बलौदा बाजार आगजनी प्रकरण में शेष बंद आरोपियों की जमानत और गिरौदपुरी जैतखाम प्रकरण की जांच को लेकर उठे सवाल
मूकनायक
कमलेश लवहात्रै
बलौदा बाजार। छत्तीसगढ़
10 जून 2024 को बलौदा बाजार में हुई आगजनी एवं हिंसा की घटना के संबंध में गिरफ्तार किए गए अधिकांश आरोपियों को समय-समय पर माननीय सर्वोच्च न्यायालय, माननीय छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय तथा जिला न्यायालयों से जमानत प्राप्त हो चुकी है। प्राप्त जानकारी के अनुसार इस प्रकरण में लगभग 200 आरोपियों को विभिन्न न्यायालयों द्वारा जमानत प्रदान की जा चुकी है।
इसी क्रम में जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के प्रमुख अमित बघेल, अजय यादव एवं दिनेश वर्मा की जमानत याचिकाओं पर हाल ही में हुई सुनवाई के दौरान उच्च न्यायालय द्वारा जमानत याचिकाएं निरस्त किए जाने को लेकर उनके समर्थकों एवं समाज के कुछ वर्गों ने चिंता व्यक्त की है। वहीं समीर घृतलहरे (जिला बलौदा बाजार) एवं सूरज भारती (जिला जांजगीर-चांपा) की जमानत याचिकाओं पर सुनवाई लंबित बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार इस प्रकरण में अभी भी लगभग 5 से 6 आरोपी बलौदा बाजार जेल में निरुद्ध हैं।
सतनामी समाज के प्रतिनिधियों का कहना है कि गिरौदपुरी क्षेत्र के महकोनी गुफा परिसर में सतनामी समाज के आस्था-प्रतीक जैतखाम को क्षति पहुंचाने की घटना को लेकर लंबे समय से निष्पक्ष एवं प्रभावी जांच तथा सीबीआई जांच की मांग की जाती रही है। उनका आरोप है कि घटना के काफी समय बीत जाने के बावजूद अब तक दोषियों की पहचान एवं गिरफ्तारी नहीं हो सकी है तथा उनकी मांगों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है।
समाज के विभिन्न प्रतिनिधियों का कहना है कि वे जैतखाम प्रकरण में न्याय एवं दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग को लेकर बलौदा बाजार कलेक्ट्रेट पहुंचे थे। उनका आग्रह है कि सभी मामलों में निष्पक्ष, पारदर्शी एवं विधि-सम्मत कार्रवाई सुनिश्चित की जाए तथा न्यायिक प्रक्रिया के अनुरूप लंबित मामलों का शीघ्र निराकरण हो।
उल्लेखनीय है कि जमानत याचिकाओं पर निर्णय लेना संबंधित न्यायालय का विशेषाधिकार एवं न्यायिक विवेक का विषय है। सभी पक्षों ने न्यायपालिका के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए निष्पक्ष जांच और न्यायपूर्ण प्रक्रिया की अपेक्षा जताई है।
जय सतनाम, जय संविधान, जय मूलनिवासी, जय जोहार। :::

