथा स्थानीय नशा मुक्ति केंद्र में विधिक साक्षरता एवं परामर्श कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस दौरान राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA) की ‘डॉन’ (Drug Awareness and Wellness Navigation-DAWN) योजना की जानकारी देते हुए नशे के दुष्प्रभाव, पुनर्वास सेवाओं तथा निःशुल्क विधिक सहायता के बारे में विस्तार से बताया गया।
कार्यक्रमों में विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को नशे के शारीरिक, मानसिक, सामाजिक एवं शैक्षणिक दुष्परिणामों से अवगत कराते हुए कहा कि नशा व्यक्ति, परिवार और समाज के लिए गंभीर चुनौती है। नशा मुक्ति केंद्र में आयोजित विशेष सत्र में उपचाररत लोगों को परामर्श देकर पुनर्वास, सामाजिक पुनर्स्थापन तथा उपलब्ध कानूनी सहायता की जानकारी भी प्रदान की गई।

अभियान के दौरान किशोर न्याय अधिनियम, बच्चों के अधिकारों, सुरक्षा एवं संरक्षण संबंधी कानूनी प्रावधानों पर भी प्रकाश डाला गया। साथ ही एनडीपीएस अधिनियम की जानकारी देकर युवाओं को नशीले पदार्थों के दुष्प्रभावों और कानूनी परिणामों के प्रति जागरूक किया गया।
समापन अवसर पर विद्यार्थियों, शिक्षकों, अभिभावकों एवं नागरिकों ने नशामुक्त समाज के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने तथा स्वयं भी नशे से दूर रहने का सामूहिक संकल्प लिया।

