
नोटिस, वेतन कटौती और एक सप्ताह की अंतिम चेतावनी, लंबित शिकायतों के समयबद्ध निराकरण के दिए सख्त निर्देश
मूकनायक समाचार/ सत्यशील गोंडाने/ बालाघाट
बालाघाट। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में लंबित शिकायतों के निराकरण में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ कलेक्टर मृणाल मीना ने मंगलवार को सख्त रुख अपनाया। कृषि, स्वास्थ्य और खाद्य आपूर्ति विभाग की लंबित शिकायतों की समीक्षा बैठक में उन्होंने स्पष्ट कहा कि शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता वाली शिकायतों में किसी भी प्रकार की ढिलाई अब स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने, वेतन कटौती करने तथा शेष शिकायतों का एक सप्ताह के भीतर गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

समीक्षा बैठक के दौरान चार शिकायतों का तत्काल निराकरण कर उन्हें बंद कराया गया, जबकि शेष सभी प्रकरणों को सात दिनों के भीतर निपटाने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने पोर्टल पर गलत, अधूरी अथवा भ्रामक जानकारी दर्ज करने वाले अधिकारियों पर भी नाराजगी जताते हुए उनके विरुद्ध कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।

प्रसूति सहायता और नसबंदी मुआवजा मामलों की समीक्षा
स्वास्थ्य विभाग से संबंधित 200 दिनों से अधिक समय से लंबित सात शिकायतों की समीक्षा के दौरान परसवाड़ा के ग्राम डोंगरिया की सुकवंती मरकाम, लालबर्रा के नंदकिशोर देवाहे तथा वारासिवनी के ग्राम कोचेवाही की मोनिका द्वारा नसबंदी ऑपरेशन असफल होने पर मुआवजे की मांग से जुड़े मामलों पर चर्चा हुई। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. परेश उपलप ने बताया कि सुकवंती मरकाम और नंदकिशोर देवाहे के मामलों में मुआवजा स्वीकृत हो चुका है तथा शासन से राशि प्राप्त होते ही उनके खातों में जमा कर दी जाएगी। वहीं मोनिका का प्रकरण पात्रता के अभाव में स्वीकृत नहीं किया जा सकता।
संबल योजना की राशि नहीं मिलने पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश
महकेपार की उषा काड़ेकर, आरती उइके, किरनापुर के बोरगांव की विनीता मर्सकोले तथा बालाघाट के डालीराम लिल्हारे द्वारा संबल योजना के अंतर्गत मिलने वाली 16 हजार रुपये की प्रसूति सहायता राशि नहीं मिलने की शिकायत पर कलेक्टर ने तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गर्भवती महिलाओं के पंजीयन के समय ही संबल कार्ड की पात्रता का सत्यापन सुनिश्चित किया जाए, ताकि पात्र हितग्राहियों को समय पर सहायता मिल सके।
फसल बीमा भुगतान में देरी पर जताई नाराजगी
कृषि विभाग की समीक्षा के दौरान तिरोड़ी के राजेंद्र, कोहका के ओमकार, खैरलांजी की रामरी तथा ग्राम दिघोरी के मोहम्मद खालिक द्वारा फसल बीमा राशि नहीं मिलने की शिकायतों पर भी चर्चा की गई। अधिकारियों ने बताया कि भुगतान बीमा कंपनी द्वारा किया जाना है। इस पर कलेक्टर ने निर्देश दिए कि किसानों को बीमा कंपनी से समन्वय स्थापित कर भुगतान की स्थिति एवं संभावित समयसीमा की स्पष्ट जानकारी उपलब्ध कराई जाए।
216 दिन लंबित शिकायत पर अधिकारियों को नोटिस
वारासिवनी तहसील के ग्राम नरोड़ी की हेमलता चौधरी द्वारा मुख्यमंत्री कृषक जीवन कल्याण योजना के अंतर्गत आर्थिक सहायता नहीं मिलने की 216 दिनों से लंबित शिकायत की समीक्षा में गंभीर लापरवाही सामने आई। जांच में पाया गया कि कृषि विभाग द्वारा प्रकरण समय पर एसडीएम कार्यालय नहीं भेजा गया, जिससे शिकायत अनावश्यक रूप से लंबित रही। इस पर कलेक्टर ने संबंधित एल-1 अधिकारी तथा उप संचालक कृषि को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।
उज्ज्वला योजना में देरी पर वेतन कटौती
प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत नए गैस कनेक्शन नहीं मिलने संबंधी 350 दिनों से अधिक समय से लंबित पांच शिकायतों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने खाद्य आपूर्ति विभाग एवं गैस एजेंसियों को तत्काल निराकरण के निर्देश दिए। लापरवाही पाए जाने पर कटंगी के कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी का दो दिन का वेतन काटने के आदेश भी जारी किए गए।
समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निराकरण पर जोर
बैठक के अंत में कलेक्टर मृणाल मीना ने कहा कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन की शिकायतों का समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण और संतोषजनक निराकरण शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने सभी विभागों को निर्देश दिए कि शिकायतों का समाधान केवल औपचारिकता के रूप में नहीं, बल्कि वास्तविक रूप से किया जाए, ताकि आम नागरिकों को समय पर न्याय और शासन की योजनाओं का लाभ मिल सके। साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि भविष्य में किसी भी स्तर पर लापरवाही या उदासीनता पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कठोर प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।

