मूकनायक/देश
राष्ट्रीय प्रभारी ओमप्रकाश वर्मा
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यह सच है कि धन, संपत्ति और भौतिक चीजें जीवन में महत्वपूर्ण हैं, लेकिन परिवार का साथ एक ऐसी संपत्ति है, जो इन सबसे ऊपर है। यह एक ऐसा बंधन है जो जीवन भर हमारे साथ रहता है और हमें खुशी, सुरक्षा और समर्थन प्रदान करता है। इसलिए, हमें अपने परिवार के महत्व को समझना चाहिए । परिवार जीवन की सबसे बड़ी संपत्ति है, जहाँ प्रेम, विश्वास और सुरक्षा का अहसास होता है। यह वह जगह है, जहाँ हर सदस्य अपनी खुशियाँ, दुःख और सपने साझा करता है। परिवार के साथ बिताए पल न केवल हमें संबल देते हैं, बल्कि हमारे जीवन को खुशियों से भर देते हैं। यह एक ऐसा स्थान है, जहाँ हम बिना किसी झिझक के अपने विचार व्यक्त कर सकते हैं और हर परिस्थिति में एक-दूसरे का साथ पाते हैं। परिवार का हर सदस्य एक-दूसरे की भलाई के लिए कार्य करता है, जिससे रिश्तों में मधुरता बनी रहती है। इस प्रकार, परिवार एक स्थायी प्रेम और समर्थन का आधार है, जो जीवन को सार्थक बनाता है।
जो व्यक्ति दूर होते हुए भी हमारे आसपास लगे, तो समझ लेना… उस व्यक्ति का सम्बन्ध हमारी आत्मा से जुड़ा है ! “परिवार” का साथ जीवन भर की संपत्ति है, जो दुःख में, सुख में, हर विपत्ति की कूंजी है । ज्ञानी लोग कहते हैं कि दिन रात अपने मस्तिष्क को उच्च कोटि के विचारों से भरो । जो फल प्राप्त होगा, वह निश्चित ही अनोखा होगा । जितना प्यार अपने लक्ष्य से करोगे, आलस्य और नींद से उतना ही दूर रहोगे । इसलिए लक्ष्य से प्यार करना सीखो । बाकि : वह तरक्की किसी काम की नहीं, जो बुढ़ापे में माँ-बाप का सहारा नहीं बन सके…
बिरदी चंद गोठवाल, नारनौल
प्रदेश प्रभारी मूकनायक, हरियाणा

