“जिसके दिल में देश के लिए जुनून हो,
उसके कदमों को मंज़िल से कौन रोक सकता है।”
मूकनायक/
रहमतूनिशा
मोदीनगर/ गाजियाबाद/ उत्तर प्रदेश
भारत माता के वीर सपूत, महान स्वतंत्रता सेनानी और आज़ाद हिंद फौज के महानायक नेताजी सुभाष चंद्र बोस का नाम भारतीय इतिहास में साहस, त्याग और अदम्य देशभक्ति के स्वर्णिम अक्षरों में लिखा गया है।
नेताजी का जीवन केवल एक व्यक्ति की कहानी नहीं, बल्कि भारत की आज़ादी के लिए किए गए संघर्ष, बलिदान और संकल्प की प्रेरणादायक गाथा है। उन्होंने अंग्रेज़ी हुकूमत के सामने झुकने के बजाय स्वतंत्र भारत का सपना देखा और उसे साकार करने के लिए अपना पूरा जीवन राष्ट्र को समर्पित कर दिया।
उनका अमर उद्घोष—“तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आज़ादी दूँगा”—आज भी देशवासियों के भीतर देशभक्ति की भावना जगाता है। उन्होंने आज़ाद हिंद फौज का नेतृत्व करते हुए भारत की स्वतंत्रता के लिए संघर्ष किया और लाखों भारतीयों में साहस तथा आत्मविश्वास का संचार किया।
नेताजी का जीवन हमें सिखाता है कि देशप्रेम केवल शब्दों में नहीं, बल्कि त्याग, कर्म और दृढ़ संकल्प में दिखाई देता है। उनका संघर्ष आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव प्रेरणा का स्रोत रहेगा।
18 तारीख को महान राष्ट्रनायक नेताजी सुभाष चंद्र बोस की पुण्य स्मृति को नमन करते हुए—
कोटि-कोटि नमन एवं विनम्र श्रद्धांजलि।
उनकी वीरता अमर रहे,
उनका संघर्ष अमर रहे,
उनकी देशभक्ति अमर रहे।

