मूकनायक /राष्ट्रीय प्रभारी ओमप्रकाश वर्मा
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घुटन एक मानसिक दुर्बलता का कारण है । दौरा पड़ना, अप्रसन्न रहना, उदास रहना, डिप्रेशन में रहना ये सब घुटन के ही कारण हैं ।घुटन के निवारण का सबसे उत्तम उपाय सरलता और सहजता है । अपने आसपास के लोगों के प्रति सहजता व सरलता का मधुर व्यवहार रखें । जो व्यक्ति सहजता का महत्व समझता है, उसे कभी भी घुटन महसूस नहीं हो सकती ।
मन में किसी के प्रति कोई नकारात्मक विचार या भाव आता है, तो उसे मन में छुपाना व दबाना हानिकारक है । ऐसी स्थिति में आमने-सामने बैठकर सच्चे मन से बात करने पर घुटन का समाधान करने के लिए एक दूसरे की गलती स्वीकार करना ही हितकारी है । परस्पर एकदम सरल होकर बात करके गलती स्वीकार करने से कभी घुटन महसूस नहीं होगी और मन भी स्वच्छ रहेगा।
बिरदी चंद गोठवाल
प्रदेश प्रभारी मूकनायक, हरियाणा

