

मूकनायक समाचार | लामता/बालाघाट
रिपोर्ट: सत्यशील गोंडाने
बालाघाट। जिले के थाना लामता क्षेत्र अंतर्गत ग्राम परतापुर में हुए सनसनीखेज अंधे कत्ल का पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर पर्दाफाश कर दिया। तालाब में मिले शव से शुरू हुई जांच खेतों तक पहुंची, जहां खून की बूंदों ने पुलिस को हत्या के असली घटनास्थल तक पहुंचा दिया। वैज्ञानिक जांच, डॉग स्क्वाड और एफएसएल टीम की मदद से पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
जानकारी के अनुसार ग्राम परतापुर निवासी सुरेंद्र मड़ावी 20 मई 2026 को संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गया था। परिजनों ने थाना लामता में गुम इंसान की रिपोर्ट दर्ज कराई। उसी दिन शाम को गांव के तालाब में एक शव मिलने की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू की।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में धारदार हथियार से हत्या किए जाने की पुष्टि होने के बाद पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर जांच तेज कर दी। घटनास्थल की परिस्थितियों को देखकर पुलिस को शुरुआत से ही संदेह था कि हत्या कहीं और कर शव को तालाब में फेंका गया है।
वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में पुलिस, एफएसएल टीम और डॉग स्क्वाड ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। लगातार सर्चिंग के दौरान घटनास्थल से करीब 500 मीटर दूर खेतों की ओर खून की बूंदें दिखाई दीं। डॉग स्क्वाड ने इन्हीं निशानों को ट्रैक करते हुए पुलिस को आरोपी सोनू मड़ावी के घर के पीछे स्थित खेत की मेढ़ तक पहुंचाया, जहां भारी मात्रा में रक्त मिला। यही हत्या का वास्तविक घटनास्थल निकला।
पुलिस पूछताछ में आरोपी सोनू मड़ावी ने अपने साथी मिथुन सैयाम के साथ मिलकर हत्या करना स्वीकार कर लिया। जांच में सामने आया कि मृतक के गांव की एक महिला के साथ संबंधों को लेकर आरोपी नाराज था और इसी रंजिश में हत्या की साजिश रची गई।
पुलिस के अनुसार 19 और 20 मई की रात दोनों आरोपी खेत की मेढ़ पर घात लगाकर बैठे थे। जैसे ही सुरेंद्र वहां पहुंचा, दोनों ने कुल्हाड़ियों से ताबड़तोड़ हमला कर उसकी हत्या कर दी। बाद में शव को घसीटकर तालाब में फेंक दिया गया ताकि मामला दुर्घटना या आत्महत्या प्रतीत हो। आरोपियों ने रास्ते में खून के निशानों पर मिट्टी डालकर साक्ष्य मिटाने की भी कोशिश की।
पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त दो कुल्हाड़ियां, घटना के समय पहने कपड़े, मोबाइल फोन, खून लगी मिट्टी सहित अन्य वैज्ञानिक साक्ष्य जब्त किए हैं। तालाब में फेंकी गई एक कुल्हाड़ी को मेटल डिटेक्टर की सहायता से बरामद किया गया।
गिरफ्तार आरोपियों में सोनू मड़ावी (19 वर्ष) एवं मिथुन सैयाम (23 वर्ष), दोनों निवासी ग्राम परतापुर थाना लामता शामिल हैं।
मामले के खुलासे में थाना प्रभारी छत्रपाल सिंह, शशांक राणा, एएसआई ईगल मरकाम, आरक्षक सतेंद्र बघेल, केशव सकोड़िया, विवेक मेश्राम, वीरेंद्र लोधी, राहुल गुर्जर, सुरेंद्र चौधरी, भारत मांझी, तिलक एडमे, महिला आरक्षक मनीषा पंचेश्वर एवं पद्मा सहित एफएसएल टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस की त्वरित एवं वैज्ञानिक जांच के चलते क्षेत्र में फैली सनसनी और भय का माहौल शांत हुआ।

