Tuesday, September 29, 2026
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महाबोधि महाविहार मुक्ति आंदोलन को मध्यप्रदेश में मिला नया नेतृत्व

डॉ. अधिवक्ता संजय खोबरागड़े बने प्रदेश अध्यक्ष, भोपाल के राज्य स्तरीय सम्मेलन में राष्ट्रीय अध्यक्ष ने सौंपा नियुक्ति पत्र

मूकनायक समाचार — संवाददाता सत्यशील गोंडाने, बालाघाट (मध्यप्रदेश)

बालाघाट। महाबोधि महाविहार बोधगया मुक्ति आंदोलन को मध्यप्रदेश में नई दिशा और मजबूत नेतृत्व मिला है। महाबोधि महाविहार बोधगया मुक्ति आंदोलन राष्ट्रीय समिति, बोधगया के तत्वावधान में डॉ. अधिवक्ता संजय खोबरागड़े को महाबोधि महाविहार बोधगया मुक्ति आंदोलन समिति मध्यप्रदेश का प्रदेश अध्यक्ष मनोनीत किया गया है। 13 सितंबर 2026 को भोपाल में आयोजित राज्य स्तरीय सम्मेलन के दौरान राष्ट्रीय अध्यक्ष पूज्य भदंत प्रज्ञाशील महाथेरो ने उन्हें प्रदेश अध्यक्ष पद का नियुक्ति पत्र सौंपा।

महाबोधि महाविहार बोधगया के प्रबंधन को बौद्ध समुदाय को सौंपने तथा BT Act 1949 को निरस्त कराने की मांग को लेकर चल रहे आंदोलन में मध्यप्रदेश की भूमिका को और मजबूत करने की दृष्टि से इस नियुक्ति को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। नई जिम्मेदारी मिलने के बाद डॉ. संजय खोबरागड़े ने आंदोलन को मध्यप्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों तक पहुंचाने तथा अधिक से अधिक लोगों को इससे जोड़ने के संकल्प के साथ कार्य करने की बात कही।

भोपाल में हुआ राज्य स्तरीय सम्मेलन

महाबोधि महाविहार बोधगया मुक्ति आंदोलन समिति मध्यप्रदेश का राज्य स्तरीय सम्मेलन 13 सितंबर 2026 को आम्रपाली बुद्ध विहार, लहारपुर, कटारा हिल्स, भोपाल में आयोजित किया गया। सम्मेलन में महाबोधि महाविहार बोधगया मुक्ति आंदोलन राष्ट्रीय समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष पूज्य भदंत प्रज्ञाशील महाथेरो, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष पूज्य भदंत धम्म शिखर, इंजी. धम्म रतन सोमकुंवर, भारतीय बौद्ध महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष, पूज्य भिक्षुणी संघमित्रा तथा राष्ट्रीय समिति के केंद्रीय सदस्यों सहित मध्यप्रदेश के विभिन्न जिलों से सामाजिक एवं धम्म आंदोलन से जुड़े पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए।

कार्यक्रम का शुभारंभ तथागत बुद्ध एवं परम पूज्य डॉ. बाबा साहब अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर किया गया। इसके पश्चात पूज्य भदंत धम्म शिखर द्वारा त्रिशरण, पंचशील एवं बुद्ध वंदना संपन्न कराई गई। सम्मेलन में प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे प्रतिनिधियों ने महाबोधि महाविहार बोधगया मुक्ति आंदोलन के उद्देश्य, वर्तमान स्थिति तथा आगामी रणनीति को लेकर अपने विचार रखे।

सम्मेलन के दौरान राष्ट्रीय अध्यक्ष पूज्य भदंत प्रज्ञाशील महाथेरो ने डॉ. अधिवक्ता संजय खोबरागड़े को प्रदेश अध्यक्ष पद का नियुक्ति पत्र प्रदान किया। इस अवसर पर उपस्थित पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने उनका अभिनंदन करते हुए नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं दीं।

