
प्रोजेक्ट ‘सहारा’ के तहत 1739 दिव्यांगजनों को 3.58 करोड़ रुपये के सहायक उपकरण वितरित, बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम के जीर्णोद्धार के लिए 7 करोड़ रुपये की घोषणा

रायपुर, 3 अगस्त 2026। राजधानी रायपुर स्थित सरदार बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में आयोजित प्रोजेक्ट ‘सहारा’ के अंतर्गत दिव्यांगजन सहायक उपकरण वितरण कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि किसी भी संवेदनशील और विकसित समाज की पहचान इस बात से होती है कि वहां प्रत्येक व्यक्ति को समान अवसर, सम्मान और आगे बढ़ने का अधिकार मिले। उन्होंने कहा कि दिव्यांगजन समाज का अभिन्न हिस्सा हैं और उनके सामाजिक, शैक्षणिक तथा आर्थिक सशक्तीकरण के लिए राज्य सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘दिव्यांग’ शब्द देकर सम्मान और आत्मगौरव का नया भाव दिया है। यह केवल शब्दों का परिवर्तन नहीं, बल्कि समाज की सोच और दृष्टिकोण में सकारात्मक बदलाव का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ के मंत्र को आत्मसात करते हुए राज्य सरकार दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम के जीर्णोद्धार, मरम्मत एवं सौंदर्यीकरण के लिए 7 करोड़ रुपये प्रदान करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि मजबूत खेल अधोसंरचना खिलाड़ियों के साथ-साथ सामाजिक और जनहितकारी आयोजनों के लिए भी आवश्यक है।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने मोटराइज्ड ट्राई साइकिल, ट्राई साइकिल, व्हीलचेयर, हियरिंग एड, कृत्रिम हाथ-पैर, वैशाखी, वॉकिंग स्टिक सहित विभिन्न आधुनिक सहायक उपकरण दिव्यांगजनों को वितरित किए। उन्होंने कहा कि ये उपकरण केवल सहायता सामग्री नहीं, बल्कि आत्मसम्मान, आत्मविश्वास और स्वावलंबन की नई शुरुआत हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि रायपुर जिले में विशेष अभियान चलाकर 1600 से अधिक दिव्यांगजनों की पहचान की गई। इस पहल के लिए भारत सरकार से 3 करोड़ 58 लाख रुपये की सहायता प्राप्त हुई। प्रोजेक्ट ‘सहारा’ के तहत पहले 500 से 600 हितग्राहियों को उपकरण वितरित किए जा चुके हैं, जबकि इस कार्यक्रम में 1000 से अधिक दिव्यांगजनों को उपकरण प्रदान किए गए। इस प्रकार कुल 1739 दिव्यांगजन इस परियोजना से लाभान्वित हुए हैं।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सहायक उपकरण वितरण, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, शिक्षा एवं रोजगार में आरक्षण, कौशल विकास और पुनर्वास जैसी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन कर रही है, ताकि कोई भी पात्र दिव्यांगजन शासन की सुविधाओं से वंचित न रहे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले ढाई वर्षों में सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना, महतारी वंदन योजना, रामलला दर्शन योजना और मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना सहित अधिकांश जनकल्याणकारी संकल्पों को धरातल पर उतारा है। महतारी वंदन योजना के तहत लगभग 70 लाख महिलाओं को अब तक 18 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि सीधे उनके बैंक खातों में हस्तांतरित की जा चुकी है।
उन्होंने बताया कि ‘सेवा सेतु’ एप के माध्यम से 36 विभागों की 500 से अधिक सेवाएं घर बैठे उपलब्ध कराई जा रही हैं। वहीं मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 के जरिए नागरिक सप्ताह के सातों दिन चौबीसों घंटे शिकायत दर्ज कर समयबद्ध समाधान प्राप्त कर सकते हैं।
मुख्यमंत्री ने रायपुर जिला प्रशासन के प्रोजेक्ट धड़कन, सुरक्षा, रेडक्रॉस, दधीचि, जिंदगी मुस्कुराएगी, निःक्षय मित्र, वंदन और गोल्डन आवर सहित विभिन्न नवाचारों की सराहना करते हुए कहा कि प्रोजेक्ट ‘सहारा’ दिव्यांगजनों के जीवन में नई आशा, नई सुविधा और नया आत्मविश्वास लेकर आया है। इस दौरान उन्होंने प्रोजेक्ट ‘सरल’ एवं प्रोजेक्ट ‘गोल्डन आवर’ का शुभारंभ तथा “नवाचार से प्रगति पथ पर अग्रसर रायपुर” कॉफी टेबल बुक का विमोचन भी किया।
राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा ने कहा कि प्रोजेक्ट ‘सहारा’ दिव्यांगजनों के जीवन को अधिक सुगम और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। तकनीकी शिक्षा मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि यह अभियान आत्मसम्मान, स्वावलंबन और सामाजिक समावेशन को बढ़ावा देने वाला प्रयास है तथा आईटीआई एवं पॉलिटेक्निक संस्थानों के माध्यम से दिव्यांगजनों को कौशल प्रशिक्षण भी उपलब्ध कराया जा रहा है।
कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने विभिन्न विभागों के स्टॉलों का अवलोकन कर हितग्राहियों से संवाद किया और अधिकारियों को निर्देश दिए कि शासन की सभी जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पारदर्शिता एवं संवेदनशीलता के साथ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना सुनिश्चित किया जाए।

