35 सदस्यीय ब्लॉक कमेटी का गठन रविन्द्र कुमार को पुनः कमेटी कि कमान |
ठाकुर दास भारती मंडी हिमाचल प्रदेश | हिमाचल किसान सभा का जोगिन्दर नगर ब्लाक का सम्मेलन किसान भवन जोगिन्दर नगर मेंसम्पन्न हुआ | सम्मलेन का उदघाटन करते हुए हिमाचल किसान सभा के राज्य उपाध्यक्ष कुशाल भारद्वाज ने कहा कि ब्रिटिश शासन के दौरान किसानों पर जमींदारी शोषण, भारी लगान, कर्ज, बेदखली, जबरन मजदूरी और साहूकारों के शोषण का दबाव के खिलाफ शुरू हुआ किसान आन्दोलन आगे चल कर 1936 में लखनऊ में आयोजित सम्मेलन में अखिल भारतीय किसान सभा नाम से संगठित हुआ किसान सभा ने जहां स्वतंत्रता आन्दोलन में बढ़ चढ़ कर भाग लिया वहीँ जमींदारी एवं सामंती शोषण का विरोध/ किसानों को भूमि पर अधिकार और सुरक्षा दिलाने, लगान एवं राजस्व में कमी करने, किसानों को कर्ज के बोझ से मुक्ति दिलाने, बेदखली और अवैध वसूली का विरोध करने, सिंचाई दरों और कृषि लागत को कम करने, कृषि उपज के उचित मूल्य की मांग तथा खेत मजदूरों के लिए न्यूनतम मजदूरी हेतु किसानों और कृषि मजदूरों को संगठित करने के लक्ष्य के साथ आगे बढ़ा है | उन्होंने कहा कि आज हिमाचल किसान सभा के प्रमुख मुद्दों में किसानों को MSP की कानूनी गारंटी, कृषि उपज के लाभकारी दाम,किसानों की कर्ज समस्या, महंगी खाद, बीज, कीटनाशक और कृषि लागत भूमि अधिग्रहण में उचित मुआवजा, सिंचाई और ग्रामीण आधारभूत सुविधाएं , जंगली जानबर व् आवारा पशुओं से फसलों की सुरक्षा, प्राकृतिक आपदाओं में उचित मुआवजा, बागवानों और छोटे किसानों के हितों की रक्षा, बिजली एवं कृषि संबंधी समस्याएं, वन अधिकार और ग्रामीण भूमि अधिकार आदि शामिल हैं.
उन्होंने कहा कि पिछले तीन वर्षों के दौरान हिमाचल किसान सभा की जोगिन्दर नगर इकाई ने स्थानीय समस्याओं के साथ-साथ कृषि उत्पादों के लाभकारी मूल्य, बाढ़ एवं आपदा से हुए नुकसान, आवारा पशुओं, सड़क एवं परिवहन, पुलों के निर्माण, स्वास्थ्य सुविधाओं, पेयजल, आवास योजना, जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर संघर्ष किया है। आवारा पशुओं की समस्या के समाधान तथा वर्ष 2022, 2023 और 2025 में हुई प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित परिवारों को उचित राहत एवं मुआवजा देने की मांग लगातार उठाई जाती रही है। हिमाचल किसान सभा आज जोगिन्दर नगर सहित पूरे प्रदेश में किसानों का लोकप्रिय, जुझारू व सबसे बड़ा संगठन बनकर उभरा है.
समेलन में पिछले तीन वर्षों की राजनितिक सांगठनिक व गतिविधियों की रिपोर्ट रविंदर कुमार ने प्रस्तुत की जिस पर सुदर्शन वालिया, नरेश धरवाल, कृष्ण सिंह, कैप्टन लाभ सिंह धरवाल, धर्म चंद, मस्त राम कृष्ण चंद, बलदेव ठाकुर, मस्त राम, गुलाब सिंह, सुभाष चंद, संजय रांगड़ा, देवी सिंह, हरदयाल, राकेश कुमार आदि ने भी संबोधित किया.
डीवाईएफआई के जिला प्रधान संजय जमवाल ने भी सम्मलेन को संबोधित किया तथा अपने संगठन की तरफ से शुभकामनाएँ दीं.
सम्मलेन में क्षेत्रीय सह सुविधा केंद्र जोगिन्दर नगर का स्थानांतरित रद्द करने, स्मार्ट मीटरिंग रोकने, अस्पताल में डॉक्टरों के रिक्त पदों को भरने, पेयजल व बसों की कमी दूर करने, सड़कों की खस्ताहालत सुधारने, सामजिक सुरक्षा पेंशन को तय समय पर देने की मांग की गई और प्रस्ताव भी पारित किये गए. हर्बल गार्डन से आरसीएफसी बचाओ संघर्ष समिति के भूख हड़ताल स्थल तक जोरदाररैली निकालते हुए किसान सभा ने संघर्ष समिति को अपना पूरा समर्थन दिया तथा जोगिन्दर नगर की सुविधा एवं संस्थान छीनने का आरोप लगाते हुए केंद्र व राज्य सरकार को जमकर लताड़ा. उन्होंने कहा कि दोनों पार्टियों के बड़े बड़े नेता तामाशा देख रहे हैं और जोगिन्दर नगर के संस्थान को अन्यंत्र शिफ्ट करने का फरमान जारी हो चूका है.
इस सम्मलेन में 35 सदस्यीय नई ब्लॉक कमेटी भी चुनी गई, जिसमें रविंदर कुमार को पुनः अध्यक्ष, सूबेदार बलदेव ठाकुर को महासचिव, सुदर्शन वालिया को वित्त सचिव, कमांडो नरेश धरवाल को वरिष्ठ उपाध्यक्ष, जबकि तिलक ठाकुर, कैप्टन लाभ सिंह धरवाल, सूबेदार धर्म चंद व कृष्ण सिंह, मस्त राम को उपाध्यक्ष तथा कृष्ण चंद, सुभाष चंद, गुलाब सिंह, शिवानी ठाकुर व राकेश कुमार को सह सचिव चुना गया.

