
मूकनायक समाचार | सत्यशील गोंडाने | कंटगी (बालाघाट)
कंटगी। प्रोग्रेसिव पेंशनर्स एसोसिएशन मध्यप्रदेश की तहसील शाखा कंटगी के तत्वावधान में मंगलवार को पेंशनर्स एवं सेवानिवृत्त कर्मचारियों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में पेंशनर्स की लंबित मांगों एवं समस्याओं पर चर्चा करते हुए शासन की नीतियों पर असंतोष व्यक्त किया गया। इसके बाद संघ के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने मुख्यमंत्री के नाम तहसीलदार को ज्ञापन सौंपकर 6 सूत्रीय मांगों के शीघ्र निराकरण की मांग की।
तहसील शाखा अध्यक्ष उत्तमचंद राहंगडाले के नेतृत्व में आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पेंशनर्स शामिल हुए। बैठक को संबोधित करते हुए राहंगडाले ने कहा कि पेंशन कर्मचारियों का अर्जित अधिकार है और वर्षों से लंबित मांगों के समाधान के लिए शासन को गंभीरता से पहल करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि बढ़ती महंगाई एवं चिकित्सा खर्चों के कारण बुजुर्ग पेंशनर्स को अनेक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
बैठक में सचिव के.एल. टेमभरे ने पेंशनर्स की समस्याओं के प्रति शासन से संवेदनशील रवैया अपनाने की मांग की। उपाध्यक्ष के.एल. बिसेन ने कहा कि समाज के अनुभवी वर्ग की उपेक्षा उचित नहीं है। धनेन्द्रसिंह पटेल ने चेतावनी दी कि मांगों का समाधान नहीं होने पर आंदोलन को व्यापक रूप दिया जाएगा। कोषाध्यक्ष चतुरभुज पटले ने कहा कि पेंशनर्स आर्थिक एवं सामाजिक चुनौतियों से जूझ रहे हैं, इसलिए उनकी मांगों पर शीघ्र निर्णय लिया जाना चाहिए।
बैठक के बाद पेंशनर्स तहसील कार्यालय पहुंचे और मुख्यमंत्री के नाम तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में 6 सूत्रीय मांगों का उल्लेख करते हुए उनके शीघ्र निराकरण की मांग की गई। पेंशनर्स ने कहा कि यदि समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन आगे भी जारी रहेगा।
कार्यक्रम में के.एल. टेमभरे, के.एल. बिसेन, धनेन्द्रसिंह पटेल, चतुरभुज पटले सहित क्षेत्र के अनेक सेवानिवृत्त कर्मचारी एवं पेंशनर्स उपस्थित रहे। संघ के पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन पेंशनर्स के अधिकारों एवं सम्मान की रक्षा के लिए किया जा रहा है और मांगों के निराकरण तक संघर्ष जारी रहेगा।

