Tuesday, September 29, 2026
HomeUncategorized"सेवा ही सबसे बड़ा धर्म": स्वैच्छिकता पर्व में सामाजिक परिवर्तन का संकल्प,...

“सेवा ही सबसे बड़ा धर्म”: स्वैच्छिकता पर्व में सामाजिक परिवर्तन का संकल्प, उत्कृष्ट स्वयंसेवकों का सम्मान

जन अभियान परिषद के स्थापना दिवस पखवाड़ा के तहत जिला स्तरीय कार्यक्रम में सेवा, पर्यावरण संरक्षण और जनसहभागिता पर दिया गया जोर

संवाददाता – सत्यशील गोंडाने, बालाघाट

बालाघाट। मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद के स्थापना दिवस पखवाड़ा के अंतर्गत शुक्रवार को आयोजित जिला स्तरीय स्वैच्छिकता पर्व में सेवा, समर्पण और जनसहभागिता का प्रेरक संदेश दिया गया। शासकीय जटाशंकर त्रिवेदी स्नातकोत्तर महाविद्यालय के सभागार में आयोजित कार्यक्रम में समाजहित, पर्यावरण संरक्षण, जल संवर्धन और स्वैच्छिक सेवा को जनआंदोलन बनाने का आह्वान किया गया।

मुख्य अतिथि राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग के सदस्य भगतसिंह नेताम ने कहा कि देश और समाज का विकास केवल शासन की योजनाओं से नहीं, बल्कि युवाओं, स्वयंसेवकों और सामाजिक संगठनों की सक्रिय भागीदारी से संभव है। उन्होंने युवाओं से समाज सेवा को जीवन का उद्देश्य बनाकर सेवा और समर्पण की भावना से कार्य करने का आह्वान किया।

राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग की सदस्य मौसम बिसेन ने कहा कि स्वैच्छिकता केवल सेवा का माध्यम नहीं, बल्कि सामाजिक उत्तरदायित्व निभाने का सशक्त अभियान है। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता, जल संरक्षण और जनकल्याणकारी गतिविधियों में अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने पर बल दिया।

कार्यक्रम में राज्य सलाहकार नीति निर्धारण जन अभियान परिषद भोपाल के शिवनारायण पटेल, जनपद पंचायत वारासिवनी की अध्यक्ष माया उइके, संभाग समन्वयक रविप्रसाद बर्मन तथा शासकीय जटाशंकर त्रिवेदी स्नातकोत्तर महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. अशोक मराठे सहित विभिन्न जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे।

जिला समन्वयक महेश पटले ने परिषद की स्थापना दिवस पखवाड़ा गतिविधियों की जानकारी देते हुए बताया कि 4 जुलाई से 12 अगस्त 2026 तक पूरे प्रदेश में स्वैच्छिकता पर्व मनाया जा रहा है। इसके तहत सामाजिक जागरूकता, पर्यावरण संरक्षण, जनसहभागिता और सेवा से जुड़े विविध कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।

शिवनारायण पटेल ने कहा कि परिषद से जुड़े स्वयंसेवी संगठन ग्रामीण क्षेत्रों में सराहनीय कार्य कर रहे हैं और इन गतिविधियों को गांव-गांव तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने की आवश्यकता है। वहीं संभाग समन्वयक रविप्रसाद बर्मन ने मुख्यमंत्री सामुदायिक नेतृत्व क्षमता विकास कार्यक्रम (CMCLDP), ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान, स्वैच्छिकता पर्व तथा नवांकुर सखी कार्यक्रम सहित परिषद की विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी।

जनपद पंचायत वारासिवनी की अध्यक्ष माया उइके ने गौ संरक्षण, जैविक खेती और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण को ग्रामीण विकास का आधार बताते हुए किसानों से जैविक कृषि अपनाने का आग्रह किया।

कार्यक्रम में उपस्थित सभी प्रतिभागियों ने स्वैच्छिक सेवा का संकल्प लिया। साथ ही ‘जल गंगा संवर्धन अभियान-2’ में उत्कृष्ट कार्य करने वाली नवांकुर संस्थाओं, सीएमसीएलडीपी मेंटर्स एवं विद्यार्थियों, सीएम इंटर्न तथा प्रस्फुटन समितियों के पदाधिकारियों को प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम में जिले के सभी विकासखंडों से आए विकासखंड समन्वयक, नवांकुर संस्थाओं के पदाधिकारी, प्रस्फुटन समिति के सदस्य, सीएमसीएलडीपी मेंटर्स, कार्यालयीन कर्मचारी, स्वयंसेवक एवं सामाजिक कार्यकर्ता बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन अजय ठाकुर ने किया, जबकि अंत में जिला समन्वयक महेश पटले ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया।

स्वैच्छिकता पर्व का यह आयोजन समाज में सेवा, जनसहभागिता और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ।

- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments