दो दिन बीतने के बाद भी प्राथमिकी दर्ज नहीं होने का आरोप, दो मासूम बच्चों की जान खतरे में पड़ने का दावा; पुलिस अधीक्षक से कार्रवाई की मांग
महेंद्र कुमार जिला ब्यूरो चीफ ललितपुर।
महरौनी/ललितपुर। नगर पंचायत महरौनी के गौतम नगर वार्ड नंबर 02 में मध्यरात्रि मकान की दीवार गिरने और एक महिला के साथ कथित मारपीट, गला पकड़ने तथा सोने का मंगलसूत्र छीनने का मामला सामने आया है। पीड़िता श्रीमती ममता पत्नी राजीव बरार ने महेंद्र खटीक, मीमो खटीक, जिमी खटीक सहित एक अज्ञात व्यक्ति पर गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस अधीक्षक ललितपुर को प्रार्थना-पत्र देकर प्राथमिकी दर्ज करने और कार्रवाई की मांग की है। पीड़िता का आरोप है कि घटना के दो दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस ने मामला दर्ज नहीं किया है।
शोर मचाने पर मुंह दबाया, गला पकड़कर मंगलसूत्र छीनने का आरोप
पीड़िता के अनुसार, घटना 24 और 25 सितंबर 2026 की मध्यरात्रि करीब एक बजे की है। उस समय वह अपने पति, ननद और दो नाबालिग बच्चों के साथ घर में सो रही थी। अचानक मकान की दीवार गिर गई, जिससे ईंटें उसके पैर में लगीं और उसकी नींद खुल गई। पीड़िता ने आरोप लगाया कि दीवार गिरने के बाद महेंद्र खटीक, मीमो खटीक, जिमी खटीक और उनके साथ मौजूद एक अन्य व्यक्ति उसकी चारपाई की ओर बढ़े। जब उसने शोर मचाने का प्रयास किया तो महेंद्र खटीक ने उसका मुंह दबा दिया और गला पकड़ लिया। आरोप है कि इसी दौरान उसके गले में पहना सोने का मंगलसूत्र खींचकर छीन लिया गया। इसके बाद उसे धक्का देकर नीचे गिरा दिया गया।
चीख-पुकार सुनकर पहुंचे मोहल्लेवासी
पीड़िता के अनुसार, उसकी चीख-पुकार सुनकर मोहल्ले के कई लोग मौके पर पहुंचे। इनमें नीरज, लीला, मदन बरार, रूपा बरार और किशन सहित अन्य लोग शामिल थे। पीड़िता का आरोप है कि लोगों के पहुंचने पर आरोपी मकान से मुक्तिधाम की बाउंड्री की ओर भाग गए। जाते समय उन्होंने गाली-गलौज करते हुए पीड़िता और उसके परिवार को जान से मारने की धमकी भी दी। महिला के मुताबिक, घटनास्थल पर पहुंचे लोगों ने मकान की गिरी हुई दीवार, जमीन पर पड़ा मंगलसूत्र का टूटा धागा और उसकी हालत देखी। घटना के बाद मोहल्ले में दहशत का माहौल बन गया।
दो मासूम बच्चों की जान पर भी मंडराया खतरा
शिकायत में घटना का सबसे गंभीर पहलू दो नाबालिग बच्चों की सुरक्षा को लेकर सामने आया है। पीड़िता के अनुसार, उसका आठ वर्षीय पुत्र रिहान और दो वर्षीय पुत्र विवान भी उसी चारपाई के पास सो रहे थे, जहां दीवार गिरी थी। महिला ने आरोप लगाया कि आरोपितों ने उसे और बच्चों को वहां सोता देखकर दीवार गिराई। पीड़िता का कहना है कि दीवार सीधे चारपाई पर नहीं गिरी, लेकिन उसके कुछ ईंट और गुम्मे चारपाई पर आ गिरे। इससे उसके पैर में चोट आई। महिला ने आशंका जताई कि यदि दीवार सीधे चारपाई पर गिरती तो उसके दोनों बच्चों सहित परिवार के सदस्यों की जान जा सकती थी।
डायल-112 को दी सूचना, पुलिस ने किया घटनास्थल का निरीक्षण
पीड़िता के प्रार्थना-पत्र के अनुसार, घटना के तत्काल बाद उसने डायल-112 पर सूचना दी। इसके बाद यू.पी.-112 की पीआरवी संख्या UP32DG7579, आईडी P25092600684 मौके पर पहुंची। शिकायत में बताया गया है कि पुलिसकर्मियों ने घटनास्थल का वीडियो बनाया और पीड़िता को थाने जाकर लिखित शिकायत देने के लिए कहा। इसके बाद पीड़िता मोहल्ले के लोगों के साथ रात करीब 1:50 बजे कोतवाली महरौनी पहुंची और प्रार्थना-पत्र दिया। महिला के अनुसार, घटना के समय घबराहट के कारण वह पहली शिकायत में मंगलसूत्र छीने जाने की बात लिखवाना भूल गई थी। बाद में उसने पुलिस को इसकी जानकारी दी। शिकायत में यह भी बताया गया है कि रात करीब तीन बजे पुलिस दोबारा घटनास्थल पर पहुंची और निरीक्षण कर फोटो लिए।
दो दिन बाद भी मामला दर्ज नहीं होने का आरोप
पीड़िता का आरोप है कि घटना के तत्काल बाद पुलिस को सूचना देने और कोतवाली महरौनी में प्रार्थना-पत्र प्रस्तुत करने के बावजूद दो दिन बीत जाने पर भी प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई है। पीड़िता ने पुलिस अधीक्षक ललितपुर को दिए प्रार्थना-पत्र में मामले की गंभीरता को देखते हुए शीघ्र प्राथमिकी दर्ज कर निष्पक्ष विवेचना कराने की मांग की है। उन्होंने घटनास्थल का दोबारा निरीक्षण कराने, गिरी हुई दीवार और अन्य भौतिक साक्ष्य सुरक्षित रखने तथा मौके पर पहुंची पीआरवी के वीडियो और रिकॉर्ड को विवेचना में शामिल करने की मांग की है। इसके साथ ही प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज कराने, पैर में आई चोट का चिकित्सीय परीक्षण कराने, छीने गए मंगलसूत्र की बरामदगी और अपने दोनों नाबालिग बच्चों सहित परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
निष्पक्ष जांच से सामने आएगा घटना का सच
पीड़िता ने आरोपितों से भविष्य में किसी गंभीर अप्रिय घटना की आशंका जताते हुए पुलिस प्रशासन से शीघ्र कार्रवाई की गुहार लगाई है। मामले में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और पुलिस की ओर से प्राथमिकी दर्ज किए जाने अथवा जांच की वर्तमान स्थिति की जानकारी उपलब्ध नहीं है। आरोपों की पुष्टि पुलिस जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही हो सकेगी।

