लखनऊ के अस्पताल में ली अंतिम सांस, हादसे में घायल होने के बाद चल रहा था उपचार
मूकनायक/राजेश कुमार जिला ब्यूरो चीफ बस्ती/उत्तर प्रदेश
बस्ती। रुधौली विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक और वरिष्ठ राजनेता राम ललित चौधरी का बीती रात लखनऊ के एक अस्पताल में निधन हो गया। वह 66 वर्ष के थे। उनके निधन की खबर सामने आते ही रुधौली क्षेत्र सहित बस्ती जिले के राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई।
बताया जा रहा है कि करीब दो सप्ताह पहले राम ललित चौधरी गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए थे। हादसे में उन्हें शरीर के कई हिस्सों में चोटें आई थीं। परिजनों ने उन्हें इलाज के लिए लखनऊ के अस्पताल में भर्ती कराया, जहां चिकित्सकों की निगरानी में उपचार चल रहा था। इसी दौरान बीती रात उनकी हालत बिगड़ी और उनका निधन हो गया।
राम ललित चौधरी का नाम रुधौली क्षेत्र की राजनीति के पुराने और प्रभावशाली चेहरों में शामिल रहा। परिसीमन से पहले रुधौली विधानसभा क्षेत्र को रामनगर विधानसभा के नाम से जाना जाता था। इसी क्षेत्र से उन्होंने तीन बार विधानसभा चुनाव जीतकर जनता का प्रतिनिधित्व किया।उन्होंने पहली बार 1989 में जनता दल के प्रत्याशी के रूप में विधानसभा चुनाव जीता। इसके बाद 1991 में भी जनता दल के टिकट पर जीत दर्ज कर उन्होंने लगातार दूसरी बार विधानसभा में प्रवेश किया। वर्ष 1993 में उन्हें चुनावी हार का सामना करना पड़ा, लेकिन इसके बाद 1996 में उन्होंने बहुजन समाज पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़कर जीत हासिल की और तीसरी बार विधायक बने।
लंबे राजनीतिक सफर के दौरान राम ललित चौधरी ने अलग-अलग राजनीतिक दलों के साथ काम किया। वर्ष 2012 में उन्होंने समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार के तौर पर रुधौली विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा था। इस चुनाव में उन्हें 38 हजार से अधिक मत मिले थे।
राजनीतिक जीवन के अंतिम दौर तक भी उनकी सक्रियता बनी रही। जनवरी 2023 में उन्होंने सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी की सदस्यता ग्रहण की थी। पार्टी में उन्हें संगठन से जुड़ी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी भी सौंपी गई थी।
राम ललित चौधरी के निधन की सूचना मिलते ही उनके समर्थकों और परिचितों के बीच शोक की खबर फैल गई। लंबे समय तक क्षेत्र की चुनावी और सामाजिक राजनीति में सक्रिय रहने के कारण विभिन्न राजनीतिक दलों से जुड़े लोगों ने भी उनके निधन पर शोक जताया।
उनका राजनीतिक जीवन रुधौली क्षेत्र के उस दौर से जुड़ा रहा, जब यहां लगातार राजनीतिक समीकरण बदल रहे थे। तीन बार विधायक के रूप में क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाले राम ललित चौधरी के निधन से स्थानीय राजनीति में उनके लंबे सार्वजनिक जीवन का एक अध्याय समाप्त हो गया।