महाबोधि महाविहार के प्रबंधन को लेकर आंदोलन

महाबोधि महाविहार बोधगया को गैर-बौद्ध प्रबंधन से मुक्त कर बौद्ध समुदाय के हाथों प्रबंधन सौंपने तथा BT Act 1949 को निरस्त कराने की मांग को लेकर आंदोलन चलाया जा रहा है। आंदोलन से जुड़े लोगों का कहना है कि महाबोधि महाविहार बौद्ध समुदाय की ऐतिहासिक एवं धार्मिक आस्था का प्रमुख केंद्र है और इसके प्रबंधन में बौद्ध समुदाय की प्रभावी भूमिका होनी चाहिए।

मध्यप्रदेश में समिति के विस्तार के माध्यम से आंदोलन को सामाजिक स्तर पर मजबूत करने और विभिन्न क्षेत्रों में जनजागरण गतिविधियों को गति देने की दिशा में नई कार्यकारिणी को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है।

बालाघाट से उठी आंदोलन की मजबूत आवाज

महाबोधि महाविहार बोधगया मुक्ति आंदोलन को लेकर बालाघाट जिले में भी व्यापक गतिविधियां आयोजित की गई हैं। 11 मार्च 2025 को जिला मुख्यालय बालाघाट में विशाल रैली एवं जनसभा का आयोजन किया गया था। इसके अलावा आंदोलन को जिले की विभिन्न तहसीलों तक पहुंचाने के लिए मशाल यात्राओं का आयोजन किए जाने की जानकारी दी गई है। आंदोलन से जुड़े लोगों के अनुसार बालाघाट ऐसा जिला रहा, जहां आंदोलन की मशाल को तहसील स्तर तक पहुंचाने का प्रयास किया गया।

डॉ. अधिवक्ता संजय खोबरागड़े ने जिले के विभिन्न क्षेत्रों में भ्रमण कर लोगों को आंदोलन से जोड़ने तथा महाबोधि महाविहार मुक्ति आंदोलन के उद्देश्य को जन-जन तक पहुंचाने में सक्रिय भूमिका निभाई।

विद्यार्थी जीवन से बुद्ध-अंबेडकर मिशन के लिए समर्पित

डॉ. अधिवक्ता संजय खोबरागड़े का सामाजिक एवं धम्म आंदोलन से जुड़ाव विद्यार्थी जीवन से रहा है। उन्होंने छात्र-छात्राओं को बुद्ध-अंबेडकर विचारधारा के प्रति जागरूक करने तथा उनकी समस्याओं के निराकरण के उद्देश्य से डॉ. अंबेडकर स्टूडेंट्स फेडरेशन की स्थापना की और इसके संस्थापक अध्यक्ष रहे।

वारासिवनी महाविद्यालय में एलएलबी की शिक्षा के दौरान स्टूडेंट्स फेडरेशन के अध्यक्ष रहते हुए उन्होंने वंदना बारमांटे एवं अन्य सहयोगियों के साथ बनिया टोला, वारासिवनी, जिला बालाघाट की विशाल पहाड़ी पर तथागत सम्यक संबुद्ध की प्रतिमा स्थापित कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस स्थल का नाम धम्म शिखर सद्धम्म प्रचार केंद्र, बनिया टोला वारासिवनी रखा गया। यहां पिछले लगभग 25 वर्षों से कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर विशाल बौद्ध सम्मेलन आयोजित किया जाता है, जिसमें डॉ. संजय खोबरागड़े संस्थापक उपाध्यक्ष हैं।

नागार्जुन बुद्ध विहार उमरी कटंगी से भी जुड़ा नाम

श्रीलंका से भारत लाई गई तथागत सम्यक संबुद्ध की अस्थियों को नागार्जुन बुद्ध विहार उमरी, कटंगी में स्थापित किए जाने के ऐतिहासिक कार्य से भी डॉ. संजय खोबरागड़े का नाम जुड़ा है। उन्हें इस ऐतिहासिक धम्म स्थल के संस्थापक के रूप में बताया गया है।

वे बालाघाट जिला बौद्ध संघ के जिला अध्यक्ष भी रह चुके हैं। उनके अध्यक्षीय कार्यकाल के दौरान जिले के विभिन्न बुद्ध विहारों के लोकार्पण तथा तथागत सम्यक संबुद्ध एवं परम पूज्य डॉ. बाबा साहब अंबेडकर की प्रतिमाओं के अनावरण से जुड़े कार्यक्रम संपन्न हुए।

