Tuesday, September 29, 2026
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महिला पत्रकार के साथ कथित दुर्व्यवहार मामले में राज्य महिला आयोग से शिकायत बोले राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल सिंह— एसडीएम घनघटा को बख्शा नहीं जाएगा

मूकनायक /रिपोर्टर इंद्रसेन गौतम संतकबीरनगर /उत्तर प्रदेश

संतकबीरनगर। राष्ट्रीय पत्रकार एकता संघ एवं प्रेस क्लब उत्तर प्रदेश के पदाधिकारियों ने महिला पत्रकार के साथ कथित दुर्व्यवहार और पत्रकारिता कार्य में बाधा उत्पन्न किए जाने के मामले को गंभीरता से लेते हुए उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग लखनऊ को शिकायत पत्र सौंपकर निष्पक्ष जांच एवं कार्रवाई की मांग की है। राष्ट्रीय पत्रकार एकता संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल सिंह एवं राष्ट्रीय संगठन मंत्री करिश्मा राव एडवोकेट द्वारा भेजे गए पत्र में बताया गया है कि 21 जून 2026 को तहसील धनघटा में आयोजित जनसुनवाई/तहसील दिवस कार्यक्रम के दौरान पत्रकार विन्ध्यवासिनी यादव जनहित से जुड़े विषयों की कवरेज कर रही थीं। आरोप है कि इसी दौरान एसडीएम धनघटा रविकांत चौबे द्वारा महिला पत्रकार को वीडियो बनाने से रोका गया तथा उनके पत्रकारिता कार्य में बाधा उत्पन्न की गई। शिकायत पत्र में कहा गया है कि जनसुनवाई एवं तहसील समाधान दिवस जैसे कार्यक्रम सार्वजनिक हित एवं पारदर्शिता से जुड़े होते हैं जिनकी कवरेज करना पत्रकारों का अधिकार एवं दायित्व है। संगठन का आरोप है कि वार्ता के दौरान संबंधित अधिकारी द्वारा कुछ चुनिंदा बड़े समाचार पत्रों को ही मान्यता देने जैसी टिप्पणी भी की गई जिससे पत्रकारों के सम्मान एवं समान अधिकारों पर प्रश्न खड़े होते हैं। पत्र में कहा गया है कि महिला पत्रकार के साथ इस प्रकार का व्यवहार अत्यंत गंभीर विषय है तथा यह अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और स्वतंत्र पत्रकारिता की भावना के विपरीत है। संगठन ने भारत के संविधान के अनुच्छेद 19 1 a का उल्लेख करते हुए कहा कि पत्रकारों के साथ संस्थान के आधार पर भेदभाव किया जाना उचित नहीं है।
राज्य महिला आयोग से मांग की गई है कि प्रकरण की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराई जाए महिला पत्रकार विन्ध्यवासिनी यादव के साथ हुए कथित दुर्व्यवहार की जांच हो तथा दोषी पाए जाने पर संबंधित अधिकारी के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए। साथ ही महिला पत्रकारों की सुरक्षा सम्मान एवं स्वतंत्र रूप से कार्य करने के अधिकार को सुनिश्चित करने हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए जाएं। संगठन ने उम्मीद जताई है कि महिला आयोग इस मामले का संज्ञान लेकर न्यायोचित कार्रवाई करेगा।

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