मूकनायक/नरेश जाटव/कैलादेवी/करौली/ राजस्थान।
करौली। जिला मानसिक स्वास्थ्य इकाई, करौली के तत्वाधान में जिला मुख्यालय स्थित चैतन्य सेवा संस्थान में एक दिवसीय विशेष मानसिक स्वास्थ्य व जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया।
इस शिविर का मुख्य उद्देश्य संस्थान मे आवासरत दिव्यांग बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य का मूल्यांकन कर उन्हें दौरे, याददास्त की कमी, अवसाद, तनाव व अन्य मानसिक विकारों से दूर रखने के लिए उचित मार्गदर्शन एवं उपचार प्रदान करना था।
शिविर में मनोचिकित्सक डॉ. प्रेमराज मीना, साइकेट्रिक नर्स गौरव गोयल एवं सीआरए गौरव शर्मा द्वारा आवासरत 71 बालकों का मानसिक स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। जाँच के दौरान बच्चों की काउंसिलिंग की गई और मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित करने वाले विभिन्न कारकों पर चर्चा की गई। विशेषज्ञ टीम द्वारा बच्चों को मानसिक रूप से स्वस्थ रहने के टिप्स दिए गए और आवश्यकतानुसार उचित चिकित्सकीय परामर्श प्रदान किया गया।
डॉ. प्रेमराज मीणा ने इस अवसर पर कहा कि मानसिक दिव्यांग बच्चों के परिजनों के साथ साथ आमजन मे मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बेहद जरूरी है। सही समय पर लक्षणों की पहचान और परामर्श से किसी भी मानसिक समस्या को बढ़ने से रोका जा सकता है। सीआरए गौरव शर्मा और साइकियाट्रिक नर्स गौरव गोयल ने दिव्यांग बच्चों के साथ उचित व्यवहार करने एवं सकारात्मक सोच अपनाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
स्थानीय संस्थान के प्रदीप शर्मा एवं गोपाल शर्मा सहित संस्थान के समस्त स्टाफ ने भाग लिया। उन्होंने चिकित्सा टीम का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस तरह के नियमित शिविर बच्चों के सर्वांगीण विकास और उनके बेहतर भविष्य के लिए अत्यंत लाभकारी साबित होते हैं।

