Tuesday, September 29, 2026
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छत्तीसगढ़ी जनजातीय कला को मिलेगा व्यापक बाजार, 21 अगस्त को धमतरी में लगेगा जनजातीय कारीगर एम्पैनलमेंट मेला

ट्राइफेड और जिला प्रशासन की संयुक्त पहल, कारीगरों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ने का प्रयास

रायपुर, 4 अगस्त 2026। जनजातीय कारीगरों, हस्तशिल्पियों एवं वनोपज संग्राहकों को व्यापक बाजार उपलब्ध कराने तथा उनकी पारंपरिक कला को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से धमतरी जिले में 21 अगस्त 2026 को जनजातीय कारीगर सूचीबद्ध (एम्पैनलमेंट) मेले का आयोजन किया जाएगा। यह आयोजन भारत सरकार के जनजातीय कार्य मंत्रालय के अधीन संचालित ट्राइफेड (TRIFED) एवं जिला प्रशासन धमतरी के संयुक्त तत्वावधान में होगा।

मेले का उद्देश्य जिले के दूरस्थ क्षेत्रों के जनजातीय कारीगरों, स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी), वन धन विकास केंद्रों (वीडीवीके) तथा किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) को ट्राइफेड नेटवर्क से जोड़कर उनके उत्पादों के लिए बड़े बाजार उपलब्ध कराना है।

ट्राइफेड से जुड़ने पर मिलेगा बड़े बाजार का अवसर

ट्राइफेड से सूचीबद्ध होने के बाद पंजीकृत कारीगरों के उत्पाद देशभर में संचालित ‘Tribes India’ आउटलेट्स के माध्यम से बिक्री के लिए उपलब्ध कराए जाएंगे। साथ ही कारीगरों को राष्ट्रीय स्तर के व्यापार मेलों एवं अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनियों में अपने उत्पादों के प्रदर्शन का अवसर भी मिलेगा।

ट्राइफेड के विशेषज्ञ कारीगरों को उत्पादों की गुणवत्ता, पैकेजिंग एवं ब्रांडिंग का प्रशिक्षण भी देंगे, ताकि उन्हें अपने उत्पादों का बेहतर मूल्य प्राप्त हो सके।

इन उत्पादों के कारीगर ले सकेंगे भाग

मेले में हाथ से बने पारंपरिक परिधान एवं कलाकृतियां, ढोकरा आर्ट, धातु शिल्प, बांस एवं बेंत के उत्पाद, प्राकृतिक जड़ी-बूटियां, जैविक खाद्य पदार्थ एवं शहद, पारंपरिक जनजातीय पेंटिंग्स, मण्मूर्ति कला, जनजातीय आभूषण तथा हस्तनिर्मित सजावटी वस्तुओं से जुड़े कारीगर भाग ले सकेंगे।

कारीगरों से अधिकाधिक भागीदारी की अपील

जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने जिले के सभी जनजातीय उद्यमियों एवं कारीगरों से मेले में अधिक से अधिक संख्या में भाग लेने की अपील की है। उन्होंने कहा कि यह आयोजन ‘वोकल फॉर लोकल’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ की भावना को मजबूत करने के साथ स्थानीय कला के संरक्षण तथा जनजातीय समुदायों की आय बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।

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