• ग्रीन आर्मी मैन पर्यावरण प्रेमी ओमप्रकाश कुमावत ने पर्यावरण प्रेमीयो को वृक्षासन का अभ्यास करवाया।
मूकनायक न्यूज/ सुमेरपुर/पाली/राजस्थान।
शिवगंज/सुमेरपुर : अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर कामधेनु पुत्र छत्तीस कॉम नंदीशाला, जाखा नगर सुमेरपुर में योग, पर्यावरण संरक्षण एवं जैव विविधता संवर्धन को समर्पित विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की सबसे विशेष बात यह रही कि ग्रीन आर्मी मैन, इंटरनेशनल पौधा-रस्म प्रेरक एवं पर्यावरण प्रेमी ओमप्रकाश कुमावत के नेतृत्व में राजस्थान में पहली बार “पौधा संग योग” की अनूठी पहल की गई। इस अभिनव आयोजन के माध्यम से स्वास्थ्य, पर्यावरण और प्रकृति संरक्षण का संयुक्त संदेश दिया गया।कार्यक्रम में उपस्थित पर्यावरण प्रेमियों, गौसेवकों एवं युवाओं को वृक्षासन का अभ्यास करवाया गया। इस दौरान प्रतिभागियों ने दोनों हाथों में पौधे धारण किए, जो स्वच्छ वायु, हरियाली और जीवन के प्रतीक हैं। ओमप्रकाश कुमावत ने कहा कि वनस्पति ही जीवन का आधार है। वृक्ष हमें प्राणवायु, छाया, फल, औषधियां एवं पर्यावरणीय संतुलन प्रदान करते हैं। जिस प्रकार योग शरीर और मन को स्वस्थ बनाता है, उसी प्रकार वृक्ष पृथ्वी और मानव जीवन को सुरक्षित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।उन्होंने वृक्षासन के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यह योग का एक महत्वपूर्ण आसन है, जो शरीर के संतुलन, एकाग्रता, मानसिक स्थिरता औरआत्मविश्वास को बढ़ाता है। वृक्षासन में व्यक्ति वृक्ष की भांति स्थिर और संतुलित खड़ा रहता है, जिससे मन और शरीर दोनों को लाभ मिलता है। वृक्ष हमें धैर्य, सहनशीलता, सेवा और समर्पण की प्रेरणा देते हैं। इसी भावना को जन-जन तक पहुंचाने के लिए योग दिवस पर पौधों के साथ वृक्षासन करवाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया।कार्यक्रम के दौरान योग में श्वास के महत्व पर भी प्रकाश डाला गया। बताया गया कि योग का मूल आधार श्वास है। सही एवं नियंत्रित श्वास शरीर में पर्याप्त ऑक्सीजन पहुंचाती है, जिससे मानसिक तनाव कम होता है, मन शांत रहता है तथा शरीर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। स्वस्थ शरीर, स्वस्थ मन और स्वस्थ पर्यावरण एक-दूसरे के पूरक हैं। जब हम वृक्ष लगाते हैं तो हमें स्वच्छ वायु मिलती है और जब हम योग करते हैं तो उस वायु का सही उपयोग कर शरीर और मन को स्वस्थ बनाते हैं।वहीं टीम सदस्य सीए चेतन अरोड़ा ने शिक्षा से वंचित झोपड़पट्टी क्षेत्र के नन्हे बालकों को सूक्ष्म व्यायाम एवं योगाभ्यास करवाया। उन्होंने बच्चों को नियमित योग करने, स्वच्छता बनाए रखने तथा प्रकृति के प्रति संवेदनशील बनने की प्रेरणा दी। बच्चों ने उत्साहपूर्वक योगाभ्यास में भाग लिया और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संकल्प लिया।कार्यक्रम के दूसरे चरण में पर्यावरण संरक्षण एवं जैव विविधता संवर्धन के उद्देश्य से 452 सीड बॉल तैयार किए गए। सीड बॉल निर्माण में अरावली क्षेत्र की देशज प्रजातियों खैर, देशी बबुल एवं कुमटा के बीजों का उपयोग किया गया। सीड बॉल बनाने की प्रक्रिया में बीजों को उपजाऊ मिट्टी एवं गोबर के साथ मिलाकर गोल आकार दिया गया। इन सीड बॉल्स को सुखाकर वर्षा ऋतु में पहाड़ियों, चारागाहों एवं अन्य उपयुक्त स्थानों पर वितरित किया जाएगा। वर्षा का पानी मिलने पर बीज अंकुरित होकर पौधों का रूप धारण करेंगे और स्थानीय जैव विविधता को समृद्ध बनाएंगे।वृक्ष मित्र पन्नालाल वेराजेतपुरा ने अधिक से अधिक पौधारोपण करने की अपील करते हुए कहा कि प्रत्येक व्यक्ति यदि एक पौधा लगाकर उसका संरक्षण करे तो हरित राजस्थान का सपना अवश्य साकार होगा। उन्होंने युवाओं से पर्यावरण संरक्षण के अभियानों में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया।इस अवसर पर पर्यावरण प्रेमी ओमप्रकाश कुमावत ने नंदीशाला परिवार को आगामी वर्षा ऋतु के लिए 1500 सीड बॉल निर्माण एवं प्रसार का लक्ष्य प्रदान किया। नंदीशाला पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने इस लक्ष्य को स्वीकार करते हुए अधिकाधिक सीड बॉल तैयार करने तथा “एक व्यक्ति एक पौधा मिशन राजस्थान” के उद्देश्यों को जन-जन तक पहुंचाने काजा संकल्प लिया कार्यक्रम में वृक्ष मित्र पन्नालाल वेराजेतपुरा, लक्ष्मण कुमार चुली, नंदीशाला अध्यक्ष रुपाराम देवड़ा, उपाध्यक्ष शांतिलाल देवड़ा, सचिव लालचंद अग्रवाल, तुलसीराम, सुरेश कुमार, प्रकाराम, विक्रम कुमार, टीम सदस्य सीए चेतन अरोड़ा सहित अनेक पर्यावरण प्रेमी, गौसेवक एवं सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