धम्म भूमि देऊ रोड पूना में मिला भीम रत्न सम्मान

बुद्ध-अंबेडकर मिशन के प्रति उनके समर्पित कार्यों के लिए डॉ. संजय खोबरागड़े को विभिन्न सामाजिक एवं धम्म मंचों पर सम्मानित किया गया है। ऐतिहासिक धम्म भूमि देऊ रोड, पूना, महाराष्ट्र में 25 दिसंबर 2015 को उन्हें भीम रत्न से सम्मानित किया गया। इसी धम्म भूमि पर परम पूज्य डॉ. बाबा साहब अंबेडकर ने अपने जीवनकाल में 25 दिसंबर 1954 को प्रथम बुद्ध विहार का लोकार्पण एवं तथागत सम्यक संबुद्ध की प्रतिमा का अनावरण किया था।

धम्म भूमि नागपुर में उन्हें जय भीम के जनक बाबू एन. एल. हरदास पुरस्कार से सम्मानित किए जाने की जानकारी दी गई है। संविधान निर्माता डॉ. बाबा साहब अंबेडकर के बैरिस्टर बनने की 100वीं वर्षगांठ एवं मातोश्री रमाई अंबेडकर की 125वीं जयंती के अवसर पर उनके निवास स्थान तलेगांव दाभाडे, पूना में उन्हें संविधान रत्न से सम्मानित किया गया। इसके अतिरिक्त दिल्ली में उन्हें डॉक्टरेट की मानद उपाधि से सम्मानित किए जाने की जानकारी भी दी गई।

सब्जी व्यवसाय से सामाजिक आंदोलन तक का सफर

डॉ. संजय खोबरागड़े का जीवन सामाजिक सरोकारों से जुड़ी विविध गतिविधियों से भी संबंधित रहा है। विद्यार्थी जीवन में शिक्षा के साथ वे फुटकर सब्जी व्यवसाय से जुड़े रहे। सब्जी व्यवसायियों द्वारा गठित महात्मा फुले एवं परम पूज्य डॉ. बाबा साहब अंबेडकर थोक व सब्जी विक्रेता संघ, कटगी के वे संरक्षक हैं। इसके साथ ही वे प्रज्ञा दीप बुद्ध विहार समिति, कटंगी के भी संरक्षक हैं।

बुद्ध-अंबेडकर मिशन के प्रति उनके लंबे समय से जारी कार्यों के चलते वे क्षेत्र के सुप्रसिद्ध वक्ता के रूप में भी पहचाने जाते हैं। वे अधिवक्ता के रूप में भी कार्यरत हैं तथा अधिवक्ता संघ के दो बार सचिव रह चुके हैं।

मध्यप्रदेश समिति में बड़ी संख्या में पदाधिकारी मनोनीत

प्रदेश अध्यक्ष के साथ ही महाबोधि महाविहार बोधगया मुक्ति आंदोलन समिति मध्यप्रदेश में विभिन्न पदों पर पदाधिकारियों एवं सदस्यों का मनोनयन किया गया है।

संरक्षक सदस्यों में आयु मिलिंद बौद्ध, भोपाल; आयु धम्मरतन सोमकुंवर, भोपाल; आयु राष्ट्रपाल बागडे, इंदौर तथा आयुष्मती अरुणा मासुरकर, अंतरराष्ट्रीय धम्म प्रचारक को शामिल किया गया है।

प्रदेश सलाहकार सदस्यों में पूज्य भदन्त सुभद्र, मुरैना; पूज्य भदन्त श्रद्धा तिलक, सेमई; पूज्य भिक्षुणी आर्याजी संघमित्रा, भोपाल; पूज्य भिक्षुणी आर्या श्रद्धा पुष्प, ग्वालियर; डॉ. मोहनलाल पाटिल, भोपाल; आयु रामु गजभिये, भोपाल; आयु एच. एन. गोलाइत, भोपाल तथा गौतम पाटिल, भोपाल को जिम्मेदारी दी गई है।

