मूकनायक/ दुर्गेन्द्र सम्राट स्टेट सब एडिटर बस्ती/ उत्तर प्रदेश
बस्ती। वाल्टरगंज थाना क्षेत्र में एक अधिवक्ता ने तीन अज्ञात बाइक सवारों पर कथित तौर पर जानलेवा हमला करने का आरोप लगाया है। घटना 17 सितंबर 2026 की देर रात करीब 12 बजे की है अधिवक्ता ने वाल्टरगंज थाने में लिखित तहरीर देकर आरोपियों की पहचान कर कार्रवाई की मांग की है।
अधिवक्ता शैलेन्द्र अंबेडकर के अनुसार सोनहा क्षेत्र के परिचित परिवार के एक बुजुर्ग का सड़क हादसा हो गया था। सूचना मिलने के बाद वह शाम करीब पांच बजे कचहरी का काम समाप्त कर जिला अस्पताल पहुंचे जहां उन्हें बुजुर्ग की मौत की जानकारी मिली शव को मर्चरी हाउस भेजने से संबंधित कागजी कार्रवाई पूरी करने में रात करीब नौ बज गए।
उनका कहना है कि घर लौटते समय वह जिला अस्पताल चौराहा, दक्षिण दरवाजा, पांडे बाजार क्रॉसिंग और पॉलिटेक्निक चौराहा होते हुए चैनपुरा ओवरब्रिज के पास सर्विस रोड पर पहुंचे। आरोप है कि इसी दौरान बाइक सवार तीन अज्ञात लोगों ने उनके पास आकर उन्हें रोकने का प्रयास किया। वह वहां से आगे निकल गए और मनौरी ओवरब्रिज के पास कुछ देर रुकने के बाद आगे बढ़े।
अधिवक्ता के मुताबिक डुमरियागंज रोड की ओर भिटिया जाते समय मनौरी चौराहे के पास गंदे नाले के पुल पर वही तीन बाइक सवार तेज गति से उनके पास पहुंचे। आरोप है कि चलते वाहन से किसी ठोस वस्तु से उन पर हमला किया गया जिससे उनके दाएं कंधे पर चोट आई।
उन्होंने बताया कि हमलावरों का पीछा करने का प्रयास किया गया लेकिन बाइक की तेज रफ्तार के कारण वह वाहन का नंबर नहीं देख सके इसके बाद उन्होंने डायल-112 पर सूचना दी और भिटिया चौराहे पर रुक गए। उनका दावा है कि तीनों संदिग्ध कुछ समय तक वाल्टरगंज रोड की ओर मौजूद रहे लेकिन पुलिस की गाड़ी पहुंचते ही वहां से फरार हो गए।
अधिवक्ता ने हमले के पीछे कई संभावित कारणों का भी उल्लेख किया है उनका कहना है कि वह सामाजिक कार्यों के साथ बौद्ध धर्म के प्रचार-प्रसार से जुड़े रहते हैं जिसके कारण कुछ लोगों में उनके प्रति नाराजगी हो सकती है। इसके अलावा उन्होंने वकालत से जुड़े किसी विवाद को भी संभावित वजह बताया है। अधिवक्ता ने पूर्व में अप्रत्यक्ष धमकियां मिलने का भी दावा किया है।
थाना प्रभारी ने कही एफआईआर दर्ज करने की बात
मामले में जब वाल्टरगंज थाना प्रभारी से बात की गई तो उन्होंने बताया, “मैं तहरीर देखकर एफआईआर दर्ज कर रहा हूं।” पुलिस के अनुसार, मुकदमा दर्ज होने के बाद मामले की जांच की जाएगी और घटना में शामिल लोगों की पहचान के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
अधिवक्ता की सुरक्षा को लेकर उठे सवाल
अधिवक्ता पर सड़क पर कथित हमला किए जाने की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं। अधिवक्ता का कहना है कि सामाजिक कार्यों और अपने पेशे से जुड़े लोगों के साथ इस तरह की घटनाओं को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। ऐसे मामलों में पुलिस द्वारा निष्पक्ष जांच कर आरोपों की सच्चाई सामने लाना और दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई करना आवश्यक है।
फिलहाल पुलिस द्वारा तहरीर के आधार पर एफआईआर दर्ज करने और मामले की जांच की बात कही गई है। जांच के बाद ही हमले की वास्तविक वजह और आरोपियों की पहचान स्पष्ट हो सकेगी।

