मूकनायक/रिपोर्टर इंद्रसेन गौतम बस्ती/ उत्तर प्रदेश
बस्ती। विकास खंड बहादुरपुर की ग्राम पंचायत बेईली में मनरेगा के तहत अमिलाहा ताल तक नाला खुदाई कार्य को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। मस्टर रोल में दर्ज 91 मजदूरों की ऑनलाइन हाजिरी और कार्यस्थल की वास्तविक स्थिति को लेकर जांच शुरू हो गई है। मामले ने अब भ्रष्टाचार और फर्जी उपस्थिति के गंभीर आरोपों का रूप ले लिया है।
मीडिया की पड़ताल में सामने आया कि सरकारी अभिलेखों के अनुसार 23 जुलाई 2026 तक प्रतिदिन 91 मजदूरों की उपस्थिति दर्ज थी। इसके बाद वर्तमान में 40 मजदूरों का मस्टर रोल संचालित दिखाया गया। हालांकि, लगभग एक सप्ताह तक जीपीएस लोकेशन के साथ किए गए निरीक्षण में मौके पर न तो नाला खुदाई का कार्य होता मिला और न ही कोई मजदूर कार्य करता दिखाई दिया। जिस स्थान पर खुदाई का दावा किया गया, वहां दोनों ओर धान की फसल खड़ी मिली।
समाचार प्रकाशित होने के बाद जिला समन्वयक (डीसी) मनरेगा ने मामले का संज्ञान लेते हुए जांच टीम गठित कर निष्पक्ष जांच कराने का आश्वासन दिया।
इस बीच आरोप है कि जांच की सूचना मिलने के बाद ग्राम प्रधान शेर मोहम्मद ने कार्यस्थल पर घास नष्ट करने वाली दवा का छिड़काव कराया, ताकि स्थल को कार्यशील दिखाया जा सके और अधिकारियों को वास्तविक स्थिति से भ्रमित किया जा सके। वहीं, प्रधान की ओर से अपने पक्ष में समाचार प्रकाशित कराए जाने का भी आरोप लगाया गया, लेकिन मौके पर कोई मजदूर कार्य करता नहीं मिला।
पूरे मामले का सबसे महत्वपूर्ण पहलू मस्टर रोल में दर्ज 91 मजदूरों और वर्तमान में दर्ज 40 मजदूरों की वास्तविक उपस्थिति है। जांच टीम यह सत्यापित करेगी कि जिन मजदूरों के नाम पर ऑनलाइन हाजिरी दर्ज की गई, क्या वे वास्तव में कार्यस्थल पर मौजूद थे और उन्होंने कार्य किया था या नहीं।
सूत्रों के अनुसार, मस्टर रोल में दर्ज कुछ मजदूर रोजगार के लिए अन्य शहरों में हैं, जबकि उनके नाम पर भी हाजिरी दर्ज किए जाने की बात सामने आ रही है। यदि जांच में यह आरोप सही पाए जाते हैं, तो मनरेगा कार्यों में फर्जीवाड़े और सरकारी धन के दुरुपयोग का मामला उजागर हो सकता है।
अब सभी की निगाहें जांच टीम की रिपोर्ट पर टिकी हैं। उम्मीद की जा रही है कि मस्टर रोल, मजदूरों की उपस्थिति और कार्यस्थल की वास्तविक स्थिति की निष्पक्ष जांच से पूरे मामले की सच्चाई सामने आएगी। साथ ही, यदि किसी स्तर पर अनियमितता या मिलीभगत पाई जाती है तो संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई भी हो सकती है।

