
39 वर्षों की दीर्घ शासकीय सेवा पूर्ण होने पर कापर क्लब मलाजखंड में हुआ गरिमामय सम्मान समारोह, अधिकारियों, कर्मचारियों और शिक्षकों ने उत्कृष्ट सेवाओं को किया नमन

दमोह (बालाघाट)। विकास खण्ड अधिकारी एवं प्रथम श्रेणी प्राचार्य कृष्णकुमार (के.के.) पारधी के 39 वर्षों की दीर्घ शासकीय सेवा पूर्ण होने पर कापर क्लब मलाजखंड में उनके सम्मान में भव्य विदाई एवं सम्मान समारोह का आयोजन गरिमामय वातावरण में सम्पन्न हुआ। समारोह में हजारों की संख्या में अधिकारियों, कर्मचारियों, शिक्षकों, शुभचिंतकों एवं परिजनों ने उपस्थित होकर पुष्पगुच्छ, शॉल-श्रीफल एवं स्मृति-चिन्ह भेंट कर उनका आत्मीय सम्मान किया तथा उनके स्वस्थ, सुखद एवं दीर्घायु जीवन की मंगलकामनाएँ व्यक्त कीं।

समारोह में अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) बैहर अर्पित गुप्ता, पूर्व जिला शिक्षा अधिकारी अश्विनी उपाध्याय, सहायक आयुक्त शकुंतला डामोर, संदीपनी विद्यालय बालाघाट के प्राचार्य डॉ. युवराज राहंगडाले, उत्कृष्ट विद्यालय बैहर के प्राचार्य आलोक कुमार चौरे, सहायक परियोजना प्रशासक विमला सैय्याम, विकास खण्ड अधिकारी श्याम बदन बघेल, पूर्व प्राचार्य ललित मिश्रा, मध्यप्रदेश शिक्षक संघ बिरसा के पदाधिकारी एवं सदस्य, जनपद शिक्षा केन्द्र बिरसा, जनपद पंचायत एवं विकास खण्ड कार्यालय के समस्त अधिकारी-कर्मचारी, प्राचार्यगण, शिक्षकगण तथा बड़ी संख्या में समाज के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

अपने संबोधन में अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) अर्पित गुप्ता ने कहा कि कृष्णकुमार पारधी ने अपने सेवाकाल में कर्तव्यनिष्ठा, अनुशासन, प्रशासनिक दक्षता एवं दायित्वों के प्रति समर्पण का परिचय दिया। उन्होंने कहा कि उनकी कार्यशैली और अनुभव से अनेक अधिकारियों एवं कर्मचारियों को प्रेरणा मिली है तथा उनका योगदान लंबे समय तक स्मरणीय रहेगा।
इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि कृष्णकुमार पारधी ने अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा और जिम्मेदारी के साथ किया। उनका सरल, सहज एवं मिलनसार व्यक्तित्व सदैव सहयोग और सकारात्मक कार्य संस्कृति का परिचायक रहा। उन्होंने प्रशासनिक एवं शैक्षणिक दायित्वों के निर्वहन में सभी के साथ समन्वय बनाकर कार्य किया, जिससे वे सहकर्मियों के बीच सम्मानित रहे।

मध्यप्रदेश शिक्षक संघ की ओर से आभार व्यक्त करते हुए हेमेंद्र नेवारे ने कहा कि कृष्णकुमार पारधी की सेवाएं, कार्यनिष्ठा एवं मानवीय व्यवहार सदैव स्मरणीय रहेंगे। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि उनका अनुभव और मार्गदर्शन भविष्य में भी समाज एवं शिक्षा जगत के लिए उपयोगी सिद्ध होगा।
विदाई समारोह के दौरान वातावरण भावुक हो उठा। उपस्थित अधिकारियों, कर्मचारियों एवं शिक्षकों ने उनके सम्मान में शुभकामनाएँ व्यक्त करते हुए उनके स्वस्थ, सुखद एवं सक्रिय जीवन की कामना की। वक्ताओं ने कहा कि सेवानिवृत्ति सेवा का एक पड़ाव है, जबकि अनुभव, व्यक्तित्व और समाज के प्रति योगदान का सफर निरंतर जारी रहता है।
कार्यक्रम का प्रभावी एवं गरिमामय संचालन जनशिक्षक बिरसा नरेन्द्र राहंगडाले ने किया। समारोह में सेवानिवृत्त कृष्णकुमार (के.के.) पारधी अपनी धर्मपत्नी एवं परिवार सहित उपस्थित रहे। पूरे कार्यक्रम के दौरान आत्मीयता, सम्मान और भावनाओं का अनूठा संगम देखने को मिला।
संयुक्त प्रेस विज्ञप्ति एस.आर. उके एवं प्रहलाद पटले द्वारा जारी की गई।

