मूकनायक/ दुर्गेन्द्र सम्राट स्टेट सब एडिटर बस्ती/ उत्तर प्रदेश
आईजीआरएस के जरिए शासन और आयकर विभाग के मुख्य आयकर आयुक्त से जांच की गुहार, सिद्धार्थनगर-बस्ती-बलरामपुर के स्वास्थ्य प्रतिष्ठानों से जुड़े आर्थिक नेटवर्क पर उठे सवाल
सिद्धार्थनगर/बस्ती। सिद्धार्थनगर, बस्ती और बलरामपुर में विभिन्न अस्पतालों, अल्ट्रासाउंड सेंटर, सीटी स्कैन सेंटर, डायग्नोस्टिक सेंटर एवं मेडिकल प्रतिष्ठानों से जुड़ी आर्थिक गतिविधियों को लेकर आईजीआरएस के माध्यम से शासन तथा आयकर विभाग के मुख्य आयकर आयुक्त से विस्तृत जांच की मांग की गई है
पत्रकार राहुल सिंह की ओर से की गई शिकायत में राकेश यादव एवं उनके परिजनों से संबंधित बताए जा रहे स्वास्थ्य प्रतिष्ठानों की आय, संपत्तियों, बैंक लेन-देन, मशीनरी की खरीद, भवन निर्माण और निवेश के स्रोत की जांच कराने का अनुरोध किया गया है।
शिकायत में सवाल उठाया गया है कि यदि अलग-अलग स्वास्थ्य प्रतिष्ठानों का पंजीकरण अलग व्यक्तियों के नाम पर है, तो उनमें वास्तविक निवेश किसका है और उनसे प्राप्त आर्थिक लाभ किस व्यक्ति या परिवार को मिल रहा है। जनता सेवा हॉस्पिटल, लक्ष्मी अल्ट्रासाउंड/सीटी स्कैन, पीसी डायग्नोस्टिक सेंटर, पब्लिक अल्ट्रासाउंड सेंटर एवं पब्लिक हॉस्पिटल समेत अन्य संबंधित प्रतिष्ठानों के अभिलेखों की जांच की मांग की गई है।
आयकर विभाग से संबंधित व्यक्तियों के पिछले वर्षों के आयकर रिटर्न, घोषित आय, चल-अचल संपत्तियों, भूमि एवं भवन खरीद, बैंक खातों, डिजिटल भुगतान, मशीनरी की खरीद तथा मेडिकल उपकरणों में किए गए निवेश का आय के स्रोत से मिलान कराने की मांग की गई है
शिकायतकर्ता ने यह भी मांग की है कि यदि जांच में घोषित आय और संपत्ति अथवा निवेश के बीच कोई असंगति सामने आती है तो आयकर कानून के तहत नियमानुसार कार्रवाई की जाए। स्वास्थ्य विभाग एवं पुलिस के उपलब्ध अभिलेखों को भी वित्तीय जांच में आवश्यकतानुसार शामिल किया जाए
राहुल सिंह ने कहा कि शिकायत का उद्देश्य किसी व्यक्ति को दोषी घोषित करना नहीं, बल्कि जनहित में स्वास्थ्य संस्थानों से जुड़े धन, निवेश, आय और वास्तविक आर्थिक लाभार्थियों का निष्पक्ष सत्यापन कराना है उन्होंने जांच एजेंसी को उपलब्ध समाचार, शिकायतों एवं सरकारी अभिलेख उपलब्ध कराने में सहयोग करने की बात कही है