उपाध्यक्ष पद पर पी. बी. वासनिक, भोपाल; एन. आर. डोंगरे, बालाघाट; पंकज उके, इंदौर; अनिरुद्ध दुपारे, सौंसर तथा एड. सिद्धार्थ गौतम, दतिया का मनोनयन किया गया है। अरुण कुमार अश्वघोष (मेश्राम), भोपाल को महासचिव, यू. जी. चौरे, भोपाल को कोषाध्यक्ष तथा आयु विकास खांडेकर, बालाघाट को सह कोषाध्यक्ष बनाया गया है।

सचिव पद पर आयु आई. पी. जौहरी, शिवपुरी; आयुष्यमती रजनी नगरारे, भोपाल; आयु रविंद्र सारिपुत्र, भोपाल; आयु एल. डी. मेश्राम, बालाघाट; सिद्धार्थ बागड़े, पांढुर्ना तथा पंकज डोंगरे, बालाघाट को जिम्मेदारी दी गई है। सह सचिव पद पर आयुष्यमती सुरेखा बागड़े, भोपाल; आयु हेमराज मोरे, भोपाल; सुधा पाटिल, इंदौर; कमल घोघरकर, बैतूल तथा जे. पी. पठारे, नशरुल्लागंज को मनोनीत किया गया है।

मीडिया प्रभारी के रूप में सुरेश पासवान, सौंसर; रमेश छापनी, भोपाल; एड. सुरेंद्र बरमाटे, जिला सिवनी; नीलेश रामटेके, इंदौर; राजेश भोवरे, जबलपुर तथा नरेंद्र पाटिल, सौंसर को जिम्मेदारी सौंपी गई है।

कार्यकारिणी में प्रदेश के विभिन्न जिलों को प्रतिनिधित्व

कार्यकारिणी सदस्य के रूप में आयु एस. जे. बौद्ध, हर्षेश मेश्राम, विक्रम पाटिल, रवि बंसोड़, निरंजना मंडलेकर, अशोक वानखेड़े, ज्योतिदेव बौद्ध, प्रभा ढोके, डॉ. एस. के. सदावर्ते, डॉ. राजेश मेश्राम, विशाल सोनकर, एड. संजय थूल, कुंवरलाल रामटेके, बापुराव ढोने, राजू पाटिल, रामकृष्ण सिरसाट, मनीष रामटेके, पुष्पा पटेल, नंदकिशोर टेम्भुर्णे, अरुण वैद्य, डॉ. सुनील सोमकुंवर, वंदना रमेश रंगारे, सुनील सेरिया, जे. पी. राहुल, आनंद सहारे, ईश्वर बन्सोड, के. एल. तिरपुडे, संतोष मेश्राम, राजकुमार मंडाले, रवि पटले, राजेश रंगारी, सुरेश चौरे, बी. ऊके, इंजी. के. एल. डोंगरे, अशोक परासर, टी. जे. भालेवार, मुनेश्वर घरडे, कमलकांत पाटिल, एकता मेश्राम, प्रतीक देशभ्रतार, मनीष मेश्राम तथा प्रकाश खांडेकर सहित अन्य लोगों को मनोनीत किया गया है।

कार्यक्रम का सफल संचालन अशोक कुमार मेश्राम अश्वघोष द्वारा किया गया।

नई जिम्मेदारी से बढ़ीं उम्मीदें

डॉ. अधिवक्ता संजय खोबरागड़े को प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने पर सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों से जुड़े लोगों में हर्ष का माहौल है। विभिन्न संगठनों एवं आंदोलन से जुड़े लोगों ने उन्हें बधाई एवं मंगलकामनाएं प्रेषित की हैं।

आंदोलन से जुड़े लोगों ने उम्मीद जताई कि डॉ. संजय खोबरागड़े के नेतृत्व में मध्यप्रदेश समिति को नई ऊर्जा मिलेगी। उनके अनुभव और लंबे सामाजिक-धम्म कार्यों के माध्यम से महाबोधि महाविहार बोधगया मुक्ति आंदोलन को प्रदेश के विभिन्न जिलों तक व्यापक रूप से पहुंचाने तथा BT Act 1949 को निरस्त कराने और महाबोधि महाविहार बोधगया का प्रबंधन बौद्ध समुदाय को सौंपे जाने की मांग को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।

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